शहर में सुपाड़ी के धंधे की आड़ में बिक रहा गुटखे का जहर, विभाग मौन-डीएम-एसपी कार्यालय से महज 500 मीटर दूरी पर चल रहा अवैध कारोबार

उरई शहर में सुपाड़ी के कारोबार की आड़ में अवैध गुटखा मिक्सर का धंधा खुलेआम चल रहा है। आरोप है कि पिसी सुपाड़ी के लाइसेंस पर घटिया कत्था और कैमिकल मिलाकर जहरीला मिक्सर तैयार किया जा रहा है, जिसे गुटखा निर्माताओं को बेचा जाता है। यह अवैध कारोबार डीएम-एसपी कार्यालय और सांसद कार्यालय के पास संचालित हो रहा

शहर में सुपाड़ी के धंधे की आड़ में बिक रहा गुटखे का जहर, विभाग मौन-डीएम-एसपी कार्यालय से महज 500 मीटर दूरी पर चल रहा अवैध कारोबार

शहर में सुपाड़ी की आड़ में गुटखा मिक्सर का अवैध कारोबार

डीएम-एसपी कार्यालय के पास चल रहा गोरखधंधा

सांसद कार्यालय के सामने आलीशान इमारत में तैयार हो रहा मिक्सर

घटिया सुपाड़ी और कैमिकल से बनाया जा रहा जहरीला मिश्रण

उरई। शहर में सुपाड़ी के कारोबार की आड़ में गुटखे के मिक्सर का अवैध धंधा धड़ल्ले से संचालित हो रहा है। ओरल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को बढ़ावा देने वाला यह जहरीला कारोबार खुलेआम चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक मौन बने हुए हैं। चार लाख की आबादी वाले शहर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है और प्रशासनिक तंत्र कार्रवाई के बजाय आंखें मूंदे बैठा है।

जानकारी के अनुसार कुछ कारोबारियों ने जीएसटी विभाग से केवल पिसी सुपाड़ी बेचने का लाइसेंस प्राप्त कर रखा है, लेकिन उसी लाइसेंस की आड़ में गुटखे का मिक्सर तैयार कर उसकी बिक्री की जा रही है। बताया जाता है कि इस मिक्सर में घटिया किस्म का कत्था, रंग और अन्य रासायनिक पदार्थ मिलाकर ऐसा मिश्रण तैयार किया जाता है जिसे बाद में गुटखा निर्माताओं को बेचा जाता है। इसके बाद यह जहरीला उत्पाद बाजार में गुटखे के रूप में पहुंचता है और लोगों की सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचाता है।

सबसे हैरानी की बात यह है कि यह पूरा गोरखधंधा जिला प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है। डीएम और एसपी के आवास तथा कार्यालय से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर खुलेआम यह कारोबार संचालित हो रहा है। इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।

सांसद कार्यालय के सामने चल रहा कारोबार

स्थानीय लोगों का कहना है कि सांसद कार्यालय के सामने से जेल रोड को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित एक आलीशान इमारत में यह अवैध गतिविधि संचालित हो रही है। दिनभर व्यस्त रहने वाली इस सड़क पर लोगों की लगातार आवाजाही रहती है, लेकिन इसके बावजूद किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर इस अवैध धंधे पर नहीं पड़ी। आरोप है कि यहां घटिया सुपाड़ी को पीसकर उसमें कैमिकल मिलाए जाते हैं और उसे लाल रंग देकर गुटखा निर्माताओं को सप्लाई किया जाता है।

झांसी रोड पर भी चल रहा दूसरा अड्डा

सूत्रों के मुताबिक शहर में इस प्रकार का कारोबार केवल एक ही स्थान पर नहीं बल्कि दो बड़े ठिकानों पर किया जा रहा है। दूसरा अड्डा झांसी रोड स्थित मिजपा स्कूल के पीछे बताया जा रहा है, जहां बड़े पैमाने पर सुपाड़ी मिक्सर तैयार किया जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय मिलीभगत के बिना इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव नहीं हो सकता।

लोगों का कहना है कि इन कारोबारियों को अक्सर खाद्य विभाग के कार्यालय के चक्कर लगाते देखा जाता है, जिससे विभागीय भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि समय रहते इस अवैध धंधे पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में यह कारोबार और अधिक फैल सकता है।

स्वास्थ्य के लिए घातक है यह मिक्सर

विशेषज्ञों के अनुसार सुपाड़ी और तंबाकू उत्पादों में मिलाए जाने वाले रासायनिक पदार्थ शरीर के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। लंबे समय तक इनके सेवन से मुंह का कैंसर, गले की बीमारी और अन्य गंभीर रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके बावजूद शहर में खुलेआम इस जहरीले मिक्सर की बिक्री होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

खाद्य विभाग ने जांच की कही बात

इस पूरे मामले में जिला खाद्य अधिकारी डॉ. जतिन कुमार ने कहा कि विभाग द्वारा केवल सुपाड़ी बेचने का लाइसेंस जारी किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुपाड़ी में अन्य कोई पदार्थ मिलाने की अनुमति नहीं है। यदि किसी मिक्सर में निकोटिन, कत्था या अन्य रासायनिक पदार्थ मिलाए जा रहे हैं तो यह पूरी तरह गलत और अवैध है।

उन्होंने बताया कि जिस पते पर इस तरह की गतिविधि संचालित होने की बात सामने आई है, वहां विभाग द्वारा कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि सुपाड़ी में मिलावट पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लाइसेंस की भी जांच की जाएगी।

कार्रवाई का इंतजार

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और खाद्य विभाग इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। शहर में खुलेआम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले इस कारोबार पर यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह सवाल उठना तय है कि आखिर जिम्मेदार विभाग किसका इंतजार कर रहे हैं।