PM मोदी की अपील का असर: मंत्री इंदर सिंह परमार ट्रेन से पहुंचे दमोह, बोले- डीजल बचाना देशहित में जरूरी
PM मोदी की अपील पर ट्रेन से दमोह पहुंचे मंत्री इंदर सिंह परमार, बोले- सार्वजनिक परिवहन अपनाकर डीजल बचाएं
दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार बुधवार रात राजरानी ट्रेन से दमोह पहुंचे
प्रधानमंत्री की अपील पर ट्रेन से दमोह पहुंचे मंत्री इंदर सिंह परमार, बोले- सार्वजनिक परिवहन अपनाकर डीजल बचाएं
देश में बढ़ती वैश्विक चुनौतियों और ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच मध्यप्रदेश सरकार के उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए सार्वजनिक परिवहन के उपयोग का संदेश दिया। मंत्री परमार राजरानी एक्सप्रेस ट्रेन से दमोह पहुंचे, जहां रेलवे स्टेशन पर भाजपा पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया।
दमोह रेलवे स्टेशन पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे, एसडीएम सौरभ गंधर्व, सीएसपी एचआर पांडे सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री के ट्रेन से पहुंचने को भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री के संदेश को व्यवहार में उतारने की पहल बताया।
मीडिया से बातचीत में मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशहित और राष्ट्र के सम्मान को ध्यान में रखते हुए नागरिकों से ईंधन बचाने तथा सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और इसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ सकता है। ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह संसाधनों का सोच-समझकर उपयोग करे।
मंत्री परमार ने कहा कि जब देश किसी चुनौतीपूर्ण दौर से गुजरता है तब जनता का सहयोग सबसे बड़ी ताकत बनता है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का उदाहरण देते हुए कहा कि खाद्यान्न संकट के समय शास्त्री जी ने ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया था और लोगों से एक दिन का उपवास रखने की अपील की थी। उस समय देशवासियों ने अनुशासन और त्याग का परिचय दिया था। आज भी वैसी ही राष्ट्रीय भावना की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण गैस, डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ी है। कई देशों में ऊर्जा संकट की स्थिति बन रही है। भारत अपनी जरूरतों के लिए काफी हद तक दूसरे देशों से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करता है, इसलिए ईंधन की बचत करना समय की मांग है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उद्देश्य केवल बचत करना नहीं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखना भी है। उन्होंने कहा कि भारत का पैसा विदेशी मुद्रा के रूप में बाहर न जाए, इसके लिए भी कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने लोगों से जरूरत के अनुसार ही संसाधनों का उपयोग करने और अनावश्यक खर्च से बचने की अपील की है।
सोने के आयात को लेकर मंत्री परमार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य व्यापारियों या आम लोगों को परेशानी देना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में पहले से उपलब्ध सोने की खरीद पर कोई रोक नहीं है, लेकिन विदेशों से अत्यधिक आयात होने पर विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ता है। इसलिए लोगों से संतुलित व्यवहार अपनाने का आग्रह किया गया है।
मंत्री परमार ने कहा कि भारत में डीजल और पेट्रोल के पर्याप्त प्राकृतिक स्रोत नहीं हैं और हमें इनकी आपूर्ति के लिए बाहरी देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई संकट गहराता है तो उसका असर आम जनता तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि समय रहते सावधानी बरतना ही समझदारी है।
उन्होंने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि बस, ट्रेन और साझा वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने से ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा। मंत्री ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी सीमित वाहनों का उपयोग करते हैं। भोपाल से अपने विधानसभा क्षेत्र जाने के दौरान वे केवल आवश्यक गाड़ियों का ही इस्तेमाल करते हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश केवल सरकारी तंत्र के लिए नहीं बल्कि देश के हर नागरिक के लिए है। यदि सभी लोग मिलकर थोड़ी-थोड़ी बचत करें तो इसका बड़ा सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यदि कोई वैश्विक संकट गहराता है तो भारत को मजबूत बनाए रखने में जनता का सहयोग अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि देश का सम्मान सर्वोपरि है और हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रहित में सहयोग करे। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, ईंधन की बचत और संसाधनों का सीमित उपयोग केवल आर्थिक जरूरत नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है।
मंत्री इंदर सिंह परमार का ट्रेन से दमोह पहुंचना अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री की अपील को जमीनी स्तर पर लागू करने की सकारात्मक पहल बताया है। वहीं कई लोगों ने इसे आम जनता को संदेश देने वाला प्रतीकात्मक कदम भी माना।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस