64 साल बाद बना नया रिकॉर्ड: वीडी सतीशन ने पूरी कैबिनेट के साथ ली शपथ, केरल को मिला नया मुख्यमंत्री

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कहा कि मैं केरलम की जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने एक शानदार जनादेश दिया है। हमें देश के लिए एक अच्छा संदेश देना होगा। हमने जो भी वादे किए हैं, हम उन्हें पूरा करने जा रहे हैं।

64 साल बाद बना नया रिकॉर्ड: वीडी सतीशन ने पूरी कैबिनेट के साथ ली शपथ, केरल को मिला नया मुख्यमंत्री

केरल में वीडी सतीशन सरकार बन गई है. सतीशन ने राज्य के नए सीएम के रूप में शपथ ली

तिरुवनंतपुरम। केरल की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया जब कांग्रेस नेता V. D. Satheesan ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की सत्ता संभाली। राजधानी तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया।

समारोह में Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra और Mallikarjun Kharge समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। शपथ लेने के बाद राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री सतीशन को गले लगाकर बधाई दी, जिसकी तस्वीरें और दृश्य कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बने।

मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद वीडी सतीशन सीधे सचिवालय पहुंचे और औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। नई सरकार ने सत्ता संभालते ही कई बड़े फैसलों की घोषणा कर स्पष्ट संकेत दिया कि प्रशासनिक प्राथमिकताओं में बदलाव देखने को मिलेगा।

64 साल बाद पूरी कैबिनेट के साथ शपथ का ऐतिहासिक क्षण

केरल की राजनीति में यह शपथ ग्रहण इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि राज्य में लगभग 64 वर्षों बाद ऐसा अवसर आया जब किसी मुख्यमंत्री ने पूरी कैबिनेट के साथ शपथ ली।

इससे पहले वर्ष 1962 में राज्य के तीसरे कांग्रेसी मुख्यमंत्री R. Sankar ने अपनी पूरी मंत्रिपरिषद के साथ शपथ ली थी। हालांकि उनकी सरकार वर्ष 1964 में अविश्वास प्रस्ताव के बाद गिर गई थी। अब 2026 में वीडी सतीशन ने इसी परंपरा को दोबारा जीवंत किया है।

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री सहित कुल 20 मंत्रियों को शपथ दिलाई। यह नई कैबिनेट अनुभव और युवा नेतृत्व का मिश्रण मानी जा रही है।

कैबिनेट में 14 नए चेहरे, युवाओं को मिला मौका

नई सरकार की सबसे बड़ी विशेषता मंत्रिमंडल में नए चेहरों की बड़ी भागीदारी है। कुल 14 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। इनमें कई ऐसे नेता शामिल हैं जिन्हें संगठन स्तर पर लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभाने के बाद अब सरकार में जिम्मेदारी मिली है।

पहली बार मंत्री बनने वालों में सीपी जॉन, एन शमसुद्दीन, केएम शाजी, पीके बशीर, वीई अब्दुल गफूर, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदु कृष्णा, टी सिद्दीकी, केए थुलसी और ओजे जनीश जैसे नाम प्रमुख हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने नई पीढ़ी को आगे लाकर भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए संतुलित मंत्रिमंडल तैयार किया है।

विधानसभा में भी कांग्रेस का दबदबा

नई सरकार के गठन के साथ कांग्रेस ने विधानसभा के महत्वपूर्ण पद भी अपने पास रखे हैं।

Thiruvanchoor Radhakrishnan को विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) बनाया गया है, जबकि Shanimol Usman को डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी दी गई है।

विधानसभा अध्यक्ष का औपचारिक चुनाव 22 मई को प्रस्तावित है। वहीं राज्यपाल का नीतिगत अभिभाषण 29 मई को होगा। इसके बाद सरकार 5 जून तक राज्य का बजट पेश कर सकती है।

सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री सतीशन के बड़े फैसले

नई सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनका सीधा असर महिलाओं, युवाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर पड़ सकता है।

1. वित्तीय स्थिति पर जारी होगा श्वेत पत्र

सरकार ने घोषणा की है कि केरल की मौजूदा वित्तीय और राजकोषीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य की आर्थिक स्थिति, कर्ज और वित्तीय चुनौतियों को सार्वजनिक करना बताया गया है।

2. युवा कांग्रेस नेताओं पर हमले की जांच के लिए एसआईटी

सरकार ने वर्ष 2023 की नव केरल यात्रा के दौरान युवा कांग्रेस नेताओं पर हुए हमलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का फैसला किया है।

सरकार का कहना है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

3. आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी

नई सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े आशा कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए उनके मानदेय में 3,000 रुपये की वृद्धि की घोषणा की है।

यह निर्णय लंबे समय से चल रही मांगों को देखते हुए लिया गया है और इससे हजारों महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लाभ मिलने की संभावना है।

4. महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सौगात

सरकार का सबसे चर्चित फैसला महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को लेकर रहा।

मुख्यमंत्री सतीशन ने घोषणा की कि 15 जून से केएसआरटीसी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा मिलेगी। इससे लाखों महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

यह योजना विशेष रूप से कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्रों की यात्रियों के लिए राहत मानी जा रही है।

5. बुजुर्गों के लिए अलग विभाग

यूडीएफ सरकार ने बुजुर्ग नागरिकों के लिए विशेष विभाग गठित करने की भी घोषणा की है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों पर अलग से काम करना बताया गया है।

नई सरकार से बढ़ीं अपेक्षाएं

वीडी सतीशन के नेतृत्व में बनी नई सरकार के सामने आर्थिक चुनौतियां, रोजगार, सामाजिक कल्याण और वित्तीय प्रबंधन जैसे कई बड़े मुद्दे होंगे। हालांकि सत्ता संभालते ही लिए गए फैसलों से सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह सामाजिक योजनाओं और जनहित को प्राथमिकता देने वाली नीति अपनाने जा रही है।

64 साल बाद पूरी कैबिनेट के साथ शपथ और शुरुआती बड़े फैसलों ने केरल की नई सरकार को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सबकी नजरें आने वाले बजट और सरकार की आगे की कार्ययोजना पर टिकी हैं।