ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के सम्मेलन में तोड़फोड़ और मारपीट ,हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी में हंगामा: छात्र सम्मेलन बाधित, CPI ने कहा– लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला
20 फरवरी को Dr. Harisingh Gour University, सागर में आयोजित All India Students' Federation (AISF) के सम्मेलन के दौरान कथित रूप से Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad और Rashtriya Swayamsevak Sangh से जुड़े लोगों द्वारा तोड़फोड़ और मारपीट की घटना सामने आई।
सागर यूनिवर्सिटी में छात्र सम्मेलन पर बवाल: AISF कार्यक्रम में तोड़फोड़, CPI ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
छात्रों की आवाज़ पर हमला? AISF सम्मेलन में मारपीट-तोड़फोड़, दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज
सागर में छात्र राजनीति गरमाई: सम्मेलन में घुसकर मारपीट, प्रशासन पर निष्क्रियता के आरोप
यूनिवर्सिटी कैंपस में टकराव: AISF सम्मेलन में बवाल, पुलिस और प्रबंधन पर सवाल
भोपाल । विगत 20 फरवरी को सागर में हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के परिसर में आयोजित ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के सम्मेलन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े लोगों द्वारा तोड़फोड़ और मारपीट की वारदात की भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कड़ी भर्त्सना करते हुए मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और सागर विश्वविद्यालय के कुलगुरु से दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।*
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश के राज्य सचिव कॉमरेड शैलेन्द्र शैली ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि " सागर विश्वविद्यालय के परिसर में ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के सम्मेलन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े लगभग 50 _ 60 लोगों ने हमला कर तोड़फोड़ की ,आयोजक छात्रों को पीटा गया और झण्डे,बैनर फाड़ दिये गए।आयोजन के पूर्व भी आयोजक छात्रों को सम्मेलन नहीं करने की धमकियां दी गई थी।इस हमले के दौरान विश्वविद्यालय का स्टाफ और पुलिस कर्मियों ने आयोजक छात्रों की सुरक्षा की कोई कार्रवाई नहीं की ।छात्रों के सम्मेलन को इस तरह बाधित करना छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला है। केन्द्र और मध्य प्रदेश में फासीवादी प्रवृत्तियों की सरकार के संरक्षण में इस तरह अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला किया जा रहा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने इसकी कड़ी भर्त्सना करते हुए दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। भाकपा की मांग है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की आज़ादी की सुरक्षा सुनिश्चित होना चाहिए।शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधन और पुलिस ,प्रशासन का दायित्व है कि इस तरह की वारदातों को रोका जाय
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस