“न टायर्ड, न रिटायर्ड”: दिग्विजय सिंह का राज्यसभा में विदाई भाषण, अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियां दोहराईं—‘अभी और काम बाकी है’
राज्यसभा से विदाई के मौके पर दिग्विजय सिंह ने साफ किया कि वे राजनीति से दूर नहीं हो रहे, बल्कि आगे भी सक्रिय रहेंगे, साथ ही उन्होंने संवाद, संतुलन और सौहार्द की राजनीति पर जोर दिया।
दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की लाइनें पढ़ी. उनका अप्रैल में राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है.
Digvijaya Singh Rajya Sabha Term: कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह कार्यकाल अप्रैल में खत्म होने जा रहा है. बुधवार के दिन उन्होंने राज्यसभा में एक तरह से अपना विदाई भाषण दिया. जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता की लाइनें पढ़ी और सभी के प्रति आभार जताया. दिग्विजय सिंह ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का भी जिक्र किया साथ ही साथ अपने राजनीतिक जीवन के बारे में भी बताया. खास बात यह रही है कि उन्होंने कहा कि अगर किसी को उनके भाषण से किसी को कटुता आई हो तो उसके लिए वह क्षमाप्रार्थी है. बता दें कि दिग्विजय सिंह ने तीसरी बार राज्यसभा जाने से मना कर दिया है.
दिग्विजय सिंह बोले-राजनीति से नाता नहीं था
राज्यसभा में भाषण के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनका राजनीति से कोई नाता नहीं था. उन्होंने कहा 'लोगों को जानकर आश्चर्य होगा कि छात्र जीवन में राजनीति से मेरा कोई संपर्क नहीं था. लेकिन, परिस्थिति बस मैं 22 साल की उम्र में निर्विरोध नगर पालिका अध्यक्ष बन गया. 30 साल की उम्र में विधायक बन गया और 33 साल की उम्र में राज्य सरकार में मंत्री बन गया. फिर कांग्रेस पार्टी से सांसद बन गया और फिर 40 साल में मुख्यमंत्री बन गया था. लेकिन मैंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी विचारधारा से समझौता नहीं किया.
इंदिरा गांधी ने कांग्रेस में प्रवेश करवाया था
दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने अपने अपने राजनीतिक जीवन में किसी के खिलाफ का कटुता नहीं पाली. अगर मेरी भाषण में कटुता आई हो तो उसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूं. मेरे संबंध उन लोगों से भी बहुत अच्छे रहे हैं, जिनकी विचारधारा सेवा में न सहमत था ना सहमत हूं. मैं चाहे राज्यसभा में रहा हूं. लोकसभा में रहा हूं या फिर मध्य प्रदेश विधानसभा में रहा हूं. लेकिन, मैंने कभी किसी से कटुता नहीं पाली. मेरा सौभाग्य है कि मैं उसे लोकसभा में भी रहा जिसमें अटल जी और राजीव रहे, इंदिरा जी ने तो मेरा कांग्रेस में प्रवेश ही कराया था. इन सभी से प्रभावित होकर ही अपना राजनीतिक सफर तय किया है.
अटलजी की लाइनें पढ़ी
राज्यसभा में दिग्विजय सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता की लाइनें पढ़ी. उन्होंने कहा 'मैं न टायट हूं न रिटार्यट हूं.' मैं आगे काम करता रहूंगा. कांग्रेस पार्टी का आभारी हूं कि पार्टी ने उन्हें हर सदन में आने का मौका दिया. दिग्विजय सिंह ने कहा कि संसद में कटुता नहीं होनी चाहिए. क्योंकि लोकतंत्र में संवाद होना जरूरी है. इसलिए यह मर्यादा बनी रहनी चाहिए.
एमपी में एक्टिव हो रहे दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह का राज्यसभा में दूसरा कार्यकाल अप्रैल में पूरा हो रहा है. हालांकि उन्होंने तीसरी बार राज्यसभा जाने से इंकार कर दिया है. उन्होंने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वह राज्यसभा नहीं जाएंगे. उनकी जगह पार्टी किसी दूसरे चेहरे को मौका देगी. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दिग्विजय सिंह फिर से मध्य प्रदेश की राजनीति में एक्टिव होने जा रहे हैं. पिछले कुछ समय से उन्होंने एमपी में अपने दौरे बढ़ा दिए हैं. वहीं राज्यसभा से विदाई भाषण में भी उन्होंने एक तरह से अहम संकेत दिए हैं. जिस तरह से उन्होंने कहा कि न टायर्ड हूं न रिटायर्ड हूं. उस हिसाब से दिग्विजय सिंह राजनीति में पूरी तरह से एक्टिव रहने वाले हैं. इतना तय हो गया है.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस