भागीरथपुरा में हुई मौतों पर सीएम मोहन का बड़ा बयान,आंकड़ों पर नहीं जाएंगे, ये एक संवेदनशील मुद्दा...
इंदौर भागीरथपुरा दूषित जल से मौत के मामले में सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान आया सामने. फिलहाल, 18 मौतों की प्रशासन ने पुष्टि कर दी है. लेकिन, रहवासी 20 मौतों का दावा कर रहे हैं. जानें पूरा मामला...
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भागीरथपुरा में हुई मौतों को लेकर कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और सरकार इसे केवल आंकड़ों के नजरिए से नहीं देखेगी।
इंदौर। शहर भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से मौतों के आंकड़ों को लेकर असमंजस की स्थिति अभी भी बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक 20 मौतों का दावा किया जा रहा है, वहीं प्रशासन अब भी 6 मौतों के आंकड़े पर अटका हुआ है। जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने 18 लोगों को आर्थिक मुआवजा दिया है। 15 परिवार को राशि दी गई है। वहीं 3 परिवारों को राशि खाता खुलवाकर देने की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन के मुताबिक, भागीरथपुरा इलाके के नाम मीडिया रिपोर्ट में भी सामने आए हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा है कि हम किसी तरह के आंकड़ों में नहीं पड़ रहे हैं। उस इलाके के लोगों की बात है, हम सबके साथ हैं, जो भी राहत होगी हमारी सरकार देगी।
जो भी राहत होगी हमारी सरकार देगी : सीएम
भागीरथपुरा दूषित पानी मामले को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने बड़ा बयान दिया है। भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार के सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि हम किसी तरह के आंड़कों में नहीं पड़ रहे हैं। उस इलाके के लोगों की बात है, हम सबके साथ हैं। जो भी राहत होगी हमारी सरकार देगी।
कलेक्टर और निगम कमिश्नर लगातार मॉनिटरिंग में जुटे
फिलहाल, 99 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें 16 मरीज आईसीयू में हैं और 3 मरीज वेंटिलेटर पर जिंदगी से जूझ रहे हैं। रविवार को जहां 7 मरीज आईसीयू में थे, वहीं सोमवार को यह संख्या बढ़कर 15 हो गई, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है। अब तक 429 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए थे, जिनमें से 330 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। बीमार लोगों की लगातार निगरानी की जा रही है। इलाके के घरों में लगातार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें दौरा कर ही हैँ। कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर भी अफसरों के साथ लगातार भागीरथपुरा क्षेत्र में मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
सीएम के निर्देश पर मृतक के परिवारों को तत्काल सहायता
कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि हर मौतों पर डॉक्टर्स की पैनलिस्ट टीम हैं, जो पूरी रिपोर्ट को तैयार कर रही है। वही डेथ डिक्लियर करते हैं, उनकी रिपोर्ट के आधार पर जिन नामों को वो दे रहे हैं, उन्हें डेथ की सूची में मान रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश हैं जिनके भी परिवार में मृत्यु हो तत्काल उनके परिवार को 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि मिलनी चाहिए। वर्तमान में ऐसे दुखद 18 परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई है। इनमें से कुछ ऐसे लोग हैं, RTGS द्वारा सहायता राशि देने की प्रक्रिया की जा रही है।
बोरिंग पर रोक, टैंकर के भरोसे लोग
प्रशासन ने भागीरथपुरा में बोरिंग के पानी के उपयोग पर रोक लगा दी है। इलाके के लोग अब टैंकर और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा और निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। आज नर्मदा जल की सप्लाई शुरू की जाएगी, साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे फिलहाल घरों की नल टोटियां न खोलें।
स्वास्थ्य विभाग का सर्वे
सीएमएचओ माधव हसनी के अनुसार, 61 हेल्थ टीमों ने दो दिनों में 5013 घरों का रियल टाइम सर्वे किया और 24,786 लोगों से संपर्क कर परामर्श दिया। ICMR के सर्वे में 17 गलियां संक्रमित पाई गईं। आंकड़ों के अनुसार, करीब 460 घर प्रभावित हैं, जहां 600 से अधिक सिम्पटोमैटिक मरीज मिले हैं। प्रशासन के सामने अब चुनौती है। आंकड़ों से ज्यादा जमीनी सच्चाई पर काबू पाने की।
सीएम ने स्पष्ट किया कि हर एक मौत गंभीर विषय है और सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवारों को न्याय, संवेदना और हरसंभव मदद देना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की गहराई से जांच की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगी और प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य, स्वच्छता और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
मुख्य बिंदु:
यह आंकड़ों का नहीं, मानवीय संवेदना का मामला
पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता
मामले की गहन जांच के निर्देश
लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई
भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस