MP में 70 हजार अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत: सात दिन की लगातार अनुपस्थिति पर सेवा समाप्ति का आदेश रद्द, DPI ने जारी किया आदेश
लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने अतिथि शिक्षकों की 7 दिन की लगातार अनुपस्थिति पर रिलीव/सेवा समाप्ति का सख्त आदेश वापस ले लिया है। अतिथि शिक्षकों के विरोध के बाद आदेश निरस्त कर दिया गया। विभाग ने कहा है कि एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर तकनीकी व्यवस्था बनने के बाद नए निर्देश जारी किए जाएंगे।
मध्य प्रदेश के 70 हजार अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। स्कूल शिक्षा विभाग ने लगातार सात दिन अनुपस्थित रहने पर सेवाएं समाप्त करने का आदेश वापस ले लिया है।
(भोपाल): मध्य प्रदेश के अतिथि शिक्षकों के लिए एक बडी खबर सामने आई है। प्रदेश के करीब 70 हजार अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।दरअसल विभाग ने सेवाएं समाप्त करने का आदेश वापस ले लिया है जिससे अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। 7 दिन तक लगातार अनुपस्थित रहने पर उनकी सेवाएं एजुकेशन पोर्टल 3.0 से हटाने संबंधी आदेश को स्कूल शिक्षा विभाग ने निरस्त कर दिया है। इससे अतिथि शिक्षकों में खुशी देखी जा रही है।
सात दिन तक लगातार अनुपस्थित रहने पर सेवा समाप्ति का आदेश निरस्त
डीपीआई संचालक ने जानकारी देते हुए कहा कि सभी जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, हायर सेकेंडरी व हाई स्कूलों के संकुल प्राचार्य तथा शाला प्रभारियों को स्पष्ट किया गया है कि पूर्व आदेश अब प्रभावी नहीं रहेगा। साथ ही यह भी बताया गया कि आवश्यक तकनीकी व्यवस्था पूरी होने के बाद इस विषय में नए और स्पष्ट निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। इस आदेश के जारी होने के बाद अतिथि शिक्षकों ने चैन की सांस ली है। अतिथि शिक्षकों के विरोध के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने 20 फरवरी को जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।
अतिथि शिक्षकों ने जताया था तगड़ा विरोध
20 फरवरी को जारी आदेश में निर्देशित किया गया था कि यदि कोई अतिथि शिक्षक सात दिन तक लगातार अनुपस्थित रहता है तो उसकी सेवाएं पोर्टल से हटा दी जाएंगी। इस निर्णय के आते ही पूरे प्रदेश में अतिथि शिक्षकों में आक्रोश देखा गया था और उन्होंने इसका विरोध किया था । अतिथि शिक्षकों ने इसे तुगलकी फरमान बताया था। इस आदेश के बाद फिलहाल अतिथि शिक्षकों पर लटकी कार्रवाई की तलवार हट गई है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस