केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ FIR की मांग, अतिक्रमण के लिए आदिवासियों को उकसाया', अब शिकायत

खिवनी अभयारण्य में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ वन भूमि पर अतिक्रमण के लिए आदिवासियों को उकसाने की शिकायत दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने अपने बुधनी विधानसभा क्षेत्र के आदिवासियों को वन भूमि पर अतिक्रमण करने के लिए प्रेरित किया। इस मामले की जांच डीएफओ द्वारा वरिष्ठ अधिकारी स्तर पर ही संभव होने के कारण वापस भेज दी गई है। शिवराज सिंह चौहान ने पहले विस्थापित आदिवासियों से मिलकर उन्हें मदद का आश्वासन दिया था।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ FIR की मांग, अतिक्रमण के लिए आदिवासियों को उकसाया', अब शिकायत

सीहोर के खिवनी अभयारण्य में 50 आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर एफआईआर दर्ज करने की मांग हुई है। पूर्व आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी, जिसमें आरोप लगाया गया कि चौहान ने आदिवासियों को वन भूमि पर अतिक्रमण के लिए उकसाया। पीसीसीएफ कार्यालय ने जांच के आदेश दिए हैं।

भोपाल। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर एफआईआर दर्ज कराने की शिकायत की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बुधनी विधानसभा क्षेत्र के सिवनी अभयारण्य में रहने वाले आदिवासियों को जंगल में अतिक्रमण के लिए प्रेरित किया।

यह मामला अब वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया है और शिकायत के आधार पर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

50 से अधिक आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े गए थे

कुछ महीने पहले सिवनी अभयारण्य क्षेत्र में 50 से ज्यादा आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े गए थे। सभी परिवार जंगल की भूमि पर अवैध रूप से रह रहे थे। कार्रवाई के बाद शिवराज सिंह चौहान वहां पहुंचे थे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उस समय यह मामला राज्यभर में सुर्खियों में रहा था। बाद में कुछ संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई थी

एफआईआर की मांग, सीएम को सौंपी शिकायत

सिस्टम परिवर्तन अभियान के अध्यक्ष आजाद सिंह डबास ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक लिखित शिकायत सौंपी है।
उन्होंने मांग की है कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, क्योंकि उन्होंने आदिवासियों को अतिक्रमण के लिए उकसाया था।

शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पीसीसीएफ (प्रधान मुख्य वन संरक्षक) कार्यालय ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

वरिष्ठ अधिकारी करेंगे जांच

सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद सीसीएफ ऑफिस ने सीहोर डीएफओ से रिपोर्ट मांगी थी। डीएफओ ने जांच का जिम्मा बुधनी एसडीएफओ सुकृति ओसवाल को सौंपा। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि मामला केंद्रीय मंत्री से जुड़ा होने के कारण वरिष्ठ स्तर पर जांच जरूरी है।

कार्रवाई के बाद से ठप पड़ा है अभयारण्य का काम

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद शिवराज सिंह चौहान आदिवासियों को लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीहोर एसडीओ मगन सिंह का तबादला कर दिया था।
तब से सिवनी अभयारण्य में विभागीय कार्य प्रभावित हैं।