कांग्रेस MLA महेश और शहर अध्यक्ष भाटी का डांस वायरल :उज्जैन कांग्रेस शिविर में जीतू पटवारी बोले- दुपट्टा पहले रखो, बीजेपी षड्यंत्र करती है

उज्जैन में आयोजित कांग्रेस के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में महेश परमार अपने समर्थकों के साथ मंचीय अंदाज में डांस करते नजर आ रहे हैं. उनके साथ मुकेश भाटी भी थिरकते दिखाई दे रहे हैं.

कांग्रेस MLA महेश और शहर अध्यक्ष भाटी का डांस वायरल :उज्जैन कांग्रेस शिविर में जीतू पटवारी बोले- दुपट्टा पहले रखो, बीजेपी षड्यंत्र करती है

उज्जैन कांग्रेस शिविर में डांस का वीडियो वायरल: विधायक महेश परमार और शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी के ठुमकों की चर्चा, जीतू पटवारी का बयान भी सुर्खियों में

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में आयोजित कांग्रेस के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कांग्रेस विधायक महेश परमार और शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी समर्थकों के साथ डांस करते नजर आ रहे हैं। वहीं शिविर से जुड़ा एक अन्य वीडियो भी चर्चा में है, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari दुपट्टे को लेकर टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। इन दोनों वीडियो ने राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है।

उज्जैन के देवास रोड स्थित दताना क्षेत्र के एक रिसोर्ट में गुरुवार और शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में जिले भर से पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए थे। कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष, मंडलम अध्यक्ष, विधानसभा प्रभारी, जिला प्रभारी और अन्य संगठनात्मक पदों पर कार्यरत करीब 275 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

रिसोर्ट में ही ठहराए गए थे नेता और कार्यकर्ता

जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण शिविर में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए रात्रि विश्राम की व्यवस्था भी उसी रिसोर्ट में की गई थी। दिनभर राजनीतिक और संगठनात्मक विषयों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जबकि शाम को अनौपचारिक माहौल में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मेल-मिलाप का दौर भी चला।

इसी दौरान का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो रिसोर्ट परिसर में ही रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो को कथित तौर पर करीब 24 घंटे पहले एक इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किया गया, जिसके बाद यह तेजी से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैल गया।

समर्थकों के बीच डांस करते नजर आए महेश परमार

वायरल वीडियो में विधायक महेश परमार अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच घिरे दिखाई दे रहे हैं। माहौल पूरी तरह उत्साहपूर्ण नजर आता है और बैकग्राउंड में फिल्मी तथा लोकगीत बजते सुनाई देते हैं। वीडियो में परमार विभिन्न लोकप्रिय गीतों पर डांस करते दिखाई देते हैं।

बताया जा रहा है कि वह ‘इमली का बूटा बेरी का पेड़’, ‘इस जंगल में हम दो शेर’, ‘फंस गई जल मछली’ और ‘चिलम तंबाकू का डिब्बा’ जैसे गीतों पर थिरकते नजर आए। उनके साथ कई कार्यकर्ता भी नाचते और तालियां बजाते दिखाई दिए। वीडियो में कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी भी मौजूद हैं और वे भी कार्यकर्ताओं के साथ डांस करते दिखाई देते हैं।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे नेताओं का सहज और मानवीय पक्ष बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक प्रशिक्षण शिविर की गंभीरता से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

शिविर में शामिल कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पूरे समय संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई और शाम के समय सांस्कृतिक एवं अनौपचारिक गतिविधियों के जरिए कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया गया। उनका मानना है कि लंबे प्रशिक्षण सत्रों के बाद ऐसे कार्यक्रम कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करते हैं।

हालांकि राजनीतिक विरोधियों को इस वायरल वीडियो ने कांग्रेस पर निशाना साधने का अवसर भी दे दिया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स वीडियो को साझा करते हुए अलग-अलग तरह की राजनीतिक टिप्पणियां कर रहे हैं।

जीतू पटवारी का वीडियो भी चर्चा में

इसी प्रशिक्षण शिविर से जुड़ा एक और वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कुछ लोग उनका स्वागत करते हुए उन्हें भगवान महाकाल के नाम वाला दुपट्टा पहनाते नजर आते हैं।

वीडियो के अनुसार, पटवारी दुपट्टा पहनने के कुछ ही क्षण बाद उसे उतारकर अपने सुरक्षाकर्मी को दे देते हैं। इसी दौरान वे कहते सुनाई देते हैं, “इसको पहले रखो, ये बीजेपी वाले षड्यंत्र करते हैं।”

पटवारी की इस टिप्पणी को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। समर्थक इसे राजनीतिक विवादों से बचने की सावधानी बता रहे हैं, जबकि विरोधी दल इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं।

पुराना विवाद भी आया याद

दरअसल, जीतू पटवारी का नाम इससे पहले भी दुपट्टे को लेकर विवादों में आ चुका है। कुछ समय पहले उनके रतलाम दौरे का एक वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भगवान के नाम वाला दुपट्टा जमीन पर फेंक दिया था।

उस घटना के बाद भाजपा नेताओं ने पटवारी पर सनातन धर्म और धार्मिक प्रतीकों के अपमान का आरोप लगाया था। मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया था और कई दिनों तक चर्चा में रहा था।

ऐसे में उज्जैन शिविर के दौरान सामने आए नए वीडियो को कई लोग उसी विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछली घटना से उत्पन्न विवाद के बाद पटवारी इस प्रकार के किसी नए विवाद से बचना चाहते थे, इसलिए उन्होंने दुपट्टे को तुरंत अलग रख दिया।

संगठनात्मक मजबूती पर था शिविर का फोकस

कांग्रेस द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को तैयार करना था। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने, जनसंपर्क मजबूत करने और संगठनात्मक ढांचे को प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया।

सूत्रों के अनुसार, शिविर में पार्टी की भविष्य की रणनीतियों, सदस्यता अभियान, जनहित के मुद्दों और भाजपा सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान को लेकर भी चर्चा हुई। प्रदेश नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और जनता के बीच पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का आह्वान किया।

सोशल मीडिया पर छाया उज्जैन शिविर

फिलहाल उज्जैन का यह प्रशिक्षण शिविर अपने राजनीतिक एजेंडे से अधिक वायरल वीडियो के कारण चर्चा में बना हुआ है। विधायक महेश परमार और शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी के डांस वाले वीडियो तथा जीतू पटवारी के बयान वाले वीडियो ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है।

राजनीतिक गतिविधियों के बीच नेताओं के ऐसे वीडियो अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं। उज्जैन कांग्रेस शिविर के मामले में भी यही देखने को मिल रहा है, जहां एक ओर समर्थक इसे सामान्य और उत्साहपूर्ण माहौल बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विरोधी दल इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटे हुए हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि वायरल वीडियो पर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी किस दिशा में जाती है। फिलहाल उज्जैन का यह प्रशिक्षण शिविर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।