मध्य प्रदेश कांग्रेस 'टैलेंट हंट' से ढूंढेगी प्रवक्ता, BJP का तंज- अनुभव की कमी छिपा रही मध्य प्रदेश कांग्रेस:जीतू पटवारी ने पत्रकारों को भी दिया पार्टी जॉइन करने का ऑफर
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रवक्ता और मीडिया प्रतिनिधियों के चयन के लिए ‘टैलेंट हंट प्रोग्राम’ शुरू किया है। 28 फरवरी तक आवेदन होंगे और योग्यता आधारित प्रक्रिया के तहत प्रदेश स्तर पर 20 प्रवक्ता सहित विभिन्न पदों पर चयन किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस लोगों के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए लगातार कुछ न कुछ नया अभियान करती रही है. पार्टी ने “संगठन सृजन अभियान” चलाने के बाद अब मध्य प्रदेश में पार्टी प्रवक्ताओं के एक नए बैच की भर्ती को लेकर “टैलेंट हंट प्रोग्राम” (Talent Hunt Programme) शुरू करने का ऐलान किया है. इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 28 फरवरी तय की गई है.
एमपी में कांग्रेस प्रवक्ताओं की खोजबीन में लगी हुई है। पार्टी ने इसके लिए टैलेंट हंट प्रोग्राम शुरू किया है। 28 फरवरी तक कांग्रेस प्रवक्ता बनने के इच्छुक लोग आवेदन कर सकते हैं।
प्रवक्ताओें की खोजबीन और चयन के लिए टैलेंट हंट की जानकारी देने के लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, जयवर्द्धन सिंह, महेन्द्र जोशी, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया और मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
पटवारी ने पत्रकारों को दिया ऑफर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम के तहत पत्रकारों और मीडिया से जुड़े लोगों को कांग्रेस से जुड़ने का ऑफर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसे प्रतिभाशाली लोगों की तलाश कर रही है, जो कांग्रेस की विचारधारा को मजबूती से रख सकें और प्रवक्ता की भूमिका निभा सकें।
पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका बेहद अहम है और कई पत्रकार विपक्ष की आवाज को मजबूती से उठाते हैं। ऐसे में जो लोग कांग्रेस की विचारधारा से सहमत हैं, वे टैलेंट हंट के जरिए पार्टी से जुड़ सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत प्रवक्ताओं और मीडिया पैनलिस्ट का चयन किया जाएगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 28 फरवरी रखी गई है और चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी।
लोकतंत्र और कांग्रेस की सोच को मजबूत करने वाले लोगों को मौका नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए मंच है, जो लोकतंत्र और कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की पहल पर शुरू किए गए इस प्रयास का उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को सामने लाना है, जो राजनीतिक मुद्दों पर स्पष्टता के साथ अपनी बात रख सकें।
सिंघार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसे प्रवक्ताओं का चयन करना चाहती है, जो शोध आधारित तथ्यों के साथ टीवी डिबेट और सार्वजनिक मंचों पर मजबूती से पार्टी का पक्ष रख सकें। उन्होंने इसे “पत्थर में छिपे हीरे को तलाशने” की शुरुआत बताया।
टैलेंट हंट: चयन प्रक्रिया और पद
मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने बताया कि टैलेंट हंट प्रक्रिया के तहत सीमित और गुणवत्ता-आधारित चयन किया जाएगा। इसके अंतर्गत केवल 20 प्रदेश प्रवक्ताओं के साथ कुछ मीडिया पैनलिस्ट चुने जाएंगे। संभाग और जिला स्तर पर दो-दो अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त होंगे, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर दो पैनलिस्ट और एक विशेष अंग्रेजी मीडिया पैनलिस्ट का चयन किया जाएगा।
योग्य उम्मीदवारों से प्रवक्ता, शोध कोऑर्डिनेटर और प्रचार-प्रसार कोऑर्डिनेटर के दायित्वों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह कार्यक्रम जिला, संभाग, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभाशाली युवाओं को पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का अवसर देगा।
आवेदन और चयन प्रक्रिया
आज यानी 16 फरवरी से आवेदन फॉर्म जारी कर दिए गए हैं, जिनकी अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। प्राप्त आवेदनों के आधार पर संभाग स्तर पर इंटरव्यू आयोजित होंगे। इंटरव्यू में एआईसीसी द्वारा नामित कोऑर्डिनेटर, टैलेंट हंट कमेटी के सदस्य, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और संबंधित जिला अध्यक्ष संयुक्त रूप से प्रतिभागियों का मूल्यांकन करेंगे।
मुकेश नायक ने कहा कि उद्देश्य संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि सक्षम और शोधपरक प्रतिनिधि तैयार करना है, जो प्रदेश और राष्ट्रीय मंच पर कांग्रेस की विचारधारा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें।
जहां कांग्रेस इसे संगठन का 'रिफ्रेशमेंट' बता रही है, वहीं बीजेपी ने इसे कांग्रेस का 'दिवालियापन' करार दिया है.
हालांकि इस पहल पर बीजेपी ने तंज कसते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं. इस बीच बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा समेत मंत्रियों गोविंद सिंह राजपूत और प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा कि पार्टी में टैलेंट की कमी है, इसलिए बाहर से तलाश की जा रही है.
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने तो कहा कि कांग्रेस को टैलेंट से ज्सादा एक्सपियरेंस की जरूरत है नहीं तो सब एक-एक कार कांग्रेस छोड़ कर चले जाएंगे.कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश की राजनीति में अब प्रवक्ताओं का चयन भी सियासी संग्राम का हिस्सा बन गया है. एक तरफ कांग्रेस नई ऊर्जा के साथ संगठन को धार देने की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे कांग्रेस की मजबूरी बता रही है.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस