बीजेपी MLA ने MP महिला कांग्रेस की अध्यक्ष को भेजा 10 करोड़ मानहानि का नोटिस, चिंतामणि मालवीय पर लगाए थे महिला उत्पीड़न के आरोप
चिंतामणि मालवीय ने रीना बोरासी को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। रीना बोरासी ने हाल ही में विधायक पर महिला उत्पीड़न, यौन शोषण, जमीन कब्जाने और गुंडागर्दी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बोरासी को मानहानि का नोटिस भेजा है. उन्होंने भाजपा विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे.
बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने MP महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस
महिला उत्पीड़न और जमीन कब्जे के आरोपों पर बढ़ा सियासी विवाद
चिंतामणि मालवीय और रीना बोरासी के बीच राजनीतिक टकराव अब कानूनी लड़ाई में बदलता नजर आ रहा है। रतलाम जिले की आलोट विधानसभा सीट से भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने रीना बोरासी को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है।
दरअसल, रीना बोरासी ने हाल ही में मीडिया में बयान देते हुए विधायक चिंतामणि मालवीय पर महिला उत्पीड़न, यौन शोषण, जमीन कब्जाने और गुंडागर्दी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद लगाए थे आरोप
कुछ दिन पहले रीना बोरासी ने मंगुभाई पटेल से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनके पास विधायक के खिलाफ गंभीर मामलों के सबूत मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि एक महिला के साथ अत्याचार और यौन शोषण किया गया है, जिसकी जानकारी उन्होंने राज्यपाल को भी दी है।
इसके अलावा उन्होंने विधायक पर जमीन कब्जाने और दबंगई करने जैसे आरोप भी लगाए थे। बयान सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
विधायक ने आरोपों को बताया राजनीतिक षड्यंत्र
अब भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने अपने वकील एडवोकेट शेखर श्रीवास्तव के माध्यम से रीना बोरासी को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि विधायक एक उच्च शिक्षित जनप्रतिनिधि हैं और समाज में उनकी प्रतिष्ठा है।
नोटिस के अनुसार, रीना बोरासी ने बिना किसी ठोस प्रमाण के चुनावी रंजिश और राजनीतिक द्वेष के चलते उनकी छवि खराब करने की कोशिश की है। विधायक की ओर से यह भी कहा गया है कि एक निजी चैनल को दिया गया इंटरव्यू पूरी तरह राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है।
7 दिन में मांगे सबूत, नहीं देने पर होगी कानूनी कार्रवाई
नोटिस में रीना बोरासी को 7 दिन के भीतर उन सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा गया है, जिनके आधार पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए थे।
यदि तय समय में जवाब या सबूत नहीं दिए जाते हैं, तो उनके खिलाफ 10 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का दीवानी मुकदमा और आपराधिक मानहानि का केस दर्ज किया जाएगा।
प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल
इस पूरे मामले ने मध्य प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर और ज्यादा चर्चा में रह सकता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस