रीना बोरासी के आरोपों पर गरमाई सियासत: आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय का पलटवार, बोले—मानहानि का केस करूंगा

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी ने आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय पर यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और संपत्ति कब्जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। इसके जवाब में विधायक ने वीडियो जारी कर सभी आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि वे रीना बोरासी के खिलाफ आपराधिक और मानहानि का केस करेंगे। विवादित बयान देते हुए उन्होंने “पवनखेड़ा बना दूंगा” भी कहा, जिससे सियासत और गरमा गई है।

रीना बोरासी के आरोपों पर गरमाई सियासत: आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय का पलटवार, बोले—मानहानि का केस करूंगा

आरोपों से गरमाई राजनीति

रीना बोरासी ने राज्यपाल से की शिकायत

यौन शोषण और संपत्ति कब्जाने के गंभीर आरोप

महिला प्रोफेसर और बुजुर्ग महिला का मामला उठाया

 विधायक चिंतामणि मालवीय का वीडियो जारी कर जवाब

रीना बोरासी के आरोपों पर गरमाई सियासत: आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय का पलटवार, बोले—मानहानि का केस करूंगा

मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अब आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय का जवाब सामने आया है। दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है, और मामला अब कानूनी कार्रवाई की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।

आरोपों से शुरू हुआ विवाद

गुरुवार को भोपाल में महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी ने राज्यपाल से मुलाकात कर भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने विधायक पर यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने जैसे गंभीर आरोप लगाए।

रीना बोरासी ने दावा किया कि एक महिला प्रोफेसर को विधायक की कथित प्रताड़ना के कारण नौकरी छोड़नी पड़ी। उनका कहना है कि पीड़िता पिछले 10 वर्षों से न्याय की मांग कर रही है, लेकिन राजनीतिक प्रभाव और दबाव के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

इसके अलावा, बोरासी ने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का मामला भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर बुजुर्ग महिला की दुकान के शटर तोड़कर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की।

विधायक का वीडियो जारी कर पलटवार

इन आरोपों के बाद विधायक चिंतामणि मालवीय ने वीडियो जारी कर सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप “नितांत असत्य, तथ्यविहीन और प्रमाणविहीन” हैं।

मालवीय ने कहा,

“मेरे ऊपर कोई आरोप, कोई जांच या कोई प्रकरण लंबित नहीं है। मैंने किसी की जमीन नहीं हड़पी है। इस तरह के झूठे और स्तरहीन आरोप लगाना अपराध है।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस मामले में रीना बोरासी के खिलाफ आपराधिक और मानहानि का केस दर्ज करेंगे।

“पवनखेड़ा बना दूंगा” बयान पर विवाद

अपने बयान में विधायक ने एक विवादित टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा,

“मैं उन्हें पवनखेड़ा बनाकर छोड़ूंगा।”

इस बयान ने पूरे विवाद को और तूल दे दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस टिप्पणी को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

विधायक मालवीय ने रीना बोरासी पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बोरासी चुनाव में हार के बाद अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही हैं।

उन्होंने कहा,

“वे 68,800 वोटों से चुनाव हारी हैं। अपने डूबते अस्तित्व को बचाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही हैं।”

महिला मुद्दों पर सियासत तेज

इस पूरे मामले ने मध्यप्रदेश में महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सियासत को फिर गरमा दिया है। कांग्रेस इस मुद्दे को महिला सुरक्षा और न्याय से जोड़कर उठा रही है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक साजिश बता रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में और ज्यादा तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अब कानूनी लड़ाई की तैयारी में हैं।

कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ता मामला

विधायक द्वारा मानहानि और आपराधिक केस की घोषणा के बाद यह विवाद अब अदालत तक पहुंच सकता है। यदि मामला कोर्ट में जाता है, तो दोनों पक्षों को अपने-अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश करने होंगे।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि मध्यप्रदेश की राजनीति में व्यक्तिगत आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर अभी थमने वाला नहीं है।

रीना बोरासी और चिंतामणि मालवीय के बीच शुरू हुआ यह विवाद अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानूनी मोड़ लेने की स्थिति में पहुंच चुका है। एक ओर गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी ओर उन्हें सिरे से खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सच क्या है और अदालत में कौन अपने दावे को साबित कर पाता है।