मंत्री नारायण सिंह भड़के, अफसर को कहा ‘नालायक’: कार्यक्रम में नहीं पहुंचे अधिकारी तो नेताजी का चढ़ा पारा, जोनल अधिकारी निलंबित
ग्वालियर के वार्ड-52 में सड़क निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे। केवल एक पंप ऑपरेटर की उपस्थिति को लेकर कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने नाराजगी जताई।
ग्वालियर में भूमि पूजन के दौरान बवाल, अफसरों की गैरहाजिरी पर मंत्री का फूटा गुस्सा
ग्वालियर के वार्ड 52 में विकास कार्य के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों की अनुपस्थिति से मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा नाराज हो गए। उन्होंने कमिश्नर को फोन कर नाराजगी जताई और एक अधिकारी को फटकार लगाते हुए ‘नालायक’ तक कह दिया।
ग्वालियर के वार्ड-52 में सड़क निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान नगर निगम अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा भड़क गए। उन्होंने मौके से ही नगर निगम आयुक्त को फोन कर नाराजगी जताई और जोनल अधिकारी की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की। मामले में प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जोनल अधिकारी सौरभ शाक्य को निलंबित कर दिया। अधिकारी पर पहले से भी कई लापरवाही और शिकायतों के आरोप सामने आए थे।
वार्ड-52 में भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान लापरवाही उजागर
ग्वालियर नगर निगम के वार्ड-52 में सड़क निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक लापरवाही खुलकर सामने आ गई। तय कार्यक्रम के बावजूद नगर निगम के कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर उपस्थित नहीं हुए। स्थिति यह रही कि पूरे कार्यक्रम में केवल एक पंप ऑपरेटर की मौजूदगी देखी गई, जिससे व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल उठने लगे।
मंत्री की मौजूदगी में सामने आई अव्यवस्था
कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा स्वयं भूमिपूजन कार्यक्रम में मौजूद थे। जैसे ही उन्होंने अधिकारियों की अनुपस्थिति देखी, उनका गुस्सा बढ़ गया। मंच और मौके पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के न पहुंचने को उन्होंने गंभीर प्रोटोकॉल उल्लंघन और सरकारी कार्यक्रम की अनदेखी करार दिया।
नगर निगम आयुक्त को मौके से किया फोन
नाराज मंत्री ने तत्काल नगर निगम आयुक्त संघप्रिय को फोन लगाया और अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एक मंत्री स्तर का कार्यक्रम होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों का गायब रहना सीधी बेइज्जती है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
“नालायक” शब्द पर बढ़ा विवाद
फोन पर बातचीत के दौरान मंत्री ने जोनल अधिकारी की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें “नालायक” तक कह दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी पहले भी लापरवाही कर चुके हैं और लगातार शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं हुआ है।
तुरंत सख्त कार्रवाई, जोनल अधिकारी निलंबित
मंत्री की नाराजगी और निर्देशों के बाद नगर निगम प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। जोनल अधिकारी सौरभ शाक्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनकार्य विभाग निर्धारित किया गया है।
साथ ही प्रशासन ने उपयंत्री बृजेश राजपूत को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है ताकि कार्य प्रभावित न हो।
अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
सूत्रों के अनुसार, संबंधित जोनल अधिकारी के खिलाफ पहले से कई शिकायतें दर्ज थीं। इनमें शामिल हैं—
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का समय पर निराकरण न करना
क्षेत्र में नियमित निरीक्षण की कमी
बिना अनुमति सड़क खुदाई के मामलों में कार्रवाई न करना
भूमिपूजन कार्यक्रम की पूर्व सूचना के बावजूद अनुपस्थित रहना
इन सभी कारणों ने उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंत्री ने दी सख्त चेतावनी
मंत्री कुशवाहा ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा बनी तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
ग्वालियर में यह कोई पहला मामला नहीं है जब जनप्रतिनिधियों और अफसरों के बीच टकराव सामने आया हो। इससे पहले भी नगर निगम की बैठकों में पार्षदों द्वारा विरोध और हंगामे की घटनाएं हो चुकी हैं। कई बार यह मुद्दा विधानसभा तक भी पहुंच चुका है, जहां मंत्रियों ने भी अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक ओर इसे मंत्री की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक सिस्टम पर दबाव और जवाबदेही तय करने की कार्रवाई के रूप में भी चर्चा हो रही है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस