देवास हादसा: घायलों से मिले CM मोहन यादव, फैक्ट्री मालिक पर होगी सख्त कार्रवाई, मृतकों के लिए 4 लाख मुआवजे का ऐलान

हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने घटना की जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं.

देवास हादसा: घायलों से मिले CM मोहन यादव, फैक्ट्री मालिक पर होगी सख्त कार्रवाई, मृतकों के लिए 4 लाख मुआवजे का ऐलान

सीएम मोहन यादव नई दिल्ली से लौटते ही देर रात सीधे इंदौर पहुंचे। यहां उन्होंने देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे के घायलों अस्पताल पहुंचकर मुलाकात की। घायलों के उचित इलाज के निर्देश देने के साथ उन्होंने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंककला क्षेत्र में स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देर रात नई दिल्ली से लौटते ही सीधे इंदौर पहुंचे और अस्पतालों में भर्ती घायलों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने एमवाय अस्पताल और चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचकर हादसे में घायल लोगों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने घायलों और उनके परिजनों से बातचीत करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और दोषियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त लहजे में कहा कि आरोपियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा दोषियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार मृतकों के परिजनों और घायलों की हरसंभव सहायता करेगी।

इधर, देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि पटाखा लाइसेंस का गलत तरीके से उपयोग किया जा रहा था और सुरक्षा नियमों एवं शर्तों का पालन नहीं किया गया था। पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं। जांच समिति में उज्जैन के अपर कलेक्टर अतेंद्र सिंह गुर्जर और इंदौर के औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अधिकारी नमिता तिवारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति विस्फोट के संभावित कारणों की जांच करेगी। साथ ही विस्फोटक नियमों के पालन, राष्ट्रीय भवन संहिता 2016 के प्रावधानों की स्थिति, फैक्ट्री को जारी लाइसेंस की वास्तविकता और अन्य संबंधित विभागों की भूमिका की भी समीक्षा करेगी। जांच समिति को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे देवास जिले के टोंककला स्थित बारूद और पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार धमाका हुआ था। विस्फोट इतना भीषण था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना शक्तिशाली था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री परिसर में चारों तरफ मलबा फैल गया और घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकल की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे को बेहद दुखद और हृदय विदारक बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं और सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है। मुख्यमंत्री ने घटना के तुरंत बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं देवास जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए थे।

राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही सभी घायलों के निशुल्क इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद समय पर मिले।

मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पूरे मामले की गहराई से जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर जांच में जुटी हुई हैं। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध गतिविधियों की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।