भोपाल-इंदौर मेट्रो का नया दांव: ₹7000 में प्री-वेडिंग शूट की सुविधा, फिल्म शूटिंग और बर्थडे सेलिब्रेशन भी संभव—घाटे से उबरने की कोशिश तेज

Madhya Pradesh Metro Rail Corporation Limited ने भोपाल और इंदौर मेट्रो में घटती सवारी और बढ़ते घाटे को देखते हुए ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ पहल शुरू की है। इसके तहत अब मेट्रो कोच और स्टेशन परिसर में प्री-वेडिंग शूट, फिल्म शूटिंग, बर्थडे पार्टी जैसे आयोजन किए जा सकेंगे। इसके लिए ₹5000 से ₹7000 प्रति घंटा शुल्क तय किया गया है और 15 दिन पहले बुकिंग जरूरी होगी।

भोपाल-इंदौर मेट्रो का नया दांव: ₹7000 में प्री-वेडिंग शूट की सुविधा, फिल्म शूटिंग और बर्थडे सेलिब्रेशन भी संभव—घाटे से उबरने की कोशिश तेज

मेट्रो अब सफर नहीं, जश्न का नया प्लेटफॉर्म

‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ से बढ़ेगी अतिरिक्त कमाई

₹5000 से ₹7000 प्रति घंटे तय किया गया किराया

भोपाल-इंदौर मेट्रो का नया प्रयोग: ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ से बढ़ेगी कमाई, ₹7000 में प्री-वेडिंग शूट से लेकर बर्थडे तक की सुविधा,मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर में शुरू हुई मेट्रो सेवा अब सिर्फ परिवहन का साधन नहीं रह जाएगी, बल्कि जश्न और क्रिएटिव गतिविधियों का नया मंच बनने जा रही है। लगातार घटती सवारी और बढ़ते घाटे से जूझ रही मेट्रो ने अब कमाई बढ़ाने के लिए एक अनोखा और आकर्षक कदम उठाया है। Madhya Pradesh Metro Rail Corporation Limited (एमपीएमआरसीएल) ने ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ नाम से नई पहल शुरू की है, जिसके तहत लोग मेट्रो परिसर और कोच का उपयोग प्री-वेडिंग शूट, फिल्म शूटिंग, वेब सीरीज, जन्मदिन समारोह और अन्य आयोजनों के लिए कर सकेंगे।

मेट्रो अब सिर्फ सफर नहीं, जश्न का प्लेटफॉर्म

अब तक मेट्रो को केवल यात्रा के साधन के रूप में देखा जाता था, लेकिन बदलते समय और लोगों की नई लाइफस्टाइल को देखते हुए इसे एक मल्टी-यूज़ स्पेस में बदलने की कोशिश की जा रही है। ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ इसी सोच का परिणाम है। इस पहल के जरिए मेट्रो प्रबंधन चाहता है कि लोग अपनी जिंदगी के खास पलों को आधुनिक और सुरक्षित माहौल में मना सकें।

मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, यह पहल शहरी संस्कृति को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जहां लोग अब पारंपरिक स्थानों के बजाय कुछ नया और अलग अनुभव चाहते हैं। मेट्रो के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यह एक आकर्षक विकल्प बन सकता है।

कितनी होगी फीस और क्या है बुकिंग प्रक्रिया

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए लोगों को प्रति घंटे के हिसाब से शुल्क देना होगा।

स्थिर (खड़ी) मेट्रो कोच: ₹5000 प्रति घंटा

गतिशील (चलती) मेट्रो कोच: ₹7000 प्रति घंटा

इसके अलावा, हर आयोजन के लिए संबंधित व्यक्ति को ₹20,000 का सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होगा, जो आयोजन के बाद नियमों का पालन होने पर वापस कर दिया जाएगा।

बुकिंग के लिए कम से कम 15 दिन पहले आवेदन करना अनिवार्य होगा। इससे मेट्रो प्रशासन को सुरक्षा, समय और संचालन व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सभी आयोजनों को निर्धारित समय स्लॉट में ही अनुमति दी जाएगी, ताकि नियमित यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

किन-किन गतिविधियों की मिलेगी अनुमति

‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ के तहत कई तरह की गतिविधियों को मंजूरी दी गई है, जैसे—

प्री-वेडिंग फोटोशूट

फिल्म और वेब सीरीज शूटिंग

डॉक्यूमेंट्री और विज्ञापन निर्माण

जन्मदिन समारोह

किटी पार्टी

प्रोफेशनल फोटोग्राफी

इस पहल के जरिए मेट्रो अपने खाली समय और कम उपयोग हो रहे संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहती है।

लोगों की संख्या और नियम

मेट्रो प्रबंधन ने आयोजनों के लिए कुछ सीमाएं भी तय की हैं।

एक आयोजन में अधिकतम 50 लोगों को अनुमति होगी

इससे अधिक लोगों पर सामान्य मेट्रो किराया लागू होगा

सभी प्रतिभागियों की स्टेशन पर सुरक्षा जांच अनिवार्य होगी

यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आयोजन के दौरान मेट्रो के संचालन या सुरक्षा में कोई बाधा न आए।

सख्त सुरक्षा नियम और पाबंदियां

मेट्रो परिसर में अनुशासन बनाए रखने के लिए कुछ सख्त नियम लागू किए गए हैं—

शराब का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित

बीड़ी-सिगरेट और धूम्रपान पर रोक

पटाखे या ज्वलनशील वस्तुएं लाने की मनाही

किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई

मेट्रो प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और हर आयोजन पर निगरानी रखी जाएगी।

घाटे से उबरने की रणनीति

भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर 2025 को हुआ था और 21 दिसंबर से इसे आम जनता के लिए शुरू किया गया। शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या अच्छी रही, लेकिन धीरे-धीरे फुटफॉल में गिरावट देखने को मिली। यह स्थिति मेट्रो प्रबंधन के लिए चिंता का कारण बन गई।

मेट्रो जैसी बड़ी परियोजनाओं में भारी निवेश होता है और संचालन के लिए निरंतर आय जरूरी होती है। ऐसे में सिर्फ टिकट से मिलने वाली कमाई पर्याप्त नहीं होती। यही वजह है कि अब मेट्रो प्रशासन वैकल्पिक आय के स्रोत तलाश रहा है।

‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, बल्कि मेट्रो की ब्रांडिंग भी मजबूत होगी।

प्रबंधन का क्या कहना है

एमपीएमआरसीएल के प्रबंध संचालक एस कृष्ण चैतन्य ने इस पहल को लेकर कहा कि यह योजना शहरों की बदलती जीवनशैली और लोगों की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उनका मानना है कि इससे मेट्रो आम लोगों के जीवन का हिस्सा बनेगी और लोग इसे सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि अनुभव के रूप में देखेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल से मेट्रो को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी और सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बड़ा मौका

आज के समय में सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट का दौर है। लोग यूनिक लोकेशन पर शूट करना पसंद करते हैं। मेट्रो का आधुनिक लुक, क्लीन डिजाइन और लाइटिंग इसे शूटिंग के लिए एक शानदार लोकेशन बना सकता है।

खासतौर पर—

यूट्यूबर्स

इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स

फिल्म मेकर्स

फोटोग्राफर्स

के लिए यह एक नया और किफायती विकल्प बन सकता है।

प्री-वेडिंग शूट का नया ट्रेंड

प्री-वेडिंग शूट आजकल शादी का अहम हिस्सा बन चुका है। लोग अलग-अलग और यूनिक लोकेशन की तलाश में रहते हैं। मेट्रो में शूटिंग की अनुमति मिलने से यह ट्रेंड और भी बढ़ सकता है।

कम खर्च में एक मॉडर्न और स्टाइलिश बैकग्राउंड मिलना कपल्स के लिए आकर्षक विकल्प होगा।

क्या यह प्रयोग सफल होगा?

यह पहल कितनी सफल होगी, यह आने वाला समय बताएगा। लेकिन इतना जरूर है कि मेट्रो प्रशासन ने एक अलग सोच के साथ कदम उठाया है।

अगर—

सही मार्केटिंग की जाए

लोगों को जानकारी दी जाए

प्रक्रिया आसान रखी जाए

तो यह पहल मेट्रो के लिए आय का अच्छा स्रोत बन सकती है।

भोपाल और इंदौर मेट्रो का ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ प्रयोग न केवल एक नई सोच को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि सरकारी संस्थाएं अब नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। यह पहल मेट्रो को सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट सिस्टम से आगे ले जाकर एक सामाजिक और सांस्कृतिक स्पेस में बदल सकती है।

घटती सवारी और बढ़ते घाटे के बीच यह कदम मेट्रो के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। अगर लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला, तो आने वाले समय में देश के अन्य शहरों में भी इस तरह की पहल देखने को मिल सकती है।