मल्लिकार्जुन खरगे के बिगड़े बोल: पीएम मोदी पर ‘आतंकवादी’ टिप्पणी से सियासी भूचाल, पहले भी ‘जहरीला सांप’ और ‘झूठों का सरदार’ जैसे बयान दिए

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को विवादित बयान देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कह दिया. दरअसल, उन्होंने एआईएडीएमके पर पीएम मोदी का साथ देने को लेकर हमला बोला और कहा कि ऐसे गठबंधन की वजह से लोकतंत्र कमजोर होता है. उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह समानता और न्याय में विश्वास नहीं रखती है.

मल्लिकार्जुन खरगे के बिगड़े बोल: पीएम मोदी पर ‘आतंकवादी’ टिप्पणी से सियासी भूचाल, पहले भी ‘जहरीला सांप’ और ‘झूठों का सरदार’ जैसे बयान दिए

खरगे के बयान से सियासत गरम: पीएम मोदी पर ‘आतंकवादी’ टिप्पणी से विवाद, BJP का तीखा पलटवार

कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge एक बार फिर अपने बयान को लेकर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गए हैं। इस बार उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिस पर देशभर में सियासी हलचल तेज हो गई है। तमिलनाडु के वेलाचेरी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए खरगे ने कथित तौर पर पीएम मोदी की तुलना ‘आतंकवादी’ से कर दी। इस बयान के सामने आते ही भाजपा ने इसे मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

रैली में दिया विवादित बयान

मंगलवार को आयोजित इस रैली में Mallikarjun Kharge ने AIADMK और भाजपा के गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे गठबंधन लोकतंत्र को कमजोर करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग अन्नादुरई की विचारधारा की बात करते हैं, वे आखिर कैसे पीएम मोदी के साथ खड़े हो सकते हैं। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “वह एक आतंकवादी हैं,” जिससे विवाद खड़ा हो गया।

यह बयान सामने आते ही भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।

बीजेपी का पलटवार

भाजपा की ओर से इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी गई। पार्टी प्रवक्ता Sambit Patra ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर हमला करते हुए कहा कि यह विपक्ष की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार व्यक्तिगत हमलों की राजनीति कर रही है।

वहीं केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने भी खरगे के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देश और जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है, जिसे विपक्ष पचा नहीं पा रहा है। उन्होंने NDA गठबंधन की मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि जनता लगातार भाजपा और उसके सहयोगियों पर भरोसा जता रही है।

खरगे की सफाई

विवाद बढ़ने के बाद Mallikarjun Kharge ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया है। खरगे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पीएम मोदी को आतंकवादी नहीं कहा, बल्कि उनका आशय यह था कि प्रधानमंत्री विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों को डराने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग (IT) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए कर रही है। उनके अनुसार, यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

परिसीमन और महिला आरक्षण पर भी उठाए सवाल

रैली के दौरान खरगे ने केवल गठबंधन पर ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने संविधान संशोधन और परिसीमन के मुद्दे पर भाजपा पर आरोप लगाया कि वह 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों के पुनर्निर्धारण के जरिए दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ अन्याय करना चाहती है।

खरगे ने कहा कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में सफलता पाई है, उन्हें इस प्रक्रिया में नुकसान हो सकता है। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने को भी “खतरनाक खेल” बताया।

संसद में बिल पर हार का जिक्र

कांग्रेस अध्यक्ष ने लोकसभा में एक प्रस्तावित संविधान संशोधन बिल के पास न हो पाने का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे विपक्ष की एकजुटता की जीत बताया। इस बिल में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने और 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव था।

मतदान के दौरान इस बिल को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका। इसके पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध में मतदान किया।

खरगे ने कहा कि विपक्ष ने इस बिल को रोकने के लिए एकजुट होकर काम किया और कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इसमें नेतृत्व की भूमिका निभाई।

एमके स्टालिन की भूमिका का जिक्र

रैली में खरगे ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M. K. Stalin की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि स्टालिन उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने सबसे पहले इस बिल का विरोध किया। खरगे ने इसे संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

पहले भी विवादों में रहे बयान

यह पहली बार नहीं है जब Mallikarjun Kharge के बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी उन्होंने कई मौकों पर प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखे और विवादित शब्दों में हमला किया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अप्रैल 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक विवादित बयान देते हुए उनकी तुलना "जहरीले सांप" से की थी। खरगे ने कहा था, 'पीएम मोदी जहरीले सांप की तरह हैं। आप सोचेंगे कि यह जहर है या नहीं? अगर आप इसे चखेंगे तो मर जाएंगे।' बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा पीएम को व्यक्तिगत रूप से सांप कहने का नहीं था, बल्कि बीजेपी की विचारधारा को लेकर था, लेकिन इस बयान से राजनीतिक घमासान मच गया था।

2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने एक बयान में कहा था कि अगर कांग्रेस को 40 से ज्यादा सीटें मिल जाती हैं, तो क्या पीएम मोदी दिल्ली के विजय चौक पर फांसी लगाएंगे? इस टिप्पणी को लेकर भी उस समय काफी विवाद हुआ था।

इसके अलावा, उन्होंने पीएम मोदी को “झूठों का सरदार” और “जहरीला सांप” जैसे शब्दों से भी संबोधित किया था, जिस पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।

सियासी माहौल गरम

खरगे के ताजा बयान ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। जहां भाजपा इसे मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर हमला कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे संदर्भ से हटाकर पेश किए जाने का आरोप लगा रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह के बयान राजनीतिक ध्रुवीकरण को और बढ़ा सकते हैं। खासकर जब राष्ट्रीय स्तर के नेता इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तो उसका असर व्यापक होता है।

आगे क्या?

अब देखना होगा कि यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है। भाजपा इस मुद्दे को चुनावी मंचों पर उठाकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश कर सकती है, जबकि कांग्रेस अपने अध्यक्ष के बयान को स्पष्ट करने और नुकसान को सीमित करने की रणनीति अपनाएगी।

फिलहाल, यह मामला यह जरूर दिखाता है कि चुनावी राजनीति में बयानबाजी किस तरह केंद्र में आ जाती है और कैसे एक टिप्पणी पूरे राजनीतिक विमर्श को प्रभावित कर सकती है।