मोहन कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसलों की झड़ी: एमपी में बनेगा व्यापारी कल्याण बोर्ड, सीएम होंगे अध्यक्ष, एक्सपोर्ट बढ़ाने जिला स्तर तक बनेगी कमेटी
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में श्रमिकों के हित में बड़ा निर्णय लिया गया। राज्य सरकार ने ‘श्रम स्टार रेटिंग’ पद्धति लागू करने का फैसला किया है, जिससे श्रमिकों और संस्थानों के कार्य प्रदर्शन की गुणवत्ता का आकलन किया जा सकेगा। साथ ही व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए राज्य व्यापार कल्याण बोर्ड के गठन को भी मंजूरी दी गई है
2442 करोड़ के दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को मंजूरी, 38,555 करोड़ के विकास कार्यों को हरी झंडी, भोपाल के पास बनेगा इलेक्ट्रॉनिक क्लस्ट
भोपाल,मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक में राज्य के आर्थिक विकास, व्यापार संवर्धन, कृषि सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
सबसे अहम निर्णय के तहत राज्य में “मध्यप्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड” के गठन को मंजूरी दी गई है। यह बोर्ड राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की तर्ज पर कार्य करेगा। इसकी खास बात यह है कि इसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री Mohan Yadav होंगे। बोर्ड में 8 विभागों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ अशासकीय सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे व्यापार से जुड़े विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
सरकार ने केवल राज्य स्तर तक ही सीमित न रखते हुए जिला स्तर पर भी इस बोर्ड की संरचना तैयार करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक जिले में समिति गठित की जाएगी, जो स्थानीय व्यापारिक समस्याओं के समाधान और निर्यात को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाएगी। इस कदम से छोटे और मध्यम व्यापारियों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री Chetan Kashyap ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य से 2442 करोड़ रुपए के “दलहन आत्मनिर्भरता मिशन” को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत किसानों को प्रोत्साहन, तकनीकी सहायता और बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।
इसके साथ ही राज्य में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 38,555 करोड़ रुपए की बड़ी राशि को भी स्वीकृति दी गई है। यह राशि सड़क, पुल, ग्रामीण विकास, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास में खर्च की जाएगी।
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने अहम कदम उठाया है। Bhopal के समीप एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जा रहा है। इससे प्रदेश में निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और तकनीकी विकास को गति मिलेगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने हाल ही में हुए चुनावों में भाजपा की बंगाल, असम और पुडुचेरी में मिली सफलता पर Narendra Modi का विशेष आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मंत्रिमंडल के सदस्यों ने पारंपरिक अंदाज में झालमुड़ी खाकर खुशी भी जाहिर की।
कृषि क्षेत्र की बात करें तो मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इसके बदले किसानों को 6520 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। लगभग 14 लाख 70 हजार किसानों ने इस प्रक्रिया में पंजीयन कराया है, जो सरकार की खरीद व्यवस्था की सफलता को दर्शाता है।
आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि Indore में 9 से 13 जून तक “कृषि कल्याण वर्ष” के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में 26 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिससे प्रदेश को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क एवं पुलों के संधारण कार्य को जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही एफ टाइप और उससे नीचे की श्रेणी के शासकीय आवासों की मरम्मत योजना को भी जारी रखने की स्वीकृति दी गई।
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण सड़कों और अन्य जिला मार्गों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों को भी जारी रखने का फैसला लिया गया है। सड़क सुरक्षा से संबंधित योजनाओं को 16वें वित्त आयोग के तहत निरंतर जारी रखने की भी मंजूरी दी गई।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना के साथ-साथ आरसीबीसी और एनआईसी केंद्रों के संचालन को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क को बनाए रखने और आईटी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भी सहमति दी गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत “समेकित बाल संरक्षण मिशन वात्सल्य योजना” को जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही निर्माणाधीन, नए और अपूर्ण आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य को भी जारी रखा जाएगा, जिससे बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड और जिला स्तरीय समितियों के गठन का निर्णय लिया गया। यह कदम प्रदेश को व्यापार और निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई यह कैबिनेट बैठक प्रदेश के विकास के विभिन्न आयामों को छूती हुई नजर आई। कृषि, उद्योग, व्यापार, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण—हर क्षेत्र में लिए गए फैसले यह संकेत देते हैं कि सरकार संतुलित और समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस