बड़े पैमाने पर निगम-मंडल नियुक्तियां, कई बड़े चेहरों को मिली जिम्मेदारी:हाउसिंग बोर्ड में ओम जैन, युवा आयोग में प्रवीण, योग का जिम्मा राघवेंद्र को
मध्य प्रदेश सरकार ने देर रात विभिन्न निगमों, मंडलों और प्राधिकरणों में एक दर्जन से अधिक नियुक्तियां की हैं. इस सूची में संदीप जैन और वीरेंद्र गोयल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं.
मध्य प्रदेश में निगम–मंडलों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां, कई दिग्गजों को मिली नई जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश में निगम, मंडल और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला तेजी से जारी है। शुक्रवार देर रात राज्य सरकार ने एक बार फिर आदेश जारी करते हुए एक दर्जन से अधिक बोर्ड, निगम और विकास प्राधिकरणों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर नई नियुक्तियों की घोषणा की। इन फैसलों को सरकार और संगठन के बीच संतुलन साधने और लंबे समय से इंतजार कर रहे नेताओं को जिम्मेदारी देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार द्वारा जारी सूची में कई प्रमुख चेहरों को महत्वपूर्ण पद सौंपे गए हैं। शिक्षा क्षेत्र में सौभाग्य सिंह को पाठ्यपुस्तक निगम का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि आवास क्षेत्र में ओम जैन को हाउसिंग बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है। खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में पंकज जोशी को खादी बोर्ड का अध्यक्ष और राकेश जादौन को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए रमेश शर्मा को कर्मचारी कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
सामाजिक और कल्याणकारी क्षेत्र में भी कई नियुक्तियां की गई हैं। प्रभु दयाल कुशवाहा को कुश कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति को विंध्य विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया है, जिनके साथ दो उपाध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है। इन नियुक्तियों को क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरणों को साधने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
पिछले चार दिनों से राज्य सरकार लगातार अलग-अलग निगमों, मंडलों और विकास प्राधिकरणों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां कर रही है। इससे पहले भी कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी जा चुकी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में उत्साह बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण निगमों और प्राधिकरणों में अभी नियुक्तियां बाकी हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन निगम और ऊर्जा निगम के अध्यक्ष पदों को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है और इस पर मंथन जारी है। वहीं भोपाल विकास प्राधिकरण, इंदौर विकास प्राधिकरण और देवास विकास प्राधिकरण में नियुक्तियों को लेकर जल्द अंतिम फैसला होने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा राज्य स्तर के कई अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में भी जल्द नियुक्तियां होने की उम्मीद है। इनमें राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड, कृषि विपणन बोर्ड, गोपालन एवं पशु संवर्धन बोर्ड, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम और एमपी एग्रो जैसी संस्थाएं शामिल हैं। साथ ही सहकारी संस्थाओं में भी नियुक्तियों का दौर जारी रहने वाला है।
इन नियुक्तियों के जरिए सरकार एक ओर जहां प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर संतुलन और समन्वय बनाए रखने का भी प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में बाकी बचे पदों पर भी नियुक्तियां होने के संकेत हैं, जिससे प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
नियुक्तियों का रास्ता साफ
इसी बीच राज्य महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग में भी नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एक-दो दिनों में दोनों आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों के नामों का ऐलान किया जा सकता है. भोपाल से जारी इन फैसलों को संगठनात्मक और प्रशासनिक स्तर पर काफी अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों के बाद आयोगों की गतिविधियां और प्रभावी होंगी तथा जमीनी स्तर पर मामलों के निपटारे में तेजी आएगी.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस