MP विधानसभा में बच्चोंं की मौत और किसानों को लेकर कांग्रेस का हंगामा: हाथों में खेत का मॉडल और चिड़िया के पुतले लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायक

मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है. यह 5 दिसंबर तक चलेगा. 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी के कारण अवकाश रहेगा. छोटा सत्र होने के कारण पहले ही विपक्ष ने सवाल उठाना शुरु कर दिया है.

MP विधानसभा में बच्चोंं की मौत और किसानों को लेकर कांग्रेस का हंगामा: हाथों में खेत का मॉडल और चिड़िया के पुतले लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायक

BJP सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक 'चिड़िया चुग गई खेत' की झांकी साथ लेकर आए और सरकार को किसान विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल रहा है.

भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन हंगामें से शुरू हुआ. कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर प्रदर्शन किया. इस दौरान खाद , बिजली, कर्ज माफी को लेकर प्रोटेस्ट किया. यही नहीं कांग्रेस विधायक खेत खलिहानों के बोर्ड्स लेकर भी पहुंचे. उधर, सदन के अंदर कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना की तबियत बिगड़ी गई. वह चक्कर खाकर गिर गए थोड़ी देर के लिए सदन की कार्रवाई को रोका गया. विधानसभा अध्यक्ष के कमरे में प्राथमिक उपचार दिया गया. चर्चा के बाद नगर पालिका संशोधन विधेयक सदन में पास हो गया. फिलहाल, 3 बजे तक विधानसभा की कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया है.

ये बीजेपी का छुपा हुआ राजनीतिक एजेंडा- नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

मध्य प्रदेश विधानसभा में नगर पालिका संशोधन विधेयक पारित होने को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- बीजेपी का छुपा हुआ राजनीतिक एजेंडा है. अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव हुए जब भी हॉर्स ट्रेडिंग की गई. अब यह लोग नगर पालिका के चुनाव में वोटर लिस्ट में धांधली करना चाहते हैं. आज नगरों में कोई सुविधा नहीं है. लोग बिजली, पानी, सड़क के लिए परेशान हो रहे हैं. उस पर ध्यान देना चाहिए.

चर्चा के बाद नगर पालिका संशोधन विधेयक पास

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नगर पालिका और नगर परिषद के चुनाव डायरेक्ट कराने के लिए संशोधन विधेयक का प्रस्ताव दिया. उन्होंने कहा- प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव हो इसके लिए ये बिल लेकर आए हैं. मुझे उम्मीद है सभी मिलकर इस बिल को सर्व सम्मति से पास करेंगे. पिछले सालों में देखा गया है पार्षद मिलकर अध्यक्ष पर दबाव बनाते है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं. ऐसे में पक्ष के साथ साथ विपक्ष के विधायक भी चाहते है प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव हों.

इस पर उमंग सिंघार ने कहा- ये BJP का केवल चुनावी हथियार है. इस बिल का राजनैतिक लाभ ज्यादा है. इस बिल से क्या पीने का पानी सड़क बिजली मिल जाएगी. इस बिल के बाद छोटे तबके के व्यक्ति को मौका नही मिल पायेगा. वोटर लिस्ट की गड़बड़ी होगी. नगर पालिका ओर विधानसभा की वोटर लिस्ट अलग होती है. 3 साल के बाद अध्यक्ष हट जाएगा. अध्यक्ष पर सरकार और पार्षद का दबाव होगा.

चर्चा के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब दिया. उन्होंने कहा- राजीव गांधी पंचायती राज चाहते थे. कोविड की वजह से अप्रत्यक्ष किया था. अब राजीव गांधी के सपने को पूरा कर रहे हैं, तो कांग्रेस को दिक्कत हो रही. राजनीतिक पवित्रता के लिए विधेयक लाया गया. राइट टू रिकॉल से डर रहेगा. 5 साल के लिए अधिकार नहीं दिया. हॉर्स ट्रेडिंग हर जगह चल रही. सभी हॉर्स ट्रेडिंग कर रहे इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी है.

किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस का व्हिप नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस विधायकों को थ्री लाइन व्हिप जारी कर किसानों की समस्याओं पर चर्चा के दौरान सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि मतदान हुआ तो सभी विधायक सरकार के खिलाफ वोट करेंगे।

बच्चों की मौत और BLO के मुद्दे पर कांग्रेस का हंगामा सत्र की शुरुआत में ही छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत और इंदौर एमवाय अस्पताल में चूहों द्वारा बच्चों को कुतरने की घटना पर कांग्रेस ने जोरदार हंगामा किया। जोबट विधायक सेना पटेल पूतना के वेश में सदन पहुंचीं और बच्चों के पुतले लेकर विरोध किया। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इन मामलों को कार्रवाई से विलोपित करने की मांग की। इस पर उमंग सिंघार बोले कि मैं केवल बच्चों की मौत पर शोक व्यक्त कर रहा हूं, यह इंसानियत का सवाल है।

BLO मौत और SIR गड़बड़ी पर भी टकराव कांग्रेस ने SIR में गड़बड़ी और काम के दबाव में BLO की मौत का मुद्दा भी उठाया।नेता प्रतिपक्ष ने 8 BLO की मौतों का उल्लेख किया, जिस पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और सदन की मर्यादा का हवाला दिया।

BJP विधायक ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल हुजूर से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भावांतर योजना पर अपनी ही सरकार को घेरा।उन्होंने कहा—भावांतर के सही रेट नहीं बता पा रहे हैं, यह हमारी भी गलती है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनों किसानों को सही जानकारी नहीं दे पा रहे।

सत्र 5 दिसंबर तक, 4 दिन ही बैठेंगी विधानसभा

शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा।हालांकि केवल 4 दिन बैठकें होंगी।3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर स्थानीय अवकाश के कारण विधानसभा की छुट्टी रहेगी।