MLA रेस्ट हाउस के बाहर आधी रात हंगामा, विधायक पुत्र की शिकायत पर गिरफ्तारी, दूसरे पक्ष ने पुलिस पर उठाए सवाल

भोपाल के एमएलए रेस्ट हाउस में कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर से मारपीट हुई, जिसमें चार आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं। हालांकि, आरोपितों के परिजनों ने पुलिस पर थर्ड डिग्री देने और विधायक पुत्र के दोस्तों पर पहले मारपीट करने का आरोप लगाया है।

MLA रेस्ट हाउस के बाहर आधी रात हंगामा, विधायक पुत्र की शिकायत पर गिरफ्तारी, दूसरे पक्ष ने पुलिस पर उठाए सवाल

रेस्ट हाउस परिसर में कार की टक्कर के बाद युवकों में विवाद।

इसमें विधायक पुत्र कूदे तो बढ़ा विवाद - दूसरे पक्ष का आरोप।

बाद में विधायक पुत्र व साथियों ने थाने में घुसकर की मारपीट।

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित विधायक विश्राम गृह (एमएलए रेस्ट हाउस) के बाहर बुधवार देर रात एक मामूली सड़क दुर्घटना ने देखते ही देखते हिंसक विवाद का रूप ले लिया। कार की हल्की टक्कर के बाद शुरू हुई कहासुनी मारपीट तक पहुंच गई। इस मामले में कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर की शिकायत पर पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरी ओर आरोपियों के परिवार ने विधायक पुत्र और उनके साथियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस के अनुसार, घटना देर रात अरेरा हिल्स स्थित विधायक विश्राम गृह के बाहर हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यादवपुरा निवासी रोहन यादव अपने ममेरे भाई हनी के साथ कार से एमएलए रेस्ट हाउस पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी कार वहां खड़ी दूसरी कार से हल्के से टकरा गई। मामूली टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो कुछ ही देर में गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई।

घटना के बाद कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के पुत्र देवराज सिंह गुर्जर ने अरेरा हिल्स थाने में शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि घटना के समय वह अपने आवास की बालकनी में मौजूद थे। उनके अनुसार, कुछ युवक एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर कथित रूप से शराब पीकर हंगामा कर रहे थे। जब उन्हें वहां से हटने के लिए कहा गया तो उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और गाली-गलौज शुरू कर दी। देवराज सिंह गुर्जर का आरोप है कि युवकों ने उनके साथ छीना-झपटी का भी प्रयास किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति बन गई।

देवराज सिंह गुर्जर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार युवकों के खिलाफ मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा पांच अन्य युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

हालांकि इस मामले में दूसरा पक्ष पूरी तरह अलग कहानी सामने रख रहा है। गिरफ्तार युवकों की मां उषा यादव का आरोप है कि उनके बेटों के साथ न केवल घटनास्थल पर मारपीट की गई बल्कि पुलिस थाने के अंदर भी उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उनका कहना है कि पुलिस सभी युवकों को थाने लेकर गई, जहां विधायक पुत्र देवराज सिंह गुर्जर और उनके साथियों ने कथित रूप से बेल्ट से उनके बेटों की पिटाई की।

उषा यादव का दावा है कि इस घटना में उनके तीन सगे बेटे घायल हुए हैं। उनका आरोप है कि परिवार की शिकायत पर पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटनास्थल और थाने के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

घटना के बाद मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा है, क्योंकि इसमें एक विधायक के बेटे का नाम सामने आया है। ऐसे में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। एक ओर विधायक पुत्र का कहना है कि युवकों ने शराब के नशे में हंगामा किया और अभद्र व्यवहार किया, वहीं दूसरी ओर आरोपियों का परिवार पुलिस कार्रवाई और थाने में कथित मारपीट पर सवाल उठा रहा है।

अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया कि पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा थाने में उपलब्ध सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की भी जांच की जाएगी, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। यदि जांच में किसी भी पक्ष के आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मामूली सड़क दुर्घटनाएं किस तरह कुछ ही मिनटों में हिंसक विवाद का रूप ले लेती हैं। यदि दोनों पक्ष संयम बरतते तो शायद मामला पुलिस और अदालत तक नहीं पहुंचता। अब पूरे मामले की सच्चाई सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। दोनों पक्षों के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।