सदन में सीएम का बड़ा ऐलान; बोले- उड़द के उत्पादन पर फोकस,MP सरकार अब सरसों पर देगी भावांतर

मुख्यमंत्री ने कहा- मूंग की बजाय उड़द पर बोनस देने का काम भी मध्य प्रदेश सरकार कर रही है। 600 रुपए प्रति किसान प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला हमारी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि मूंग की बजाय उड़द के उत्पादन पर हमारा फोकस है। इसीलिए बोनस देने का फैसला किया है। चना, मसूर, तुअर का उत्पादन करने का भी प्रस्ताव हमने भारत सरकार को भेजा है। चना और मसूर के उपार्जन के लिए 24 मार्च से 30 मई तक का समय तय किया गया है

सदन में सीएम का बड़ा ऐलान; बोले- उड़द के उत्पादन पर फोकस,MP सरकार अब सरसों पर देगी भावांतर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सदन के अंदर ऐलान किया है कि सरकार अब सरसों पर भी भावांतर देगी।

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज छठवां दिन है। इस दौरान सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने का फैसला लिया है, जिससे किसानों को न्यूनतम मूल्य का लाभ मिल सके और बाजार भाव कम होने की स्थिति में उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।

सीएम ने ये भी कहा कि मूंग की बजाय उड़द के उत्पादन पर हमारा फोकस है इसीलिए बोनस देने का फैसला किया है। सरकार किसान को ऊर्जा दाता बनाने के लिए भी संकल्पित है।

कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने इंडिया-यूएस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के विरोध में विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ विधायक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखौटे पहनकर विरोध जताते नजर आए।

विपक्ष ने पूछा- लाड़ली बहना के लिए रजिस्ट्रेशन कब से होंगे

लाड़ली बहना योजना के नए पंजीयन को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सवाल उठाया कि योजना के तहत पात्र नई बहनों का पंजीयन कब शुरू होगा, इस बारे में सरकार कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है।

इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री तो सही जवाब दे रहे हैं, लेकिन पहले यह बताया जाए कि कांग्रेस नेता जीतू पटवारी बहनों से क्या कह रहे हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि जो महिलाएं 60 वर्ष की आयु पूरी कर लेती हैं, उन्हें पात्रता के आधार पर अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए पंजीयन की कोई समय सीमा अभी बताना संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पर कहा- मंत्री ने सही जवाब दिया है। कांग्रेस के लोग कहते थे कि यह योजना सिर्फ चुनाव तक है, जबकि असलियत यह है कि ढाई साल बाद भी यह योजना जारी है। हमने घोषणा पत्र में कहा है कि 5 साल के अंदर ₹3000 देंगे तो हम उसका पालन करेंगे।

सीएम बोले-सरकार सरसों फसल पर भी भावांतर देगी

मुख्यमंत्री ने कहा- मूंग की बजाय उड़द पर बोनस देने का काम भी मध्य प्रदेश सरकार कर रही है। 600 रुपए प्रति किसान प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला हमारी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि मूंग की बजाय उड़द के उत्पादन पर हमारा फोकस है। इसीलिए बोनस देने का फैसला किया है। चना, मसूर, तुअर का उत्पादन करने का भी प्रस्ताव हमने भारत सरकार को भेजा है। चना और मसूर के उपार्जन के लिए 24 मार्च से 30 मई तक का समय तय किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। सरसों के उत्पादन को भावांतर योजना के निर्धारित प्रावधानों और पात्रता के अनुसार शामिल करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया-सरकार ने सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को न्यूनतम मूल्य का लाभ मिल सके और बाजार भाव कम होने की स्थिति में उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।