खड़ी पांच 5 बसों में आग लगी, 4 धमाके हुए:अवैध पार्किंग में वेल्डिंग के दौरान हादसा; चश्मदीद बोले- गैस सिलेंडर भी फटे
नवलखा क्षेत्र में बस पार्किंग में खड़ी पांच बसों में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पांचों बसें जलकर खाक हो गईं। शुरुआती जांच में वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से आग लगने की बात सामने आई है।
इंदौर में आगजनी की बड़ी घटना हुई है. सिलेंडर ब्लास्ट की वजह से एक बाद एक कई बसों में आग लग गई. जिसकी लपटे दूर से ही दिखाई दे रही
इंदौर के नवलखा इलाके में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जब अवैध पार्किंग में खड़ी पांच बसों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धुएं और लपटों से भर गया। घटना के दौरान जोरदार धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के दौरान चार बड़े धमाके हुए, जिन्हें लोग गैस सिलेंडर फटने जैसी आवाज बता रहे हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि धमाकों का कारण क्या था। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी बताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार यह घटना इंदौर के Indore के नवलखा क्षेत्र स्थित तीन इमली के पास हुई, जहां लंबे समय से निजी बसों की अवैध पार्किंग की जा रही थी। सुबह के समय एक बस में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान वेल्डिंग मशीन से निकली चिंगारी पास में खड़ी बस के ज्वलनशील हिस्से पर गिर गई, जिससे आग भड़क उठी।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पास में खड़ी एक के बाद एक पांच बसों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में बसें पूरी तरह जलने लगीं और लपटें कई फीट ऊंची उठने लगीं।
धमाकों से दहशत
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के दौरान एक के बाद एक चार धमाकों की आवाजें आईं, जिससे ऐसा लगा जैसे कोई गैस सिलेंडर या बड़ा ईंधन टैंक फट गया हो। धमाकों के बाद आग और ज्यादा भड़क गई, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
घटना स्थल के पास घनी रिहायशी बस्ती होने के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दमकल की कार्रवाई
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
हालांकि तब तक पांच बसें पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थीं और कई अन्य बसों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा था। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
मौके पर 20 से अधिक बसें खड़ी थीं
स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार, घटना के समय मौके पर 20 से अधिक बसें खड़ी थीं। यदि समय रहते अन्य बसों को नहीं हटाया जाता, तो यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था।
कुछ चालकों और स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए अन्य बसों को तुरंत वहां से हटाया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। लेकिन फिर भी आग तेजी से फैल चुकी थी।
अवैध पार्किंग और लापरवाही पर सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय पार्षद ने बताया कि यह इलाका रिहायशी क्षेत्र है, जहां लंबे समय से निजी बसों की पार्किंग और मरम्मत का काम खुलेआम चल रहा था।
पार्षद ने आरोप लगाया कि कई बार इस अवैध पार्किंग और वर्कशॉप को हटाने के लिए शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कदम उठाए जाते तो इस तरह की बड़ी घटना को टाला जा सकता था।
घटना के बाद पार्षद मौके पर धरने पर बैठ गए और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि जब तक इस अवैध पार्किंग को हटाया नहीं जाता, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।
स्थानीय लोगों में गुस्सा
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाके में इस तरह के खतरनाक कामों की अनुमति नहीं होनी चाहिए। बसों की मरम्मत और पार्किंग के कारण हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
लोगों ने कहा कि यदि आग घरों तक फैल जाती, तो बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था। कई लोगों ने प्रशासन की लापरवाही को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने बताया कि घटना में किसी की जान नहीं गई है और आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है।
फायर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह केवल वेल्डिंग की चिंगारी से हुआ हादसा था या इसमें अन्य कारण भी शामिल हैं। साथ ही धमाकों की भी जांच की जा रही है।
गर्मी में बढ़ता आग का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के मौसम में वाहनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसका एक कारण अत्यधिक तापमान और दूसरा लापरवाही होता है।
सूखी पत्तियां, ज्वलनशील पदार्थ और वाहन के इंजन की गर्मी मिलकर आग को तेजी से भड़का सकते हैं। कई बार वाहन में रखी गैस, तेल या अन्य ज्वलनशील पदार्थ भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाते हैं।
सुरक्षा पर बड़ा सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में अवैध पार्किंग और अनियंत्रित वर्कशॉप्स पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे स्थानों को नियमित और नियंत्रित नहीं किया गया, तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।
Indore के नवलखा इलाके में हुई यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और व्यवस्था की कमी का गंभीर उदाहरण है। पांच बसों का जलकर खाक हो जाना और धमाकों से फैली दहशत इस बात की चेतावनी है कि शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है।
फिलहाल प्रशासन जांच में जुटा है और स्थानीय लोग भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस