मोहन यादव की दिल्ली दौड़ के सियासी मायने: बैठकों के दौर से गर्माई MP की राजनीति, विजयवर्गीय-पटेल की भूमिका पर नजर

मुख्यमंत्री मोहन यादव के दिल्ली दौरे और भाजपा के शीर्ष नेताओं से लगातार बैठकों के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल के हाल की कैबिनेट बैठकों में शामिल नहीं होने से मंत्रिमंडल फेरबदल और संगठन में नई जिम्मेदारियों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में इन मुलाकातों को सत्ता और संगठन के बीच नए समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

मोहन यादव की दिल्ली दौड़ के सियासी मायने: बैठकों के दौर से गर्माई MP की राजनीति, विजयवर्गीय-पटेल की भूमिका पर नजर

MP में सियासी सरगर्मी: कैबिनेट से दूर विजयवर्गीय-पटेल, दिल्ली मुलाकातों से बढ़ीं अटकलें

भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों सियासी दिग्गजों कैबिनेट मंत्री डॉ. मोहन यादव, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल के लगातार कैबिनेट बैठकों में शामिल नहीं होने से राजनीतिक चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है। ऐसे में भोपाल से लेकर दिल्ली तक दिग्गज नेताओं की मुलाकातों के कई मायने निकाले जा रहे हैं। गुरुवार को दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रहलाद पटेल की मुलाकात को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।

दिल्ली बैठकों से बढ़ीं सियासी अटकलें

मध्यप्रदेश की राजनीति में अटकलों का दौर उस वक्त और तेज हो गया जब हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुख्यमंत्री मोहन यादव, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल की एक ही दिन में अलग-अलग मुलाकातें हुईं। इन मुलाकातों के बाद बड़वानी में हुई कृषि कैबिनेट की बैठक में विजयवर्गीय और पटेल का शामिल न होना भी कई सियासी संकेत दे रहा है।

कैबिनेट बैठकों से दूरी पर चर्चा

गौरतलब है कि इस सप्ताह भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में भी ये दोनों मंत्री शामिल नहीं हुए। हालांकि दोनों नेता अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आए। ऐसे में उनके कैबिनेट बैठकों से दूर रहने को सियासी गलियारों में खास नजर से देखा जा रहा है।

मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज

इस बीच प्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि विस्तार में कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है, जबकि कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दी जा सकती है।

राष्ट्रीय राजनीति में नई भूमिका की चर्चा

आने वाले समय में पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा संगठन में नए और अनुभवी चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दिए जाने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।

सीएम मोहन यादव की दिल्ली में सक्रियता

दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की। वहीं कैलाश विजयवर्गीय भी दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं और सांसदों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं।

सीनियर बनाम जूनियर की चर्चा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल दोनों को मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में माना जा रहा था। हालांकि पार्टी ने मोहन यादव को प्रदेश की कमान सौंपी। ऐसे में कैबिनेट में अनुभवी नेताओं की मौजूदगी के बीच समय-समय पर सीनियर बनाम जूनियर की चर्चा भी सामने आती रही है।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यदि भविष्य में विजयवर्गीय और पटेल को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी मिलती है तो इससे प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व की पकड़ और मजबूत हो सकती है।