ढाबा मालिक ने कर्मचारी को लात-घूंसों से पीटा, VIDEO वायरल; 2 आरोपी गिरफ्तार
छतरपुर के सिविल लाइन क्षेत्र में एक ढाबा मालिक और उसके साथी ने पूर्व कर्मचारी उमेश आदिवासी को लात, घूंसों और डंडों से पीटा। आरोपी ने खुद मारपीट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वायरल होने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
छतरपुर में ढाबा मालिक ने पूर्व कर्मचारी को पीटा, वायरल वीडियो के बाद दो गिरफ्तार
छतरपुर में सिविल लाइन क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक ढाबा मालिक और उसके साथी ने पूर्व कर्मचारी उमेश आदिवासी को लात, घूंसों और डंडों से पीटा। घटना का वीडियो आरोपी ने खुद बनवाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
उमेश आदिवासी कुपी गांव के रहने वाले हैं और सटई रोड पर मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि लगभग दो महीने पहले उन्होंने कलेक्टर बंगले के पास स्थित ढाबे की नौकरी छोड़ दी थी। उमेश का आरोप है कि ढाबा मालिक इस बात से नाराज था और इसी कारण से उसकी पिटाई की गई।
थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि ढाबे से दो दिन पहले शराब जब्त की गई थी। आरोपियों को शक था कि उमेश ने इस बात की सूचना पुलिस को दी, और इसी शक में उन्होंने उसे पीटा। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो लोग उमेश के सिर और चेहरे पर लगातार वार कर रहे हैं, जबकि तीसरा व्यक्ति इस पूरी मारपीट को रिकॉर्ड कर रहा है। वीडियो में आरोपियों की गालियों और धमकियों को भी सुना जा सकता है, जिसमें वे कहते हैं, “पुलिस भी कुछ नहीं कर पाएगी।”
उमेश ने आरोप लगाया कि यह ढाबा शासकीय जमीन पर संचालित हो रहा है और संचालक प्रशासन से मिलीभगत में है। घटना के बाद उन्होंने सिविल लाइन थाने में मारपीट का मामला दर्ज कराया।
इस घटना पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी प्रतिक्रिया दी। प्रदेशाध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर हिंसा नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की कानून-व्यवस्था और शासन की संवेदनहीनता का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में PDA वर्ग (पिछड़ा, दलित, आदिवासी) के लोगों पर अत्याचार बढ़ गए हैं। मनोज यादव ने सरकार की चुप्पी को सबसे बड़ा अपराध बताया।
यह मामला न केवल स्थानीय लोगों में चिंता का विषय बना है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर काफी प्रतिक्रिया आ रही है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की सख्ती पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस