कांग्रेस की राज्यसभा सीट पर बढ़ी सरगर्मी: दिल्ली में मंथन, भोपाल में विधायक सक्रिय, उम्मीदवार पर जल्द लगेगी मुहर

मध्य प्रदेश की एकमात्र कांग्रेस राज्यसभा सीट को लेकर पार्टी में हलचल तेज हो गई है। उम्मीदवार के नाम पर दिल्ली में लगातार मंथन चल रहा है, जबकि भोपाल में संगठन और विधायक दल को सक्रिय कर दिया गया है। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 8 जून है, इसलिए कांग्रेस अगले एक-दो दिनों में उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है।

कांग्रेस की राज्यसभा सीट पर बढ़ी सरगर्मी: दिल्ली में मंथन, भोपाल में विधायक सक्रिय, उम्मीदवार पर जल्द लगेगी मुहर

राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस में मंथन तेज, नाम का जल्द ऐलान संभव

दिल्ली में चर्चा, भोपाल में तैयारी; कांग्रेस उम्मीदवार पर अंतिम फैसला करीब

कांग्रेस की राज्यसभा सीट के लिए कई दावेदार, हाईकमान करेगा फैसला

8 जून से पहले कांग्रेस चुनेगी राज्यसभा उम्मीदवार, बैठकों का दौर जारी

भोपाल। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एकमात्र कांग्रेस सीट को लेकर पार्टी के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवार के चयन को लेकर दिल्ली से लेकर भोपाल तक लगातार बैठकों और चर्चाओं का दौर जारी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व अगले एक-दो दिन में उम्मीदवार के नाम पर अंतिम निर्णय ले सकता है। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित है, जिसके चलते पार्टी ने तैयारियां भी तेज कर दी हैं।

कांग्रेस के सामने इस बार सबसे बड़ी चुनौती ऐसा उम्मीदवार चुनने की है जो संगठनात्मक संतुलन, जातीय समीकरण और आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से पार्टी के लिए लाभकारी साबित हो। इसी वजह से उम्मीदवार चयन को लेकर कांग्रेस हाईकमान बेहद सावधानी बरत रहा है।

दिल्ली में लगातार मंथन

राज्यसभा सीट के लिए कई वरिष्ठ नेताओं ने दावेदारी पेश की है। पिछले कुछ दिनों से संभावित उम्मीदवार दिल्ली पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि उम्मीदवार के चयन में केवल व्यक्तिगत दावेदारी ही नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य की चुनावी रणनीति को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

कांग्रेस नेतृत्व इस बात पर विचार कर रहा है कि राज्यसभा के लिए ऐसा चेहरा सामने लाया जाए जो संगठन को मजबूती देने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक वर्गों को भी सकारात्मक संदेश दे सके। इसी कारण अंतिम निर्णय लेने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है।

भोपाल में संगठन को किया गया सक्रिय

उम्मीदवार के नाम की घोषणा से पहले कांग्रेस संगठन ने चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में राज्यसभा चुनाव से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। पार्टी विधायकों से नामांकन प्रक्रिया के लिए प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर भी कराए जा रहे हैं ताकि उम्मीदवार तय होते ही नामांकन दाखिल किया जा सके।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा को देखते हुए सभी औपचारिकताएं पहले से पूरी की जा रही हैं। इससे उम्मीदवार की घोषणा के बाद किसी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा नहीं आएगी।

विधायक दल की अहम बैठक

राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार शाम 5 बजे भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मुख्य सचेतक सोहन बाल्मीकि समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।

बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति, मतदान प्रक्रिया और संगठनात्मक समन्वय पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। साथ ही विधायकों को मतदान से जुड़ी तकनीकी जानकारियां और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक के बाद उम्मीदवार के नाम को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।

दिग्विजय सिंह ने बनाई दूरी

मौजूदा राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में बना हुआ है। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से तीसरी बार राज्यसभा जाने की इच्छा व्यक्त नहीं की है। इसके बावजूद कांग्रेस के वरिष्ठ और अनुभवी नेता होने के कारण उनका नाम संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल माना जा रहा है।

पार्टी के भीतर यह धारणा है कि यदि केंद्रीय नेतृत्व चाहे तो दिग्विजय सिंह के अनुभव और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उनके नाम पर विचार किया जा सकता है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है।

जीतू पटवारी की भूमिका पर नजर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सार्वजनिक मंचों पर कई बार कहा है कि वे राज्यसभा की दौड़ में शामिल नहीं हैं। इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में उनकी सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और केंद्रीय नेतृत्व के साथ बेहतर तालमेल को देखते हुए कई राजनीतिक पर्यवेक्षक उन्हें भी संभावित दावेदारों की सूची से पूरी तरह बाहर नहीं मानते।

हालांकि पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन की कमान संभाल रहे जीतू पटवारी को फिलहाल प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रखना कांग्रेस की प्राथमिकता हो सकती है।

जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस

कांग्रेस इस बार राज्यसभा उम्मीदवार के चयन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को विशेष महत्व दे रही है। पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के नेताओं के नामों पर विचार कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मध्य प्रदेश में सामाजिक समीकरण चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में राज्यसभा उम्मीदवार का चयन केवल एक सीट का मामला नहीं बल्कि आगामी चुनावों की रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है।

कई नेताओं के नाम चर्चा में

राज्यसभा सीट के लिए कई वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। इनमें पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा प्रमुख रूप से शामिल बताए जा रहे हैं।

अरुण यादव ओबीसी वर्ग के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और लंबे समय से संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वहीं सज्जन सिंह वर्मा मालवा क्षेत्र में कांग्रेस का बड़ा चेहरा माने जाते हैं और पार्टी के मुखर नेताओं में उनकी पहचान है।

इसके अलावा ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज से जुड़े कुछ नेताओं के नामों पर भी चर्चा जारी है। कांग्रेस नेतृत्व सभी संभावित विकल्पों पर विचार करने के बाद अंतिम निर्णय लेना चाहता है।

कमलेश्वर पटेल की दावेदारी मजबूत

पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल का नाम भी राज्यसभा की दौड़ में प्रमुखता से लिया जा रहा है। विंध्य क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ और कुर्मी समाज के बीच प्रभाव को उनकी दावेदारी का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।

कांग्रेस संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और विभिन्न सामाजिक वर्गों में स्वीकार्यता भी उन्हें मजबूत दावेदारों में शामिल करती है। राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि यदि पार्टी सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देती है तो कमलेश्वर पटेल का नाम गंभीरता से विचाराधीन रह सकता है।

जल्द हो सकता है ऐलान

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून होने के कारण कांग्रेस के पास निर्णय लेने के लिए बहुत अधिक समय नहीं बचा है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में पार्टी उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर सकती है।

फिलहाल दिल्ली में मंथन और भोपाल में संगठनात्मक तैयारियों के बीच कांग्रेस की राज्यसभा सीट को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है, जो यह तय करेगा कि मध्य प्रदेश से कांग्रेस का अगला राज्यसभा उम्मीदवार कौन होगा।