दिल्ली से भोपाल तक हलचल, राज्यसभा चुनाव के लिए BJP उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार:विजयवर्गीय, नरोत्तम, अरविंद भदौरिया, रंजना बघेल के नाम; संघ से अभय महाजन, महेश शर्मा आगे

राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश में बीजेपी एक्टिव नजर आ रही है. भोपाल से राज्यसभा के दावेदार नेताओं का नाम दिल्ली में भाजपा आलाकमान को भेज दिया गया है.

दिल्ली से भोपाल तक हलचल,  राज्यसभा चुनाव के लिए BJP उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार:विजयवर्गीय, नरोत्तम, अरविंद भदौरिया, रंजना बघेल के नाम; संघ से अभय महाजन, महेश शर्मा आगे

मध्य प्रदेश की तीन सीटों पर चुनाव होना है। अभी बीजेपी के पास दो तो कांग्रेस के पास तीन सीट हैं। बीजेपी से केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन और डॉ सुमेर सिंह सोलंकी सांसद हैं। कांग्रेस की एक सीट पर दिग्विजय सिंह सांसद हैं। एक जून को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख 8 जून और 18 जून को मतदान, मतगणना और परिणाम घोषित होंगे।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने प्रदेश से खाली हो रही तीन राज्यसभा सीटों में से दो पर जीत सुनिश्चित मानते हुए संभावित उम्मीदवारों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है। अब भोपाल से लेकर दिल्ली तक नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है और पार्टी अगले एक-दो दिनों में उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकती है।

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 1 जून से शुरू होकर 8 जून तक चलेगी। ऐसे में भाजपा संगठन और सरकार के भीतर लगातार बैठकों का दौर जारी है। पार्टी इस बार जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ संगठन और संघ की पसंद को भी ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन करने की तैयारी में है।

दो सीटों पर भाजपा की नजर

मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास मजबूत बहुमत होने के कारण पार्टी की दो सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है। इसी वजह से भाजपा केवल दो प्रत्याशी मैदान में उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। तीसरी सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज है, क्योंकि उस सीट पर कांग्रेस का संख्याबल मजबूत माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व ने फिलहाल तीसरी सीट पर जोखिम लेने के बजाय सुरक्षित रणनीति अपनाने का फैसला किया है। पार्टी का पूरा फोकस उन दो सीटों पर है, जहां वह मजबूत और संतुलित चेहरे मैदान में उतारना चाहती है।

दिल्ली से तय होंगे नाम

राज्यसभा चुनाव को लेकर भोपाल और दिल्ली के बीच लगातार संवाद चल रहा है। प्रदेश भाजपा संगठन ने संभावित नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है। अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष स्तर पर लिया जाएगा।

चर्चा यह भी है कि इस बार एक सीट सामान्य वर्ग के नेता को और दूसरी सीट एसटी या ओबीसी वर्ग के चेहरे को दी जा सकती है। पार्टी महिला प्रतिनिधित्व को भी महत्व देने पर विचार कर रही है। ऐसे में आदिवासी महिला नेता को मौका मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।

कैलाश विजयवर्गीय का नाम सबसे चर्चित

राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नाम की हो रही है। माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें फिर से राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका दे सकती है।

हाल ही में उनकी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद अटकलें और तेज हो गईं। विजयवर्गीय लंबे समय तक भाजपा महासचिव के रूप में राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। ऐसे में यदि उन्हें राज्यसभा भेजा जाता है तो इसे भाजपा के बड़े रणनीतिक फैसले के रूप में देखा जाएगा।

नरोत्तम मिश्रा भी रेस में आगे

पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में प्रमुखता से सामने आ रहा है। विधानसभा चुनाव के बाद से ही उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। पार्टी के भीतर उनकी संगठनात्मक क्षमता और आक्रामक राजनीतिक शैली को लेकर अच्छी पकड़ मानी जाती है।

सूत्रों का कहना है कि यदि भाजपा सवर्ण चेहरे पर दांव लगाती है तो नरोत्तम मिश्रा मजबूत दावेदार साबित हो सकते हैं। लंबे समय से उन्हें केंद्र या संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की अटकलें लगती रही हैं।

अरविंद भदौरिया और रंजना बघेल के नाम भी शामिल

पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया का नाम भी राज्यसभा की दौड़ में शामिल बताया जा रहा है। पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता और लंबे समय से भाजपा के प्रति निष्ठा को देखते हुए उन्हें भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

महिला कोटे से पूर्व मंत्री रंजना बघेल का नाम तेजी से उभर रहा है। भाजपा यदि आदिवासी महिला चेहरे पर दांव खेलती है तो रंजना बघेल का दावा मजबूत हो सकता है। इससे पार्टी महिला और जनजातीय दोनों समीकरण साधने की कोशिश करेगी।

इसके अलावा पूर्व सांसद जीएस डामोर, कांतादेव सिंह और अखंड प्रताप सिंह के नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताए जा रहे हैं।

संघ की पसंद भी अहम

राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका को भी अहम माना जा रहा है। चर्चा है कि संघ की ओर से झाबुआ क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय महेश शर्मा का नाम आगे बढ़ाया गया है।

महेश शर्मा जनजातीय क्षेत्रों में लंबे समय से सामाजिक और संगठनात्मक कार्यों से जुड़े रहे हैं। ऐसे में यदि भाजपा संगठन और संघ के बीच सामंजस्य बनाकर उम्मीदवार तय करती है तो उनका नाम अचानक आगे आ सकता है।

इसके अलावा संघ से जुड़े अभय महाजन का नाम भी चर्चाओं में है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सुमेर सिंह सोलंकी और लाल सिंह आर्य भी दावेदार

भाजपा आदिवासी और अनुसूचित जाति वर्ग के समीकरणों को साधने की कोशिश में भी जुटी हुई है। इसी वजह से राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी को दोबारा मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सोलंकी भाजपा के आदिवासी युवा चेहरों में गिने जाते हैं और संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।

वहीं भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है। लाल सिंह आर्य भिंड जिले की गोहद सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं और प्रदेश सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं।

आखिरी समय में चौंका सकती है भाजपा

भाजपा की राजनीति में अंतिम समय में नए नाम सामने आने की परंपरा रही है। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि पार्टी किसी ऐसे चेहरे को आगे कर सकती है जिसका नाम अभी चर्चा में नहीं है।

केंद्रीय नेतृत्व अक्सर संगठन, जातीय संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखकर फैसले करता है। इसलिए अंतिम सूची आने तक सस्पेंस बना हुआ है।

फिलहाल मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव सबसे बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजर अब भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी है।