पूर्व CM दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान: राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा,बोले– ‘मैं सीट खाली कर रहा हूं’
दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा सीट खाली करने की घोषणा की है, जिससे उनके तीसरे कार्यकाल की अटकलों पर विराम लग गया। उनका कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है। कांग्रेस के प्रदीप अहिरवार ने अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्ति को सीट देने की मांग की है, जिसका सज्जन सिंह वर्मा ने समर्थन किया। विधानसभा में कांग्रेस के पास एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त विधायक हैं।
राजनीति में बड़ा मोड़: दिग्विजय सिंह ने छोड़ी राज्यसभा की रेस, खुद किया एलान
दिग्विजय सिंह का सरप्राइज फैसला: राज्यसभा चुनाव से हटे, कहा– अब मेरी बारी नहीं
MP Politics: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल में खत्म होने जा रहा है। जिसको लेकर सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरु हो गईं थी। हालांकि, दिग्विजय सिंह ने चर्चाओं पर पूर्ण विराम लगाते हुए कहा है कि वह राज्यसभा नहीं जाएंगे। जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मैं खाली करूंगा अपनी सीट- दिग्विजय सिंह
मीडिया ने दिग्विजय सिंह से सवाल पूछा कि अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने आपको पत्र लिखकर अनुसूचित जाति वर्ग के नेता को राज्यसभा भेजने की मांग की है। इस पर आपका क्या कहना है। दिग्विजय ने इसका जवाब देते हुए कहा कि - यह मेरे हाथ में नहीं है। इस निर्णय पार्टी आलाकमान करेगी, लेकिन एक बात मैं कहना चाहता हूं कि मैं अपनी सीट खाली कर रहा हूं।
एमपी में 11 राज्यसभा सदस्य
मध्य प्रदेश में कुल 11 राज्यसभा सीट हैं, जिसमें से 9 अप्रैल को दो सीट खाली हो जाएंगी. एक सीट कांग्रेस के दिग्विजय सिंह की है और दूसरी भाजपा के डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी की है. इस साल दोनों सीटों के लिए चुनाव होने हैं.
राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस में मंथन
दिग्विजय सिंह के राज्यसभा न जाने के फैसले के बाद कांग्रेस की खाली होने वाली राज्यसभा सीट को लेकर अंदरूनी खींचतान शुरू हो गई है। इसी बीच अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर राज्यसभा में अनुसूचित जाति वर्ग से प्रतिनिधित्व की मांग उठाई है। उन्होंने सामाजिक न्याय और समावेशी राजनीति के सिद्धांतों के अनुरूप दलित नेतृत्व को अवसर देने पर जोर दिया है।
कमलनाथ, अरुण यादव समेत कई नाम चर्चा में
दिग्विजय सिंह की जगह राज्यसभा जाने की दौड़ में कई दिग्गज नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, कांग्रेस वर्किंग कमेटी सदस्य कमलेश्वर पटेल और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन इस रेस में बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कमलनाथ को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने को लेकर पार्टी के भीतर गंभीर मंथन चल रहा है। उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका देने और केंद्र स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की रणनीति पर भी विचार हो रहा है।
2028 से पहले कांग्रेस की नई रणनीति
दिग्विजय सिंह के इस फैसले ने कांग्रेस की राज्यसभा रणनीति और 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। एक ओर पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज होगी, तो दूसरी ओर राज्यसभा के जरिए राष्ट्रीय राजनीति में प्रभावी भूमिका निभाने की योजना पर भी काम किया जाएगा। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस नेतृत्व किस चेहरे पर भरोसा जताता है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार दिग्विजय सिंह का फोकस कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और चुनावी रणनीति तैयार करने पर रहेगा. माना जा रहा है कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का फायदा कांग्रेस 2028 के विधानसभा चुनाव में उठाना चाहती है. दिग्विजय सिंह के इस फैसले को प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें पार्टी का जोर एक बार फिर जमीनी स्तर पर संगठन को खड़ा करने पर है.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस