14 गाड़ियों के काफिले में पहुंचे केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, जनता ने पूछा—'ऐसे बचेगा पेट्रोल-डीजल? फ्लाईओवर निरीक्षण के बीच वीआईपी संस्कृति पर घमासान

14 वाहनों के काफिले के साथ जबलपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, रानी दुर्गावती फ्लाईओवर का किया निरीक्षण; ईंधन बचत को लेकर उठे सवाल

14 गाड़ियों के काफिले में पहुंचे केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, जनता ने पूछा—'ऐसे बचेगा पेट्रोल-डीजल? फ्लाईओवर निरीक्षण के बीच वीआईपी संस्कृति पर घमासान

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद रविवार को एक दिवसीय दौरे पर जबलपुर पहुंचे।

जबलपुर। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद रविवार को एक दिवसीय प्रवास पर जबलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ प्रदेश के सबसे बड़े और बहुचर्चित रानी दुर्गावती फ्लाईओवर का निरीक्षण किया। हालांकि उनके दौरे के दौरान विकास कार्यों से अधिक चर्चा उनके साथ चल रहे लगभग 14 वाहनों के लंबे काफिले की रही। शहर की सड़कों पर जब मंत्री का काफिला गुजरा तो लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

केंद्रीय मंत्री के काफिले में सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक अधिकारियों, प्रोटोकॉल ड्यूटी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़े वाहन शामिल थे। उनके साथ मध्यप्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी मौजूद रहे। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए यह काफिला लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

काफिले को लेकर लोगों ने उठाए सवाल

मंत्री के दौरे के दौरान सबसे अधिक चर्चा उनके वाहन काफिले को लेकर रही। आम नागरिकों का कहना था कि सरकार लगातार लोगों को ईंधन बचाने, पर्यावरण संरक्षण और अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने की सलाह देती है, लेकिन वीआईपी दौरों में बड़ी संख्या में वाहनों का उपयोग कई सवाल खड़े करता है।

कुछ लोगों ने कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, ऐसे में यदि सरकारी कार्यक्रमों में वाहन संख्या सीमित रखी जाए तो एक सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंच सकता है। वहीं कुछ लोगों का मानना था कि केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा और प्रोटोकॉल के कारण ऐसे काफिलों की आवश्यकता होती है और यह प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है।

हालांकि इस विषय पर प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, लेकिन सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना रहा।

रानी दुर्गावती फ्लाईओवर का किया निरीक्षण

जबलपुर प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने शहर की महत्वाकांक्षी रानी दुर्गावती फ्लाईओवर परियोजना का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी विशेषताओं और यातायात व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी ली।

करीब 7 किलोमीटर लंबा यह फ्लाईओवर प्रदेश की प्रमुख अधोसंरचना परियोजनाओं में शामिल है। इसके निर्माण से शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद जताई जा रही है। लंबे समय से ट्रैफिक दबाव झेल रहे मार्गों पर इस परियोजना से राहत मिलने की संभावना है।

फ्लाईओवर को बताया आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने फ्लाईओवर की सराहना करते हुए कहा कि यह आधुनिक इंजीनियरिंग और बेहतर योजना का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वर्षों पहले अमेरिका की यात्रा के दौरान उन्होंने इस प्रकार की उन्नत संरचनाएं देखी थीं और अब जबलपुर में उसी स्तर की अधोसंरचना विकसित होते देखना गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती फ्लाईओवर केवल एक यातायात परियोजना नहीं बल्कि शहर के विकास और आधुनिक सोच का प्रतीक है। इससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी बल्कि शहर की पहचान भी नए स्वरूप में स्थापित होगी।

जबलपुर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा फ्लाईओवर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी शहर के विकास में मजबूत सड़क नेटवर्क और आधुनिक यातायात व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जबलपुर मध्यप्रदेश का एक प्रमुख शहर है और यहां तेजी से बढ़ती आबादी तथा वाहनों की संख्या को देखते हुए इस तरह की परियोजनाएं अत्यंत आवश्यक हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि फ्लाईओवर के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद लोगों का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और यातायात जाम जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी। इसके साथ ही शहर में निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियां गिनाईं

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।

उनके अनुसार सड़कों, रेल नेटवर्क, हवाई अड्डों, डिजिटल कनेक्टिविटी और शहरी विकास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों में एक्सप्रेसवे, फ्लाईओवर, औद्योगिक कॉरिडोर और आधुनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे विकास को नई गति मिली है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य केवल भौतिक अधोसंरचना का निर्माण करना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है।

युवाओं के लिए नई योजनाओं पर काम

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं और नीतियों के माध्यम से युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उद्योग, व्यापार और कौशल विकास से जुड़े कई नए अवसर तैयार होंगे, जिनका लाभ देश के युवाओं को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करना और युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

फ्लाईओवर निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी।

मंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ऐसी परियोजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और देश के शहरों को आधुनिक स्वरूप प्रदान करेंगी।

विकास और व्यवस्था दोनों पर चर्चा

केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का जबलपुर दौरा एक ओर जहां विकास कार्यों और अधोसंरचना परियोजनाओं के निरीक्षण के लिए महत्वपूर्ण माना गया, वहीं दूसरी ओर उनके साथ चल रहे 14 वाहनों के काफिले ने आम लोगों के बीच ईंधन बचत और वीआईपी संस्कृति को लेकर नई बहस भी छेड़ दी। फ्लाईओवर की सराहना और विकास योजनाओं के संदेश के साथ यह दौरा चर्चा का केंद्र बना रहा।