सीएम मोहन यादव के पहुंचने से पहले बड़ा हादसा टला, IPEC स्थल का गेट गिरा-इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर की सौगात, मप्र में खुलेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव रविवार को इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (IPEC) के प्रथम चरण के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। सीएम के कार्यक्रम स्थल में पहुंचने से पहले बड़ा हादसा टल गया, भूमिपूजन स्थल पर लगा मुख्य गेट अचानक गिर गया, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। जिसके बाद वहां मौजूद अधिकारियों ने तत्काल गेट को क्रेन की मदद से उसी जगह पर दोबारा खड़ा करवाया।

सीएम मोहन यादव के पहुंचने से पहले बड़ा हादसा टला, IPEC स्थल का गेट गिरा-इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर की सौगात, मप्र में खुलेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2360 करोड़ रुपये की लागत वाले इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण का भूमि-पूजन किया। इससे औद्योगिक कनेक्टिविटी सुधरेगी और क्षेत्र में निवेश के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (IPEC) के भूमिपूजन कार्यक्रम से ठीक पहले एक बड़ा हादसा टल गया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्य प्रवेश द्वार अचानक गिर पड़ा, जिससे कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि घटना उस समय हुई जब मोहन यादव कार्यक्रम स्थल पर अभी पहुंचे नहीं थे और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

अचानक गिरा मुख्य गेट, मचा हड़कंप

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम स्थल को भव्य तरीके से सजाया गया था और एक बड़ा अस्थायी गेट बनाया गया था। अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह गिर गया। गेट गिरते ही मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

समय रहते संभाली गई स्थिति

घटना के तुरंत बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में लिया। मौके पर मौजूद टीम ने क्रेन की मदद से गेट को दोबारा खड़ा किया और कुछ ही देर में व्यवस्थाएं सामान्य कर दी गईं।

बड़ा हादसा टला

अगर यह घटना कार्यक्रम के दौरान होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन समय रहते स्थिति संभल जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि गेट गिरते ही लोग इधर-उधर भागने लगते हैं, जिससे मौके पर अफरातफरी का माहौल बन जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमि-पूजन किया। यह पहल प्रदेश में अधोसंरचना, उद्योग और शहरी विकास को एकीकृत रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति को स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को सुदृढ़ औद्योगिक आधार और आदर्श निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में इकोनॉमिक कॉरिडोर (IPEC) महत्वपूर्ण साबित होगा। कार्यक्रम में शॉर्ट फिल्म के माध्यम से कॉरिडोर के स्वरूप, संभावनाओं और क्षेत्रीय प्रभावों को दिखाया गया 

सुपर कॉरिडोर और पीथमपुर निवेश क्षेत्र का विकास होगा

यह कॉरिडोर इंदौर एयरपोर्ट के समीप स्थित सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ते हुए एक सुव्यवस्थित औद्योगिक धुरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से न केवल औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स, परिवहन और बाजार तक पहुंच भी अधिक प्रभावी बनेगी। यह परियोजना इंदौर क्षेत्र में विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स को एकीकृत कर निवेश के लिए एक संगठित और सक्षम वातावरण तैयार करेगी।

उद्योगों के लिए संचालन की प्रक्रिया सरल होगी

सीएम ने कहा कि इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से पीथमपुर निवेश क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को एकीकृत कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। इससे उत्पादन और वितरण तंत्र अधिक प्रभावी बनेगा और उद्योगों के लिए संचालन की प्रक्रिया सरल होगी। यह परियोजना प्रदेश में निवेश प्रवाह को सुदृढ़ करने और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगी।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

1. परियोजना के अंतर्गत सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर निवेश क्षेत्र तक लगभग 20.28 किलोमीटर लंबाई का मार्ग विकसित किया जा रहा है।

2. लगभग 1316 हेक्टेयर क्षेत्र में नियोजित विकास का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए कुल 2360 करोड़ रु. की लागत निर्धारित की गई है।

3. अधोसंरचना के तहत 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क तथा उसके दोनों ओर विकसित होने वाला बफर जोन इस कॉरिडोर को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तार योग्य बनाएगा।

4. यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-47 और राष्ट्रीय राजमार्ग-52 के बीच प्रभावी कनेक्टिविटी स्थापित करते हुए औद्योगिक परिवहन को अधिक सुगम और समयबद्ध बनाएगा। साथ ही, यह परियोजना इंदौर क्षेत्र में संतुलित शहरीकरण और अधोसंरचना आधारित विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।