दिल्ली-पलवल हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: जालौन पुलिस के दो दरोगा, दो सिपाही समेत पांच की मौत
दिल्ली-पलवल हाईवे पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो के दुर्घटनाग्रस्त होने से जालौन पुलिस की टीम के दो दरोगा, दो सिपाही और एक वादी समेत पांच लोगों की मौके पर मौत हो गई। टीम अपहरण के एक मामले में बरामदगी के लिए उरई से हरियाणा जा रही थी। ओवरटेक के दौरान वाहन अनियंत्रित होकर दूसरी गाड़ी से टकरा गया, जिससे यह भीषण हादसा हुआ। पुलिस अधीक्षक ने घटना की पुष्टि करते हुए परिजनों को सूचना दे दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अपहरण केस में बरामदगी के लिए जा रही टीम की स्कॉर्पियो ओवरटेक के दौरान अनियंत्रित होकर टकराई, मौके पर सभी की मौत
उरई/जालौन। मंगलवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया। दिल्ली-पलवल हाईवे पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की दूसरी गाड़ी से हुई जोरदार भिड़ंत में जालौन पुलिस के दो उप निरीक्षक (दरोगा), दो आरक्षी (सिपाही) और एक वादी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
अपहृत की बरामदगी के लिए जा रही थी टीम
जानकारी के अनुसार, कोतवाली उरई में दर्ज एक अपहरण के मामले में पुलिस टीम हरियाणा के लिए रवाना हुई थी। यह मामला अभियोग संख्या 256/2026 के तहत दर्ज था, जिसमें अपहृत बिजेंद्र सिंह पुत्र रघुवीर सिंह, निवासी मंडी रोड अमरहेड़ी, थाना सिविल लाइन, जिला जींद (हरियाणा) की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष टीम गठित की गई थी।
इस टीम का नेतृत्व मंडी चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक मोहित यादव कर रहे थे। उनके साथ उप निरीक्षक सत्यभान, सर्विलांस टीम के आरक्षी प्रदीप कुमार और कोतवाली उरई में तैनात आरक्षी अशोक कुमार भी शामिल थे। इसके अलावा मामले के वादी अमरीक सिंह पुत्र देवा सिंह भी पहचान के लिए पुलिस टीम के साथ जा रहे थे।
ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि पुलिस टीम स्कॉर्पियो वाहन से हरियाणा की ओर जा रही थी। दिल्ली-पलवल हाईवे पर चलते समय चालक ने एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और संतुलन बिगड़ने से सामने से आ रहे दूसरे वाहन से जा टकराया।
गाड़ी की रफ्तार काफी अधिक थी, जिसके कारण टक्कर इतनी जबरदस्त हुई कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मौके पर ही हुई सभी की मौत
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्कॉर्पियो में सवार सभी पांच लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। मृतकों में शामिल हैं:
उप निरीक्षक मोहित यादव (मंडी चौकी इंचार्ज)
उप निरीक्षक सत्यभान
आरक्षी प्रदीप कुमार (सर्विलांस टीम)
आरक्षी अशोक कुमार
वादी अमरीक सिंह
यह हादसा जालौन पुलिस के लिए एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी
जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम अपहृत व्यक्ति की बरामदगी के लिए उरई से हरियाणा जा रही थी। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे यह दुर्घटना हुई, जिसमें दो उप निरीक्षक, दो आरक्षी और एक वादी की मौत हो गई।
उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा के नूंह जिले के पुलिस अधिकारियों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है, ताकि आगे की वैधानिक कार्रवाई समन्वय के साथ पूरी की जा सके। साथ ही सभी मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
पुलिस महकमे में शोक की लहर
इस हादसे के बाद पूरे जालौन जिले के पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। साथी कर्मचारियों ने मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। अधिकारियों ने कहा कि ड्यूटी के दौरान इस तरह की घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है।
मृतक पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का पालन करते हुए एक अपहृत व्यक्ति को सुरक्षित वापस लाने के मिशन पर निकले थे। उनकी यह निष्ठा और समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग के खतरों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर ओवरटेक करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि जरा सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतकों के परिवारों पर इस घटना ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। जिन पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्य के लिए जान गंवाई, उनके परिवार अब गहरे सदमे में हैं। प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है।
दिल्ली-पलवल हाईवे पर हुआ यह हादसा न सिर्फ जालौन पुलिस के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा सबक है। कर्तव्य निभाते हुए पांच लोगों की असामयिक मृत्यु ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना हमें सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और सतर्क रहने की अहमियत भी याद दिलाती है।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे और उनके परिवारों को इस कठिन समय में संबल दे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस