अतीक अहमद के बेटे ने सीएम योगी से लगाई गुहार - मुख्यमंत्री जी बचा लीजिए:जो होना था, वो हो गया; रास्ते में पानी तक नहीं दिया, नैनी से झांसी जेल शिफ्ट

प्रयागराज जेल से झांसी कारागार शिफ्ट किए जाने पर अली अहमद ने मीडिया से कहा कि अब उसे अनावश्यक रूप से न सताया जाए. उन्होंने बताया कि पहले ही उन्हें अकेले रखा गया था और नगद मिलने का मामला गलत ढंग से पेश किया जा रहा है. जून 2025 में बैरक से 1100 रुपये मिलने पर जेलकर्मियों पर कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से उनका ट्रांसफर किया गया.

अतीक अहमद के बेटे ने सीएम योगी से लगाई गुहार - मुख्यमंत्री जी बचा लीजिए:जो होना था, वो हो गया; रास्ते में पानी तक नहीं दिया, नैनी से झांसी जेल शिफ्ट

झांसी जेल पहुंचने पर अली अहमद ने गिड़गिड़ाते हुए कहा- मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि अब और न सताया जाए. जो हो गया वो हो गया. मुख्यमंत्री जी बचा लें.

प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद का बेटा अली अहमद बुधवार सुबह नैनी सेंट्रल जेल से झांसी जेल शिफ्ट कर दिया गया. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह-सुबह तड़के 4 बजे डॉक्टरों की टीम ने मेडिकल जांच की. फिर प्रिजन वैन से अली को नैनी जेल से निकाला गया. अतीक के बेटे की जेल बदली शासन के आदेश पर की गई है.

भारी सुरक्षा में हुआ ट्रांसफर

अली अहमद को शिफ्ट करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए. चार ऑरटी (ORT) और एक सेक्शन PAC के लगभग 20 जवान उसके साथ भेजे गए थे. जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह के अनुसार अली का ट्रांसफर शासन के निर्देश पर किया गया है. वह 30 जुलाई 2022 को कोर्ट में सरेंडर करने के बाद से नैनी जेल में बंद था. उस पर प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप है.

बैरक से कैश बरामद, मचा बवाल

17 जून 2025 को अली की बैरक से कैश बरामद हुआ था. हालांकि, बरामद कैश की सटीक रकम सामने नहीं आ सकी. इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था और तत्काल प्रभाव से डिप्टी जेलर कांति देवी और एक हेड वार्डर को निलंबित कर दिया गया था. घटना के बाद अली को नैनी जेल की हाई सिक्योरिटी ‘फांसी घर’ सेल में शिफ्ट कर दिया गया. इस सेल में निगरानी और सुरक्षा बेहद सख्त रहती है. यहां तक कि लखनऊ स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी

क्या बोला अली

अली ने अपनी जान को खतरा बताया। कहा, ये मेरा अल्लाह जानता है कि यहां सुरक्षित रहेंगे कि नहीं? मुख्यमंत्रीजी से यही कहना है कि जो होना था, वो हो गया। लेकिन सरकार के नाम पर कुछ लोग मुझे अन्यथा परेशान कर रहे हैं, उनसे हमें बचा लीजिए। मुझे बेवजह सताया जा रहा है। मुझे रास्ते में पानी पीने तक नहीं दिया गया।

प्रयागराज में 24 फरवरी, 2023 को उमेश पाल की हत्या के बाद सीएम योगी ने विधानसभा में कहा था कि माफिया को मिट्‌टी में मिला देंगे। 15 अप्रैल, 2023 को प्रयागराज के अस्पताल में मेडिकल के लिए ले जाते वक्त अली के पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ की हत्या कर दी गई थी। अली की मां शाइस्ता परवीन फरार है। भाई का भी एनकाउंटर हो चुका है।

सीसीटीवी में कैश देते हुए पकड़ा गया

कैश बरामदगी के बाद कुछ ही दिन पहले अली अहमद CCTV कैमरे में वार्डर को कैश देते हुए पकड़ा गया. यह घटना उसके खिलाफ बड़ा सबूत बनी और उसके ट्रांसफर का मुख्य कारण भी मानी जा रही है. हालांकि, बता दें नैनी जेल का ‘फांसी घर’ अब खंडहर में तब्दील हो चुका है, लेकिन इस हिस्से का उपयोग हाई प्रोफाइल कैदियों और उपद्रव करने वाले बंदियों को रखने के लिए किया जाता है. इस सेल में कड़ी निगरानी रहती है. बैरक के अंदर और बाहर CCTV कैमरे लगे हैं, और बाहर चार सुरक्षाकर्मी व नंबरदार लगातार ड्यूटी पर रहते हैं.

इस ‘फांसी घर’ में कभी मौत की सजा पाए कैदियों को रखा जाता था. वर्ष 1970 तक यहां फांसी दी जाती थी और अब तक 14 कैदियों को इसी जगह फांसी दी गई है. हालांकि, फांसी की सजा पर रोक लगने के बाद यह हिस्सा विरान पड़ा था, लेकिन अली अहमद जैसे अहम कैदियों को हाई सिक्योरिटी कारणों से यहां बंद किया जाता है.