एमपी में सियासी नियुक्तियों का दौर जारी: केशव सिंह बघेल को बड़ा पद, पशुधन निगम की कमान सौंपी गई
मध्यप्रदेश में सत्ता और बीजेपी संगठन में लगातार नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में केशव सिंह बघेल को मध्यप्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति को संगठनात्मक संतुलन और राजनीतिक समीकरण साधने के तौर पर देखा जा रहा है।
एमपी में संगठन और सत्ता के स्तर पर लगातार हो रही नियुक्तियों के बीच केशव सिंह बघेल को मध्यप्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया, जिससे राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश तेज हो गई है।
Keshav Singh Baghel News: मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी प्रशासनिक टीम को और मजबूत करने के लिए निगम-मंडलों और आयोगों में नियुक्तियों का दूसरा दौर शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर और पुराने नेता केशव सिंह बघेल को एक बड़ी और नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. सरकार की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, केशव सिंह बघेल को 'मध्य प्रदेश कुक्कुट एवं पशुधन विकास निगम' का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति केवल एक पद नहीं, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की एक बड़ी योजना का हिस्सा मानी जा रही है.
बता दें मध्यप्रदेश में सत्ता और बीजेपी संगठन में नियुक्तियों का दौर लगातार जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को केशव सिंह बघेल को मध्यप्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
केशव सिंह बघेल वर्तमान में ग्वालियर में जिला पंचायत सदस्य हैं। इससे पहले वे ग्वालियर ग्रामीण में भाजपा के जिला महामंत्री भी रह चुके हैं। वहीं, महेन्द्र सिंह यादव इससे पहले मध्यप्रदेश बीज विकास निगम के अध्यक्ष रह चुके हैं।
इससे पहले गुरुवार को भी कई अहम नियुक्तियां की गई थीं। पूर्व विधायक कैलाश जाटव को अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि अनुसूचित जनजाति आयोग की कमान पूर्व विधायक रामलाल रौतेल को सौंपी गई है।
राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के नामों की घोषणा के साथ ही यह साफ है कि संगठन और सत्ता में संतुलन साधने के लिए लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं।
केशव सिंह बघेल को करीब से जानने वाले लोग उन्हें संगठन का एक समर्पित और जमीनी सिपाही मानते हैं. राजनीति की गलियों में चर्चा है कि उनकी निष्ठा और सालों की मेहनत का पार्टी ने उन्हें यह मीठा फल दिया है. सरकार अब उन चेहरों को आगे ला रही है, जो जनता और प्रशासन के बीच की कड़ी बन सकें. बघेल की कार्यक्षमता को देखते हुए संगठन ने उन पर भरोसा जताया है, ताकि वे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को हर पशुपालक और किसान के दरवाजे तक पहुंचा सकें.
पशुधन विकास निगम प्रदेश की वह इकाई है, जो सीधे तौर पर हमारे गांवों और किसानों की जेब से जुड़ी है. मध्य प्रदेश की एक बड़ी आबादी आज भी पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पर टिकी है. ऐसे में केशव सिंह बघेल के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है. उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देंगे, जिससे न केवल दूध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि कुक्कुट (मुर्गी) पालन के जरिए गांवों के युवाओं के लिए घर बैठे ही स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे.
नवाचारों पर होगा फोकस
सरकार का असली मकसद पशुपालकों की आमदनी को दोगुना करना है. बघेल के नेतृत्व में निगम अब नई योजनाओं और नवाचारों पर फोकस करेगा. इस नियुक्ति के बाद प्रदेश के पशुपालकों में एक नई उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से होगा और इस क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होगी. संगठन के प्रति समर्पण का यह प्रतिफल आने वाले समय में प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर' साबित हो सकता है.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस