CBSE 12वीं का रिजल्ट जारी: 85.20% छात्र पास, कंपार्टमेंट और री-इवैल्यूएशन का भी मिलेगा मौका

Central Board of Secondary Education ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल 85.20% छात्र पास हुए हैं। मध्य प्रदेश के 80,454 और भोपाल के 9,399 छात्रों सहित देशभर के लाखों विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हुआ। छात्र आधिकारिक वेबसाइट, DigiLocker और UMANG ऐप पर रोल नंबर व अन्य जानकारी से अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

CBSE 12वीं का रिजल्ट जारी: 85.20% छात्र पास, कंपार्टमेंट और री-इवैल्यूएशन का भी मिलेगा मौका

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) कक्षा 12वीं की परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है. रिजल्ट उमंग एप और डिजिलॉकर समेत एसएमएस से भी चेक किया जा सकता है.

नई दिल्ली। Central Board of Secondary Education यानी सीबीएसई ने मंगलवार दोपहर 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। रिजल्ट जारी होते ही देशभर के लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया। मध्य प्रदेश के 80 हजार से अधिक विद्यार्थियों सहित भोपाल के हजारों छात्र अब अपना परिणाम ऑनलाइन देख सकते हैं। इस बार कुल 85.20 प्रतिशत छात्र परीक्षा में सफल घोषित किए गए हैं। बोर्ड ने रिजल्ट के साथ छात्रों को कंपार्टमेंट परीक्षा, री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका की कॉपी प्राप्त करने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं।

इस बार परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार रिजल्ट जारी करने से पहले सभी अंकों का कई स्तरों पर सत्यापन किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे।

वेबसाइट और एप पर ऐसे देखें रिजल्ट

सीबीएसई ने 12वीं का परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जारी किया है। छात्र रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी और जन्मतिथि की मदद से लॉग-इन कर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट स्लो होने की संभावना को देखते हुए बोर्ड ने DigiLocker और UMANG एप के माध्यम से भी मार्कशीट डाउनलोड करने की सुविधा दी है।

छात्रों को सलाह दी गई है कि वे रिजल्ट देखने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। कई बार गलत जानकारी भरने से लॉग-इन में परेशानी हो सकती है। डिजिटल मार्कशीट को फिलहाल प्रोविजनल माना जाएगा, जबकि मूल अंकसूची स्कूलों के माध्यम से बाद में उपलब्ध कराई जाएगी।

मध्य प्रदेश के छात्रों में उत्साह

रिजल्ट जारी होते ही मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में छात्रों और अभिभावकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन सहित कई शहरों में विद्यार्थियों ने अच्छे परिणाम आने पर मिठाइयां बांटीं। भोपाल के 9,399 छात्रों समेत प्रदेश के 80,454 विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया था।

कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपने रिजल्ट साझा किए, जबकि अभिभावकों ने भी बच्चों की मेहनत की सराहना की। कुछ स्कूलों ने अपने टॉपर्स की सूची जारी कर उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की है।

फेल छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका

जो छात्र एक या अधिक विषयों में पास नहीं हो सके हैं, उनके लिए सीबीएसई ने कंपार्टमेंट परीक्षा का विकल्प रखा है। इससे विद्यार्थियों का पूरा साल खराब नहीं होगा और उन्हें अपने अंक सुधारने का एक और अवसर मिलेगा।

बोर्ड जल्द ही कंपार्टमेंट परीक्षा का शेड्यूल जारी करेगा। इसके बाद छात्र आवेदन प्रक्रिया पूरी कर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपार्टमेंट परीक्षा छात्रों के लिए बड़ा सहारा साबित होती है, क्योंकि इससे वे दोबारा मेहनत कर बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं।

री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन की सुविधा

कई बार छात्रों को अपने प्राप्त अंकों को लेकर संतुष्टि नहीं होती। ऐसे विद्यार्थियों के लिए बोर्ड ने वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। छात्र निर्धारित शुल्क जमा कर अपनी कॉपियों की दोबारा जांच के लिए आवेदन कर सकेंगे।

इसके अलावा विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे वे देख सकेंगे कि किन प्रश्नों में अंक काटे गए और मूल्यांकन सही तरीके से हुआ या नहीं। बोर्ड जल्द ही इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और तारीखें जारी करेगा।

डिजिटल सिस्टम से हुआ मूल्यांकन

इस वर्ष सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की गई थीं। परीक्षा देशभर में एक शिफ्ट में कराई गई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद बोर्ड ने कॉपियों के मूल्यांकन के लिए डिजिटल सिस्टम का उपयोग किया।

डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के कारण परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी रही। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार इस तकनीक से मानवीय त्रुटियों में कमी आई और रिजल्ट समय पर जारी करने में मदद मिली।

रिजल्ट जारी करने से पहले हुई अंतिम जांच

सीबीएसई ने रिजल्ट जारी करने से पहले सभी डेटा का अंतिम सत्यापन किया। अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से प्राप्त अंकों और रिकॉर्ड का मिलान किया गया। बोर्ड ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी छात्र के अंक गलत दर्ज न हों।

अधिकारियों का कहना है कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरती गई। कई चरणों की जांच पूरी होने के बाद ही परिणाम जारी किया गया।

आगे की पढ़ाई और करियर पर रहेगा फोकस

अब रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों का ध्यान आगे की पढ़ाई और करियर विकल्पों पर रहेगा। कई छात्र इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट और अन्य प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश की तैयारी करेंगे। वहीं कुछ विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं पर फोकस करेंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि जिन छात्रों के अंक उम्मीद से कम आए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। कंपार्टमेंट परीक्षा, री-इवैल्यूएशन और अन्य विकल्प उनके लिए खुले हैं। मेहनत और सही योजना के जरिए वे अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।

छात्रों के लिए बोर्ड की सलाह

सीबीएसई ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। बोर्ड ने कहा कि रिजल्ट को लेकर किसी प्रकार की समस्या आने पर छात्र अपने स्कूल या आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं।

बोर्ड ने यह भी कहा कि परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम फैसला नहीं होता। छात्र धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखें तथा आगे की तैयारी पर ध्यान दें।