मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूरा किया अपना वादा,क्रिकेटर क्रांति गौड़ के पिता की नौकरी बहाल, 13 साल से थे सस्पेंड

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप विजेता एकदिवसीय टीम की सदस्य और मध्यप्रदेश की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह की पुलिस विभाग में नौकरी राज्य सरकार ने बहाल कर दी है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूरा किया अपना वादा,क्रिकेटर क्रांति गौड़ के पिता की नौकरी बहाल, 13 साल से थे सस्पेंड

मुख्यमंत्री मोहन यादव के वादे के अनुरूप महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ के पिता की नौकरी बहाल

Kranti Gaur Father Job Reinstated: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर संवेदनशील, मानवीय और प्रतिबद्ध नेतृत्व का परिचय दिया है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर और मध्यप्रदेश की प्रतिभावान खिलाड़ी क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह की वर्षों से निलंबित नौकरी को सोमवार को फिर बहाल करवा दिया. यह निर्णय न केवल एक परिवार के लिए राहत लेकर आया है बल्कि सरकार की संवेदनशीलता, खिलाड़ियों के प्रति सम्मान और न्यायप्रिय दृष्टिकोण का स्पष्ट उदाहरण भी है.

गौरतलब है कि हाल ही में महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद आयोजित सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रदेश की प्रतिभाशाली क्रिकेटर क्रांति गौड़ से उनके पिता की नौकरी बहाल करने का आश्वासन दिया था. मुख्यमंत्री ने यह वादा नियमों के दायरे में रहते हुए निभाया है. 

मुन्ना सिंह मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा मुन्ना सिंह को पुनः सेवा में बहाल कर दिया गया है. उल्लेखनीय है कि मुन्ना सिंह मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे. वर्ष 2012 में चुनावी ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया था. बीते 13 वर्षों से लंबित यह मामला अब मुख्यमंत्री की पहल से सकारात्मक समाधान तक पहुंचा है. 

क्रांति गौड़ का सपना हुआ साकार

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के घुवारा कस्बे की रहने वाली क्रांति गौड़ के परिवार को इस निर्णय से न केवल आर्थिक और सामाजिक संबल मिला है बल्कि क्रांति गौड़ का वह सपना भी साकार हुआ है, जिसमें वे अपने पिता को सम्मानपूर्वक पुलिस वर्दी में सेवानिवृत्त होते देखना चाहती थीं.