जेल में बंदी के पास मिला मोबाइल, जेलर, डिप्टी जेलर और वार्डर निलंबित, बदमाश ने स्कूल प्रबंधक से मांगी रंगदारी

यूपी के ललितपुर में बड़ी कार्रवाई हुई है. जिला जेल में बंद एक बंदी ने बागपत के स्कूल प्रबंधक को फोन कर 20 लाख रुपये की रंगदारी

जेल में बंदी के पास मिला मोबाइल, जेलर, डिप्टी जेलर और वार्डर निलंबित,  बदमाश ने स्कूल प्रबंधक से मांगी रंगदारी

ललितपुर की जेल में बंदी के पास फोन मिलने पर शासन ने सख्त रुख दिखाया है। जेलर के साथ डिप्टी जेलर को भी निलंबित कर दिया गया है। 

ललितपुर जेल में बंदी के पास मोबाइल मिलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजी जेल पीसी मीणा ने जेलर, डिप्टी जेलर और जेल वार्डर को निलंबित कर दिया है। तीनों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का आदेश भी दिया गया है।

दरअसल, बृहस्पतिवार सुबह जिला कारागार ललितपुर में विचाराधीन बंदी ज्ञानेंद्र ढाका की तलाशी के दौरान उसके कपड़ों से एक कीपैड वाला मोबाइल फोन बरामद हुआ था। इसकी जांच डीआईजी जेल कानपुर रेंज से कराई गई। जांच में पाया गया कि जेलर जीवन सिंह, डिप्टी जेलर प्रिंस बाबू और जेल वार्डर आकाश कुशवाहा ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती है। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर डीजी जेल ने तीनों लापरवाह जेल कर्मियों को निलंबित करने के साथ उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है।

तीनों के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही 

मामले को गंभीरता से लेते हुये जांच के बाद डीजी जेल ने जिला कारागार ललितपुर के जेलर जीवन सिंह ,डिप्टी जेलर प्रिंस बाबू और जेल बॉर्डर आकाश कुशवाहा को निलंबित करते हुए तीनों के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही शुरू करने के आदेश भी दिये हैं. जांच में पाया गया कि जेलर जीवन सिंह, डिप्टी जेलर प्रिंस बाबू और जेल वार्डर आकाश कुशवाहा ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती है. वहीं ललितपुर पुलिस अधिकारी इस मामले की जांच में जुटे हुए हैं कि जेल के अंदर किसकी मदद से मोबाइल फोन और सिम कार्ड पहुँचाई गई.

चार महीने पहले ढाका को भेजा गया था ललितपुर जेल

बागपत जिले के ढिकौली गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर प्रवीण उर्फ बब्बू की हत्या के आरोप में बागपत का ही रहने वाला ज्ञानेंद्र उर्फ ढाका को करीब चार महीने पहले जिला कारागार ललितपुर भेजा गया था। बागपत के भडल निवासी एक पब्लिक स्कूल के प्रबंधक कृष्णपाल राणा ने दोघट थाना पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि चार नवंबर को उनके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ज्ञानेंद्र ढाका बताते हुए 20 लाख रुपये रंगदारी मांगी। पैसा न देने पर बेटे को जान से मारने की धमकी भी दी। कृष्णपाल ने यह भी बताया कि ढाका इस समय जिला कारागार ललितपुर में बंद है।

बागपत में दर्ज हुआ था मुकदमा

बागपत में मुकदमा दर्ज होने के बाद इसकी जानकारी यहां के प्रशासनिक और पुलिस अफसरों को हुई तो हड़कंप मच गया। गुरुवार को डीएम-एसपी ने कई टीमों के साथ जेल में छापा मारा तो तीन नंबर बैरक में बंद ज्ञानेंद्र उर्फ ढाका के पास से कीपैड फोन मिला। पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि जेल में एक फोन बरामद हुआ है। जेल अधीक्षक जीवन सिंह की तहरीर पर सदर कोतवाली में बंदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि जेल में फोन मिलना गंभीर बात है। कई बिंदुओं पर जांच-पड़ताल कराई जा रही है।