ड्राइवर को मारा थप्पड़, बिजली कटौती के सवाल पर भड़के भाजपा विधायक का वीडियो वायरल
सतना के चित्रकूट से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जनसंवाद कार्यक्रम से लौटते समय एक पत्रकार ने उनसे बिजली कटौती को लेकर सवाल पूछा, जिसके बाद वे बिना जवाब दिए अपनी गाड़ी में बैठ गए। गाड़ी तुरंत आगे नहीं बढ़ने पर विधायक ने अपने ड्राइवर को थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं और विधायक के व्यवहार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
बिजली कटौती के सवाल पर भड़के भाजपा विधायक, ड्राइवर को जड़ा थप्पड़; वीडियो वायरल होने पर उठे सवाल
सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले की चित्रकूट विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह कोई राजनीतिक बयान या विकास कार्य नहीं, बल्कि उनके व्यवहार से जुड़ा एक वीडियो है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विधायक अपने ही ड्राइवर को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना के सामने आने के बाद विपक्षी दलों के साथ-साथ आम लोग भी इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और जनप्रतिनिधियों के आचरण को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
जनसंवाद कार्यक्रम के बाद हुआ घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार एक जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तभी वहां मौजूद एक पत्रकार ने उनसे क्षेत्र में हो रही बिजली कटौती को लेकर सवाल पूछा। बताया जा रहा है कि पत्रकार ने आम लोगों की परेशानियों से जुड़ा सवाल उठाया और जानना चाहा कि लगातार बिजली कटौती की शिकायतों पर विधायक का क्या कहना है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया और तेजी से अपनी गाड़ी की ओर बढ़ गए। इसके बाद वे वाहन में बैठ गए और ड्राइवर को तुरंत गाड़ी आगे बढ़ाने के लिए कहा।
ड्राइवर पर उतरा गुस्सा
बताया जा रहा है कि किसी कारणवश ड्राइवर ने विधायक के निर्देश पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी। इसी बात पर विधायक नाराज हो गए। वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि विधायक ने ड्राइवर को थप्पड़ मार दिया। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद लोगों के कैमरे में कैद हो गया और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई लोगों का कहना है कि यदि कोई जनप्रतिनिधि जनता के सवालों का जवाब देने से बचता है और उसका गुस्सा अपने कर्मचारियों पर निकलता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों ने तरह-तरह की टिप्पणियां करना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि सवाल बिजली कटौती का था, लेकिन करंट किसी और को लग गया। वहीं कई यूजर्स ने लिखा कि जनता बिजली संकट से परेशान है और सवाल पूछे जाने पर जवाब देने के बजाय ड्राइवर को थप्पड़ मारना अनुचित है।
एक यूजर ने लिखा, “जब जनता बिजली कटौती से परेशान है तो उसके प्रतिनिधि को जवाब देना चाहिए, न कि गुस्सा किसी और पर निकालना चाहिए।” वहीं दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, “नेता जी के पास इतना करंट है कि बिजली विभाग को सप्लाई कर दें तो कटौती खत्म हो जाए।”
कई लोगों ने इसे सत्ता के अहंकार से जोड़ते हुए भी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि जनता की सेवा के लिए चुने जाते हैं और उन्हें अपने सहयोगियों तथा कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए।
विपक्ष को मिला मुद्दा
घटना सामने आने के बाद विपक्षी दलों को भी भाजपा पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार और उसके जनप्रतिनिधियों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि जनता के सवालों से बचना और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करना किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे वीडियो आम जनता के बीच नेताओं की छवि को प्रभावित करते हैं। खासकर तब, जब वीडियो सीधे तौर पर किसी कर्मचारी या आम व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार को दिखाता हो।
जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर बहस
यह घटना केवल एक थप्पड़ तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसने जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और सार्वजनिक व्यवहार पर बहस छेड़ दी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता अपने प्रतिनिधियों से सवाल पूछने का अधिकार रखती है। पत्रकार भी जनता की आवाज बनकर ऐसे मुद्दे उठाते हैं जो सीधे लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली कटौती जैसे मुद्दे आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़े होते हैं। ऐसे में यदि कोई पत्रकार इस विषय पर सवाल पूछता है तो उसका जवाब देना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी मानी जाती है। सवालों से बचना और नाराजगी दिखाना स्थिति को और विवादित बना सकता है।
भाजपा की ओर से नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया
समाचार लिखे जाने तक भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार या पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
लोगों की नजर अब इस बात पर है कि विधायक इस घटना को लेकर कोई सफाई देते हैं या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि पार्टी स्तर पर इस मामले को किस तरह लिया जाता है।
जनता के बीच चर्चा का विषय बनी घटना
चित्रकूट और सतना क्षेत्र में यह घटना चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता के मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हर सार्वजनिक प्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सत्ता और जिम्मेदारी के साथ संयम भी उतना ही जरूरी नहीं है? फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जबकि लोग विधायक की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस