वंदे मातरम’ विवाद में ऐसा एक्शन पहली बार : कांग्रेस की दो महिला पार्षदों पर FIR , बीएनएस की धारा 196 के तहत दर्ज हुआ केस
इंदौर में कांग्रेस पार्षदों को राष्ट्रीय गीत का अपमान करना महंगा पड़ गया है। पूछताछ के बाद दोनों पार्षदों के खिलाफ इंदौर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। अब मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एमजी रोड पुलिस ने पार्षद रुबीना और पार्षद फौजिया अलीम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया
इंदौर नगर निगम में 8 अप्रैल को बजट सत्र के दौरान वंदे मातरम राष्ट्रगीत नहीं गाने और विवाद करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। एमजी रोड पुलिस ने जांच के बाद कांग्रेस की दो महिला पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज की है। इंदौर में वंदे मातरम् विवाद में यह पहली एफआईआर है। पुलिस ने यह एक्शन भाजपा पार्षदों की शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर उठाया है।
पुलिस ने बीते सोमवार और मंगलवार को दोनों आरोपी पार्षदों को पूछताछ के लिए तलब किया था। उनके बयान दर्ज किए गए। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196/1 (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बिगाड़ना) के तहत केस दर्ज कर लिया।
एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि इस मामले में भाजपा पार्षद दल ने एमजी रोड थाने में आकर शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद ही पूरे मामले की जांच की जा रही है।
फौजिया शेख अलीम के सोमवार को बयान दर्ज किए गए थे। मंगलवार को पार्षद रुबीना इकबाल खान के बयान दर्ज किए गए है। इसके साथ ही उनसे मामले को लेकर साढ़े चार घंटे सवाल-जवाब भी किए गए।
दोनों पार्षदों ने दिया धर्म और संविधान का हवाला
रुबीना ने इस्लाम का हवाला देते हुए पुलिस से कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें (मुसलमानों को) स्वतंत्रता दी है। मैं "किसी के बाप में दम तो हो" वाले मेरे बयान पर माफी मांगती हूं।
दूसरी ओर फौजिया शेख ने पुलिस को बताया कि भारतीय संविधान उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी देता है। संविधान के तहत किसी को भी जबरन कोई गीत गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
फौजिया ने आगे कहा कि जब वह सदन में गंदे पानी और जनता से जुड़े जरूरी मुद्दों पर बात करना चाह रही थीं, तब भाजपा पार्षदों ने जानबूझकर 'वंदे मातरम' का मुद्दा उठाकर ध्यान भटकाने की कोशिश की।
बोलीं - शहर के मुद्दों पर चर्चा करना जरूरी
रुबीना ने दैनिक भास्कर से कहा कि इस्लाम में मनाही है इसलिए हम वंदे मातरम् नहीं गाते हैं। वहीं, फौजिया शेख अलीम ने इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया। फौजिया के पति शेख अलीम का कहना है कि इस मामले को यहीं खत्म करते हुए अब दोनों को साथ बैठकर शहर के विकास के मुद्दों पर चर्चा करना चाहिए।
फौजिया ने मांगा था एक्ट, जिसमें ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य हो
बजट वाले दिन सभापति के निर्देश पर कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने कहा था कि उन्हें वह एक्ट दिखाया जाए, जिसमें ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य बताया गया हो। कुछ देर बाद वे खुद ही सदन से बाहर चली गईं। वहीं, रुबीना इकबाल खान ने कहा कि अगर एक बाप की औलाद हो तो बुलवाकर दिखाओ। उनके बयान से सदन संवेदनशील हो गया था।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस