अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण का केस दर्ज होगा:यौन शोषण के मामले में कोर्ट ने दिया आदेश

प्रयागराज की एडीजे रेप एवं पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं. अर्जी आशुतोष ब्रह्मचारी ने धारा 173(4) के तहत दाखिल की थी. दोनों नाबालिगों के बयान भी अदालत में दर्ज हुए थे. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को फर्जी बताते हुए कहा कि सच्चाई सामने आएगी और वह कानूनी रूप से मामले का सामना करेंगे.

अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण का केस दर्ज होगा:यौन शोषण के मामले में कोर्ट ने दिया आदेश

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण की FIR दर्ज करने के आदेश शनिवार को प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने दिए।

प्रयागराज में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों के मामले में एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट से बड़ा आदेश सामने आया है. एडीजे पोक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने पुलिस को मामला दर्ज कर विवेचना शुरू करने का आदेश दिया है.

कोर्ट के आदेश के बाद अब झूंसी पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया जाएगा. शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने 173 (4) के तहत अर्जी दाखिल की थी, जिसमें एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की गई थी. आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों के बयान 13 फरवरी को अदालत में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए थे. कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट को भी संज्ञान में लिया और सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब कोर्ट के आदेश के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई होगी.

आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उन्होंने कथित घटनाओं से संबंधित सीडी भी अदालत में सौंपी है. उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिला है और वे प्रयागराज से विद्या मठ, वाराणसी तक पैदल सनातन यात्रा निकालेंगे ताकि लोगों के सामने सच्चाई रखी जा सके. इस मामले के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. फिलहाल कोर्ट के आदेश के अनुसार पुलिस अब विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करेगी.

बता दें कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया था कि माघ मेले के दौरान एक नाबालिग और एक बालिग बच्चा उनके पास आया था. जिसने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर कुकर्म का गंभीर आरोप लगाया था. उन्होंने आरोप लगाया गया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्य ही इन बच्चों पर गुरु सेवा के नाम पर संबंध बनाने का दबाव बनाते थे.

माघ मेले के दौरान दोनों बच्चे आए थे- आशुतोष ब्रह्मचारी

कोर्ट में अर्जी दाखिल करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा है कि उन्होंने कथित घटनाओं की सीडी भी अदालत को दी है। आगे उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिला और वह प्रयागराज से वाराणसी के विद्या मठ तक पैदल सनातन यात्रा निकालेंगे। बता दें कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया था कि माघ मेले के दौरान उनके पास एक नाबालिग और एक बालिग बच्चा आया था। दोनों ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर कुकर्म के गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप थे कि अविमुक्तेश्वरानंद इन बच्चों पर गुरु सेवा के नाम पर संबंध बनाने का दबाव बनाते थे।