यूनियन बजट 2026: 2047 के विकसित भारत की ओर निर्णायक और समावेशी कदम,प्रमोद भगत CAIT चेयरमैन गुजरात

यूनियन बजट 2026 को CAIT गुजरात के चेयरमैन प्रमोद भगत ने दूरदर्शी, समावेशी और निर्णायक दस्तावेज बताया। उनके अनुसार यह बजट 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। बजट से व्यापार, निवेश, स्टार्टअप और खासकर MSME सेक्टर को भरोसा मिलेगा। आर्थिक विकास के साथ समाज के हर वर्ग को सशक्त करने की सोच इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता है।

यूनियन बजट 2026: 2047 के विकसित भारत की ओर निर्णायक और समावेशी कदम,प्रमोद भगत CAIT चेयरमैन गुजरात

यूनियन बजट 2026 विकसित भारत की मजबूत नींव

यूनियन बजट 2026: विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम

केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत यूनियन बजट 2026 को देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक दूरदर्शी, संतुलित और निर्णायक दस्तावेज के रूप में देखा जा रहा है। यह बजट केवल अगले एक वर्ष की वित्तीय जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के दीर्घकालिक लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) गुजरात के चेयरमैन श्री प्रमोद भगत ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “दूर की सोच, प्रैक्टिकल पॉलिसी और आर्थिक मजबूती का बेहतरीन मेल” बताया है।

 प्रमोद भगत के अनुसार, यह बजट देश के व्यापार, उद्योग, स्टार्टअप, निवेशकों और खासकर माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) के लिए भरोसे का एक मजबूत संदेश देता है। लंबे समय से यह वर्ग सरल टैक्स व्यवस्था, आसान क्रेडिट, डिजिटल सुविधाओं और स्थिर नीतियों की मांग कर रहा था, जिसे इस बजट में प्राथमिकता मिलती दिखाई देती है। बजट में किए गए प्रावधान न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देंगे, बल्कि रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेंगे।

बजट 2026 की सबसे बड़ी विशेषता इसकी समावेशी सोच है। सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि आर्थिक विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका लाभ समाज के हर वर्ग—किसान, मजदूर, व्यापारी, युवा, महिला और मध्यम वर्ग—तक पहुंचे। इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इकॉनमी और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के प्रावधान भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किए गए हैं।

व्यापार जगत के दृष्टिकोण से देखें तो बजट में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। टैक्स सिस्टम को सरल करने, कंप्लायंस को कम करने और टेक्नोलॉजी के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने के कदमों का सीधा लाभ छोटे और मध्यम व्यापारियों को मिलेगा। श्री प्रमोद भगत का मानना है कि इससे व्यापारियों में विश्वास बढ़ेगा और वे विस्तार व निवेश के लिए प्रोत्साहित होंगे।

MSME सेक्टर के लिए बजट 2026 विशेष रूप से अहम माना जा रहा है। यह सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और करोड़ों लोगों को रोजगार देता है। आसान ऋण, क्रेडिट गारंटी, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल अपग्रेडेशन जैसे कदम MSME को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे। श्री भगत ने कहा कि “यह बजट MSME के लिए सिर्फ राहत नहीं, बल्कि नए अवसरों का द्वार खोलने वाला है।”

बजट में स्टार्टअप और एंटरप्रेन्योरशिप को भी नई ऊर्जा देने की कोशिश की गई है। नवाचार, रिसर्च और टेक्नोलॉजी आधारित व्यवसायों को समर्थन देकर सरकार यह संदेश दे रही है कि आने वाला समय ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है। युवाओं के लिए यह बजट उम्मीदों से भरा हुआ है, क्योंकि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

सामाजिक दृष्टि से भी बजट संतुलित नजर आता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधान यह दर्शाते हैं कि सरकार आर्थिक प्रगति के साथ-साथ मानव विकास को भी बराबर महत्व दे रही है। ग्रामीण और शहरी भारत के बीच की खाई को कम करने के लिए किए गए प्रयास देश को समरस विकास की दिशा में ले जाते हैं।

 प्रमोद भगत ने अपने बयान में यह भी कहा कि बजट 2026 में आर्थिक स्थिरता और फिस्कल डिसिप्लिन बनाए रखने का संतुलन साफ नजर आता है। बढ़ते वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है। निवेशकों के लिए यह बजट भरोसे का संकेत है कि भारत एक स्थिर और सुरक्षित निवेश गंतव्य बना रहेगा।

कुल मिलाकर, यूनियन बजट 2026 को निर्णायक, व्यावहारिक और भविष्य उन्मुख बजट कहा जा सकता है। यह न केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है, बल्कि आने वाले दशकों के लिए भारत की दिशा भी तय करता है। CAIT गुजरात के चेयरमैन प्रमोद भगत के शब्दों में, “आर्थिक विकास के साथ समाज के हर वर्ग को मजबूत बनाने की भावना इस बजट को खास बनाती है।” यही कारण है कि बजट 2026 को 2047 के विकसित भारत की नींव रखने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।