सिंधिया की बगावत पर सियासी संग्राम: नरोत्तम बोले- कांग्रेस ने खुद अपनी सरकार को खत्म किया, पटवारी ने कहा- कमलनाथ-दिग्विजय की खास केमिस्ट्री

मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के चलते कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी। इस मामले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ और सिंधिया के बीच मतभेदों को जिम्मेदार बताया।दिग्विजय के बयान पर कमलनाथ ने X पर जवाब देते हुए लिखा- ज्योतिरादित्य सिंधिया को लगता था कि दिग्विजय सिंह सरकार चला रहे हैं। इसी नाराजगी में उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ा और हमारी सरकार गिराई।

सिंधिया की बगावत पर सियासी संग्राम: नरोत्तम बोले- कांग्रेस ने खुद अपनी सरकार को खत्म किया, पटवारी ने कहा- कमलनाथ-दिग्विजय की खास केमिस्ट्री

मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ छोटे भाई और बड़े भाई हैं. इन दोनों की केमिस्ट्री किसी को समझ में नहीं आएगी.

मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर पांच साल पुराना जिन्न बाहर निकल आया, जब महज 15 महीने में कमलनाथ सरकार गिर गई थी. अब कांग्रेस के दो दिग्गज नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से सरकार गिराए जाने की अलग-अलग वजहें बताकर राजनीतिक हलचल मचा दी है. वहीं, पुरानी चर्चाएं छिड़ने से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी परेशान हैं. उन्होंने कहा कि दोनों वरिष्ठ नेताओं की केमेस्ट्री किसी की समझ में नहीं आ सकती और वो चर्चा में रहना जानते हैं.

साल 2018 में कांग्रेस 15 साल के राजनीतिक वनवास के बाद सत्ता में लौटी थी, लेकिन यह वापसी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाई. महज 15 महीने बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने 22 समर्थक विधायकों के साथ बीजेपी में चले गए और कमलनाथ सरकार गिर गई.

5 साल बाद कांग्रेस के दो दिग्गजों की तकरार

एक डिजिटल प्लेटफॉर्म को दिए इंटरव्यू में दिग्विजय सिंह ने इसे कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया की पर्सनल लड़ाई बताया और कहा कि इसी वजह से कांग्रेस की सरकार गिर गई. इस पर कमलनाथ ने तुरंत पलटवार किया और कहा कि सरकार इसलिए गिर गई थी, क्योंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया यह समझते थे कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं. 

नरोत्तम बोले- अपनी सरकार को कांग्रेसियों ने चूम-चूमकर मार डाला

पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा की भी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने शायराना अंदाज में तंज कसा है। मिश्रा ने कहा कि तरन्नुम कानपुरी की एक शायरी है… ‘ऐ क़ाफ़िले वालों, तुम इतना भी नहीं समझे थे। लूटा है तुम्हे रहज़न ने, रहबर के इशारे पर।।’ उन्होंने आगे कहा कि काफिला क्यों लुटा था ? कौन दोषी है अब यह सामने आ गया है। कांग्रेस को बुढ़ापे में बच्चा रूपी सरकार हुई थी। इन्होंने उसे चूम चूम कर ही मार डाला। हम तो पहले से कहते थे कि कमलनाथ नहीं दिग्विजय सिंह सरकार चला रहे थे। यही कारण था सरकार गिरने का।

नरोत्त मिश्रा ने कहा कि यह बात कमलनाथ के मंत्री उमंग सिंगार ने भी उस वक्त कही लेकिन कमलनाथ की आंखों पर दिग्विजय ने पट्टी बांध रखी थी और आज कमलनाथ को सच्चाई याद आ रही है। कमलनाथ जब आप सच की राह पर चल ही दिए है तो लगे हाथ यह भी बता दे कि डेढ़ साल की सरकार में सुपर सीएम दिग्विजय सिंह ने आपसे भ्रष्टाचारी फैसले करवाए, नही तो जनता यह मान लेगी की आप दोनों एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ कर सबको गुमराह कर रहे है। असलियत यही है कि आप दोनों के सच ने बता दिया है कि कांग्रेस की नाव जो डूबी उसे कप्तान ने ही छेद कर डुबाया था।

मैं अतीत में नहीं जाना चाहूंगा- सिंधिया

2020 में कांग्रेस में रहे और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से जब बगावत की वजह पूछी गई तो उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया दी. सिंधिया ने कहा, ''मैं अतीत में नहीं जाना चाहूंगा.''

जीतू पटवारी ने क्या कहा?

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष इस पर सफाई देते हुए नजर आ रहे हैं. जीतू पटवारी ने सवाल के जवाब में कहा, ''दिग्विजय सिंह और कमलनाथ छोटे भाई और बड़े भाई हैं. इन दोनों की केमिस्ट्री किसी को समझ में नहीं आएगी. ये दोनों चर्चा में रहना अच्छी तरह से जानते हैं. हमें अतीत को भूलकर भविष्य की ओर सोचना चाहिए.''

मंत्री विश्वास सारंग का कमलनाथ पर हमला

मोहन यादव की सरकार के मंत्री विश्वास सारंग में कमलनाथ के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "अब कमलनाथ को जवाब देना होगा कि क्या वास्तव में उनकी सरकार कोई और चल रहा था. इससे यह भी पता चलता है कि पूरी कांग्रेस गुट और गिरोह में बंटी हुई है.'' कांग्रेस की सरकार गिराने की असल वजह क्या थी? इसका सटीक जवाब मिलना शायद मुश्किल ही है.