डेढ़ करोड़ का अवैध कफ सिरप जब्त: STF ने घर में चल रही फैक्ट्री का किया पर्दाफाश, 10 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल के पटेल नगर (मकान नंबर 66) में साधना सिंह और जयदीप सिंह के घर पर एसटीएफ ने छापा मारकर 'OFF-KUFF' नाम की अवैध कफ सिरप बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी है।

डेढ़ करोड़ का अवैध कफ सिरप जब्त: STF ने घर में चल रही फैक्ट्री का किया पर्दाफाश, 10 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल के गांधी नगर से अवैध कफ सिरप की बड़ी खेप पकड़ी गई है। यह कार्रवाई एसटीएफ ने डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी में की। एसटीएफ ने यहां से 700 से ज्यादा पेटियां और मशीनें जब्त की। पूरे सेटअप की कीमत डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है। एसटीएफ ने 10 लोगों को हिरासत में लिया है। कार्रवाई गुरुवार रात करीब 12 बजे शुरू हुई, जो शुक्रवार सुबह 3 बजे तक जारी रही।

भोपाल के गांधीनगर इलाके में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध नशीले कफ सिरप के कारोबार का पर्दाफाश किया। डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापेमारी के दौरान करीब डेढ़ करोड़ रुपए कीमत का अवैध कफ सिरप, भारी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री और मशीनें बरामद की गईं। कार्रवाई के दौरान मौके से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। STF की यह कार्रवाई देर रात शुरू होकर शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे तक चली।

जानकारी के अनुसार STF को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि गांधीनगर क्षेत्र में अवैध रूप से नशीले कफ सिरप का निर्माण और सप्लाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह सिरप “ऑफ कफ” नाम से तैयार किया जा रहा था और इसे युवाओं के बीच नशे के रूप में इस्तेमाल करने के लिए सप्लाई किया जा रहा था। लगातार मिल रही शिकायतों और खुफिया इनपुट के बाद STF ने पूरी योजना के साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

सूत्रों के मुताबिक STF की टीम ने देर रात मकान को चारों तरफ से घेरकर दबिश दी। जैसे ही अधिकारी अंदर पहुंचे, वहां का नजारा देखकर वे भी चौंक गए। अलग-अलग कमरों में सैकड़ों पेटियों में भरा कफ सिरप रखा हुआ था। कई बोतलें पैकिंग के लिए तैयार थीं, जबकि कुछ मशीनें मौके पर चालू हालत में मिलीं। टीम ने यहां से 700 से अधिक पेटियां, हजारों बोतलें और पैकिंग-सिलिंग मशीनें बरामद कीं।

अधिकारियों का कहना है कि जिस तरीके से पूरे मकान को मिनी फैक्ट्री की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था, उससे साफ है कि यह कारोबार लंबे समय से संचालित हो रहा था। मकान के अंदर पैकेजिंग, लेबलिंग और स्टॉक रखने की पूरी व्यवस्था बनाई गई थी। कई कमरों में तैयार माल रखा हुआ था, जबकि कुछ जगहों पर खाली बोतलें, केमिकल और पैकिंग सामग्री भी मिली है।

STF अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में मामला किसी बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़ा हुआ लग रहा है। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह भोपाल ही नहीं बल्कि दूसरे जिलों और पड़ोसी राज्यों तक नशीले कफ सिरप की सप्लाई कर रहा था। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश शुरू कर दी गई है।

कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में हलचल मच गई। देर रात अचानक बड़ी संख्या में पुलिस और STF की गाड़ियों के पहुंचने से स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए। लोगों को शुरुआत में समझ नहीं आया कि आखिर मामला क्या है। बाद में जब कार्रवाई की जानकारी सामने आई तो लोग हैरान रह गए। कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि उनके बीच इस तरह का अवैध कारोबार चल रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक उस मकान में अक्सर रात के समय गतिविधियां होती थीं। कई बार देर रात वाहन आते-जाते दिखाई देते थे, लेकिन किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। कुछ लोगों ने बताया कि मकान में बाहरी लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती थी। हालांकि किसी को यह अंदाजा नहीं था कि अंदर अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार चल रहा है।

STF ने मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कफ सिरप के निर्माण में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसकी सप्लाई किन-किन शहरों तक की जा रही थी।

बरामद कफ सिरप के सैंपल जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन सिरप में किस तरह के नशीले तत्व मिलाए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद कई गंभीर धाराएं और बढ़ाई जा सकती हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नशीले कफ सिरप का दुरुपयोग युवाओं के बीच तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग इसका सेवन नशे के रूप में करते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। इसी वजह से पुलिस और जांच एजेंसियां इस तरह के मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मध्यप्रदेश में पिछले कुछ महीनों से ड्रग्स, नशीली दवाओं और अवैध कफ सिरप के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

भोपाल में हुई यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। STF अधिकारियों का कहना है कि राज्य में नशीले पदार्थों के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अवैध कफ सिरप तैयार करने के लिए कच्चा माल कहां से आता था और इसे किन माध्यमों से बाजार तक पहुंचाया जाता था।

सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कुछ लोग पैकिंग और सप्लाई का काम संभालते थे, जबकि कुछ लोग नेटवर्क को संचालित करने में शामिल थे। STF अब इनके आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

इस कार्रवाई के बाद गांधीनगर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने मकान को सील कर दिया है और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और STF पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी हुई है।