देवास में मौत का तांडव: पटाखा फैक्ट्री में धमाके से उड़े इंसानी जिस्म के चिथड़े, अबतक 3 लोगों की मौत,धमाके से दहल गया पूरा इलाका
देवास जिले के टोंक कलां क्षेत्र में गुरुवार की सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण धमाका हो गया. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हैं. घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहीं गंभीर रूप से घायल लोगों को इंदौर के लिए रेफर किया गया है.
देवास में मौत का तांडव: पटाखा फैक्ट्री में धमाके से उड़े इंसानी जिस्म के चिथड़े, 3 की मौत, कई गंभीर
टोंक कला क्षेत्र में भीषण विस्फोट से दहला इलाका, 23 से ज्यादा घायल; कई को इंदौर रेफर
मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंक कला क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक पटाखा फै्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना भयावह था कि आसपास के कई किलोमीटर तक उसकी आवाज सुनाई दी। फैक्ट्री परिसर में काम कर रहे मजदूरों के बीच चीख-पुकार मच गई और कुछ ही पलों में पूरा इलाका धुएं और अफरा-तफरी से भर गया। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें इंदौर रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा सुबह करीब 11:30 बजे हुआ। उस समय फैक्ट्री के अंदर बड़ी संख्या में कर्मचारी काम कर रहे थे। अचानक जोरदार धमाका हुआ और फैक्ट्री के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास की इमारतें तक कांप उठीं। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि धमाके के बाद आग और धुएं का बड़ा गुबार आसमान में उठता दिखाई दिया। कई कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। फैक्ट्री के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई। कई लोग घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाने में जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। क्षेत्र को तत्काल घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया ताकि किसी दूसरे विस्फोट की आशंका से बचा जा सके।
प्रशासन के अनुसार, हादसे में घायल हुए 12 लोगों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। वहीं गंभीर रूप से घायल 11 लोगों को बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया है। अस्पताल में घायलों के परिजनों की भारी भीड़ देखी गई। कई परिवार अपने लोगों की तलाश में अस्पताल और फैक्ट्री के बीच दौड़ते नजर आए। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि कई लोगों के शरीर के हिस्से दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री परिसर के भीतर मलबा और जले हुए सामान बिखरे पड़े थे। राहत दल को मलबे में फंसे लोगों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। एनडीआरएफ और स्थानीय बचाव टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी कुछ लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं।
हालांकि प्रशासन ने अभी तक फैक्ट्री के नाम और हादसे की असली वजह को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन शुरुआती आशंका पटाखा या विस्फोटक सामग्री में तकनीकी गड़बड़ी की जताई जा रही है। पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल के आसपास लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। जांच टीम फैक्ट्री में रखे रसायनों, बारूद और सुरक्षा उपकरणों की जांच करेगी। प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद पूरे देवास जिले में शोक और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी सुरक्षा मानकों को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी फैक्ट्रियों की नियमित जांच हो ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पुलिस बल को अतिरिक्त रूप से तैनात किया गया है। अस्पतालों में भी इमरजेंसी व्यवस्था बढ़ा दी गई है। घायलों के इलाज के लिए डॉक्टरों की विशेष टीम लगाई गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही धमाके की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। वहीं मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस