35 बच्चों ने काटी कलाई :रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना, छत्तीसगढ़ के स्कूल में बच्चों ने 'काटे' हाथ; खुद को पहुंचाया नुकसान
छत्तीसगढ़ के धमतरी स्थित एक शासकीय स्कूल में 35 छात्रों ने ब्लेड से अपने हाथ काट लिए हैं। मामला पुराना है। लेकिन एक अभिभावक की शिकायत पर यह पूरा मामला सामने आया है। अब बच्चों के हाथ पर घाव के निशान भरने लगे हैं।
छत्तीसगढ़ के स्कूल में 35 बच्चों ने काटी कलाई: रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना से मचा हड़कंप
धमतरी:जिले के कुरूद ब्लॉक के दहदहा गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां शासकीय माध्यमिक शाला के लगभग 35 बच्चों ने ब्लेड, पिन और कांटे से खुद अपने हाथों को नुकसान पहुंचाया है. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है.
दो महीने से चल रहा था यह सिलसिला
स्कूल के प्राचार्य पुनीत राम साहू ने बताया कि छठवीं से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राएं पिछले करीब दो महीनों से एक-दूसरे को देखकर यह खतरनाक कृत्य कर रहे थे. कई बच्चों के हाथों पर कट के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं.
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया. अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर धमतरी ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आ पाएगा.
बच्चों और पालकों की काउंसलिंग
स्कूल पहुंचकर अधिकारियों ने बच्चों और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग शुरू कर दी है. परिजनों को समझाइश दी गई है कि वे बच्चों पर ध्यान दें और उनके व्यवहार में किसी भी बदलाव को नजरअंदाज न करें.
परिजनों ने जताई चिंता
अभिभावकों का कहना है कि उन्हें स्कूल से फोन कर बुलाया गया और घटना की जानकारी दी गई. उनका मानना है कि स्कूल प्रबंधन को बच्चों की सुरक्षा पर और ज्यादा ध्यान देना चाहिए. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि माता-पिता को भी बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए.
क्या है इसके पीछे की वजह?
फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि बच्चों ने ऐसा क्यों किया. कलेक्टर का भी कहना है कि जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद ही कुछ कह पाना संभव है.
जांच के लिए पहुंची प्रशासनिक टीम
इस पूरे मामले पर कुरूद एसडीएम नभ सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हम मेडिकल टीम, शिक्षा विभाग के अधिकारी के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. इसके साथ ही शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे विद्यार्थियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें. साथ ही बच्चों के माता-पिता को भी बुलाकर समझाइश दी गई कि वे पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की दिनचर्या और व्यवहार पर भी ध्यान रखें.
नशा, मोबाइल गेम या मानसिक दबाव?
स्कूल प्राचार्य पुनीत राम साहू का कहना है कि घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है. गांव में अवैध शराब और नशे की गोलियों की बिक्री की चर्चा भी सामने आई है. हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. कुछ लोगों का संदेह है कि कहीं यह किसी मोबाइल गेम या ऑनलाइन टास्क का प्रभाव तो नहीं है. वहीं, यह भी आशंका जताई जा रही है कि बच्चों ने सिर्फ एक दूसरे की नकल करते हुए यह कदम उठाया होगा. फिलहाल, सभी पहलुओं से जांच की जा रही है.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस