बार-बार टूट रही पानी की पाइपलाइन पर भड़के मंत्री सारंग, बोले- जनता को परेशानी बर्दाश्त नहीं,43 डिग्री गर्मी में करोंद बायपास का निरीक्षण, ठेकेदार को लगाई फटकार

भोपाल के करोंद स्थित 10 लेन बायपास प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने निर्माण कार्य में लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई। 43 डिग्री तापमान में दोपहर 1 बजे किए गए निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही से पेयजल पाइपलाइन करीब 15 बार टूट चुकी है, जिससे लोगों को परेशानी हुई।

बार-बार टूट रही पानी की पाइपलाइन पर भड़के मंत्री सारंग, बोले- जनता को परेशानी बर्दाश्त नहीं,43 डिग्री गर्मी में  करोंद बायपास का निरीक्षण,  ठेकेदार को लगाई फटकार

करोंद बायपास प्रोजेक्ट का मंत्री सारंग ने किया औचक निरीक्षण, मौके पर मचा हड़कंप

सड़क निर्माण के दौरान बार-बार टूट रही पाइपलाइन, मंत्री सारंग ने

भोपाल में निर्माणाधीन 10 लेन करोंद बायपास प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पहुंचे मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को निर्माण कार्य में भारी लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों और ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई। भीषण गर्मी और 43 डिग्री तापमान के बीच दोपहर करीब 1 बजे मंत्री सारंग स्वयं मौके पर पहुंचे और प्रोजेक्ट की प्रगति, गुणवत्ता तथा नागरिक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विशेष रूप से बार-बार टूट रही पेयजल पाइपलाइन को लेकर नाराजगी जताई और इसे ठेकेदार की गंभीर लापरवाही बताया।

करोंद बायपास प्रोजेक्ट राजधानी भोपाल के सबसे महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों में शामिल है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करना, भारी वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना और भोपाल के उत्तरी हिस्से में यातायात व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देना है। 10 लेन सड़क बनने के बाद करोंद, नरेला, लांबाखेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि निर्माण कार्य के दौरान लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं और नागरिकों को हो रही परेशानियों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने पाया कि सड़क निर्माण के दौरान पेयजल पाइपलाइन को बार-बार नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जानकारी लेते हुए कहा कि अब तक करीब 15 बार पानी की लाइन टूट चुकी है, जिसके कारण हजारों लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में घंटों तक जलापूर्ति बाधित रही और नागरिकों को वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ा।

मंत्री सारंग ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि निर्माण कार्य के दौरान यदि तकनीकी सावधानियां बरती जातीं तो इस प्रकार की स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता को परेशान करके विकास कार्य स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना है, न कि उन्हें कठिनाई में डालना।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधियों को फटकार लगाते हुए कहा कि लगातार पाइपलाइन टूटना यह साबित करता है कि कार्य में समन्वय और सतर्कता की कमी है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि बार-बार हो रही घटनाओं के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस पर संबंधित अधिकारियों ने तकनीकी कारणों और भूमिगत लाइन की स्थिति का हवाला दिया, लेकिन मंत्री ने इन तर्कों को अस्वीकार करते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

मंत्री सारंग ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण यदि जनता को नुकसान हुआ है तो उसकी भरपाई भी ठेकेदार से ही कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ठेकेदार पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा और भविष्य में इस प्रकार की गलती दोबारा न हो, इसके लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

मौके पर मौजूद नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और जल प्रदाय विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए मंत्री सारंग ने कहा कि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय होना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले भूमिगत पाइपलाइन, बिजली केबल और अन्य सुविधाओं का पूरा सर्वे सुनिश्चित किया जाए, ताकि बार-बार खुदाई और नुकसान की स्थिति न बने।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी मंत्री सारंग के सामने अपनी समस्याएं रखीं। लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण के कारण धूल, ट्रैफिक जाम और पानी की समस्या लगातार बनी हुई है। कई बार सुबह के समय जल सप्लाई बाधित हो जाती है, जिससे घरों में दैनिक कार्य प्रभावित होते हैं। नागरिकों ने यह भी शिकायत की कि निर्माण एजेंसी द्वारा सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है।

स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि निर्माण कार्य के चलते कई स्थानों पर सड़क संकरी हो गई है, जिससे ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। दुकानदारों ने मांग की कि निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कराया जाए और अस्थायी वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था बेहतर बनाई जाए।

मंत्री सारंग ने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित होने पर तुरंत टैंकर व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए और किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान किया जाए।

उन्होंने कहा कि करोंद बायपास प्रोजेक्ट भोपाल के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार इसे तय समयसीमा में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन यदि निर्माण एजेंसी लापरवाही बरतती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों का पालन हर हाल में होना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने देखा कि कुछ स्थानों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं की गई थी और चेतावनी संकेत भी स्पष्ट नहीं थे। इस पर उन्होंने अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान आम नागरिकों और मजदूरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

गौरतलब है कि भोपाल में तेजी से बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए करोंद बायपास परियोजना को महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। प्रतिदिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं और सड़क चौड़ीकरण के बाद यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आने की संभावना है। हालांकि निर्माण कार्य की धीमी गति और तकनीकी समस्याओं को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।

मंत्री सारंग के इस औचक निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसी में हड़कंप की स्थिति देखी गई। अधिकारियों ने मौके पर ही कई समस्याओं के समाधान के निर्देश जारी किए। उम्मीद की जा रही है कि मंत्री के सख्त रुख के बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी और नागरिकों को हो रही परेशानियों में कमी आएगी।

भोपाल के लोगों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का कितना प्रभावी पालन होता है और निर्माण एजेंसी भविष्य में कितनी जिम्मेदारी के साथ कार्य करती है। फिलहाल मंत्री सारंग का यह निरीक्षण प्रशासन और ठेकेदार दोनों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि जनता की सुविधाओं के साथ किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।