बेटी को खोजने के लिए 6 हजार दो!" परिजनों का पुलिस पर आरोप, एक महीने से लापता है 17 वर्षीय किशोरी
छतरपुर के सरबई थाना क्षेत्र से 17 वर्षीय पूनम राजपूत पिछले एक माह से लापता है। परिजनों ने पुलिस पर बेटी की तलाश के लिए वाहन खर्च के नाम पर 6 हजार रुपये मांगने और बेटे का मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। वहीं पुलिस ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि किसी से पैसे नहीं मांगे गए, मोबाइल जांच के लिए लिया गया था और किशोरी की तलाश में कई जगह दबिश दी जा चुकी है। जांच और तलाश अभियान जारी है।
लापता बेटी को खोजने के लिए पुलिस पर 6 हजार रुपए मांगने का आरोप, परिवार ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
'राशन के पैसे भी नहीं, पुलिस 6 हजार मांग रही'—लापता बेटी को लेकर परिवार का दर्द
छतरपुर। जिले के सरबई थाना क्षेत्र से एक 17 वर्षीय किशोरी के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। किशोरी के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी बेटी की तलाश करने के नाम पर उनसे 6 हजार रुपये की मांग की गई। परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए लगातार तलाश अभियान जारी होने का दावा किया है।
जानकारी के अनुसार सरबई थाना क्षेत्र के लोधिनपुर गांव निवासी कालूराम राजपूत और उनके भाई रतीराम राजपूत की 17 वर्षीय बेटी पूनम राजपूत 9 मई 2026 की रात करीब 8 बजे घर से अचानक गायब हो गई थी। परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के गांवों में उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
परिजनों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि बेटी को खोजने के लिए पुलिस द्वारा वाहन खर्च के नाम पर 6 हजार रुपये मांगे गए। परिवार का कहना है कि वे आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और इतनी बड़ी रकम देना उनके लिए संभव नहीं है।
रतीराम राजपूत ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे अतिरिक्त खर्च उठा सकें। उन्होंने कहा कि 6 हजार रुपये उनके परिवार के लिए एक महीने के राशन और दैनिक जरूरतों के खर्च के बराबर हैं। ऐसे में बेटी की तलाश के लिए पैसे मांगना उनके साथ अन्याय है।
परिवार ने यह भी आशंका जताई है कि उनकी बेटी के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। किशोरी को गायब हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है और अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। इस कारण परिवार के सदस्यों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। माता-पिता और अन्य परिजन बेटी की सुरक्षित वापसी के लिए परेशान हैं और प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने पुलिस पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि थाने में मौजूद एक अधिकारी ने उनके बेटे का मोबाइल फोन अभद्रता से छीन लिया। परिवार का आरोप है कि उन्हें सहयोग देने के बजाय पुलिस द्वारा दबाव बनाया जा रहा है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं।
रतीराम राजपूत द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया है कि बेटी के गायब होने के बाद परिवार ने हर संभव स्थान पर उसकी तलाश की। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल पाया। शिकायत में यह आशंका भी व्यक्त की गई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया हो।
मामले को लेकर जब सरबई थाना पुलिस से जानकारी ली गई तो पुलिस ने परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया। पुलिस का कहना है कि बेटी की तलाश के लिए किसी भी प्रकार के पैसे नहीं मांगे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार वाहन खर्च के नाम पर रुपये मांगने का आरोप पूरी तरह गलत और निराधार है।
पुलिस ने बताया कि किशोरी की खोजबीन के लिए विभागीय वाहन से कई संभावित स्थानों पर दबिश दी गई है। अब तक दो बार अलग-अलग जगहों पर तलाश अभियान चलाया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि टीम लगातार सक्रिय है और लड़की का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मोबाइल फोन छीने जाने के आरोप पर भी पुलिस ने अपना पक्ष रखा। अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल केवल जांच प्रक्रिया के तहत लिया गया था, ताकि आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सके। जांच पूरी होने के बाद मोबाइल फोन वापस कर दिया गया था। पुलिस ने किसी भी तरह की अभद्रता या दबाव बनाने के आरोपों से इनकार किया है।
फिलहाल यह मामला पुलिस और परिवार के दावों के बीच उलझा हुआ है। एक ओर परिवार पुलिस पर लापरवाही और पैसे मांगने का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए जांच जारी होने की बात कह रही है। अब निगाहें पुलिस अधीक्षक कार्यालय की कार्रवाई पर टिकी हैं, जहां परिवार ने शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और बेटी की जल्द तलाश की मांग की है।
किशोरी के लापता होने की घटना ने इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग भी मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई और किशोरी की सुरक्षित बरामदगी की अपेक्षा कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस