मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: किसानों को बड़ी राहत, अब साल में एक बार चुकाना होगा कर्ज; 5 जुलाई तक तैयार होगा UCC का ड्राफ्ट

मध्य प्रदेश के किसानों को लेकर बड़ा फैसला, साल में एक बार चुकाएंगे लोन, मोहन यादव कैबिनेट की बैठक में अहम फैसलों पर लगी मुहर.

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: किसानों को बड़ी राहत, अब साल में एक बार चुकाना होगा कर्ज; 5 जुलाई तक तैयार होगा UCC का ड्राफ्ट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि राज्य सरकार ने शून्य प्रतिशत पर मिलने वाले कर्ज को चुकाने की अवधि को 365 दिन कर दिया है।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, शिक्षा, सामाजिक कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए सहकारी बैंकों से मिलने वाले शून्य प्रतिशत ब्याज वाले फसल ऋण की भुगतान व्यवस्था में बदलाव किया है। अब किसानों को हर साल 31 मार्च तक ऋण चुकाने की अनिवार्यता नहीं होगी, बल्कि जिस तारीख को किसान ऋण लेगा, उसे उसी तारीख के एक वर्ष के भीतर ऋण लौटाने की सुविधा मिलेगी।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब किसानों को रबी और खरीफ फसल के लिए अलग-अलग ऋण चुकाने के दबाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसान पूरे एक वर्ष तक बिना ब्याज के ऋण का उपयोग कर सकेंगे। यदि निर्धारित अवधि के बाद भुगतान नहीं किया जाता है, तभी उनसे ब्याज वसूला जाएगा।

एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 880 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, लेकिन इससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

कैबिनेट बैठक में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को भी निरंतरता देने का निर्णय लिया गया। कुल 5,365 करोड़ रुपये की योजनाओं को आगे जारी रखने की मंजूरी प्रदान की गई। इनमें मुख्यमंत्री कन्यादान योजना प्रमुख है। इस योजना के लिए 1,740 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इसे आगामी पांच वर्षों तक जारी रखा जाएगा। योजना के तहत पात्र जोड़ों को विवाह के अवसर पर 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

इसके अलावा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की खाद्यान्न परिवहन व्यय योजना को भी स्वीकृति दी गई है। इस योजना के लिए 3,580 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर में किए गए सर्वे और मैपिंग के आधार पर आने वाले तीन वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत 315 विद्यालयों को हाई स्कूल स्तर तक उन्नत किया जाएगा, जबकि 214 नए हायर सेकेंडरी स्कूल खोले जाएंगे। इस परियोजना के लिए 635 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

सरकार का मानना है कि इन नए विद्यालयों के खुलने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही प्रदेश में शत-प्रतिशत नामांकन के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।

कैबिनेट ने शुजालपुर में एक स्वतंत्र विधि महाविद्यालय संचालित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी विधि महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने की प्रक्रिया पूरी किए जाने की जानकारी दी गई।

बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार ने संकेत दिए हैं कि यूसीसी का प्रारूप (ड्राफ्ट) 5 जुलाई तक तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद संबंधित पक्षों से चर्चा और आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

कुल मिलाकर मोहन सरकार की इस कैबिनेट बैठक में किसानों को राहत, शिक्षा के विस्तार, सामाजिक योजनाओं की निरंतरता और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष जोर दिया गया। किसानों के लिए ऋण भुगतान व्यवस्था में किया गया बदलाव इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के लाखों कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।