CAIT टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से सूरत की अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी एवं एयर कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता देने की मांग की -चम्पालाल बोथरा (CAIT)
CAIT टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सूरत की अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी और एयर कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की मांग की है।
“विकसित भारत 2047” विजन के तहत सूरत को वैश्विक एक्सपोर्ट हब बनाने पर जोर
सूरत से सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा विकसित करने की मांग
एयर कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक व्यवस्था मजबूत करने का प्रस्ताव
MSME और व्यापारियों को बेहतर एयरफेयर नीति की आवश्यकता
CAIT टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी द्वारा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को एक विस्तृत प्रतिनिधित्व सौंपकर “विकसित भारत 2047”, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA), PM MITRA, मेक इन इंडिया एवं PM गति शक्ति जैसे राष्ट्रीय विजन को मजबूत करने हेतु सूरत की अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी, एयर कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर एवं लॉजिस्टिक व्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
यह प्रतिनिधित्व CAIT टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री चम्पालाल बोथरा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें सूरत को देश के सबसे बड़े सिंथेटिक टेक्सटाइल, MMF (मैन मेड फाइबर), गारमेंट एवं डायमंड एक्सपोर्ट हब के रूप में उल्लेखित किया गया।
प्रतिनिधित्व में कहा गया कि सूरत देश के सबसे बड़े औद्योगिक एवं निर्यात केंद्रों में शामिल होने के बावजूद आज भी पर्याप्त अंतरराष्ट्रीय उड़ान सुविधाओं एवं आधुनिक एयर कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर से वंचित है। व्यापारियों, निर्यातकों एवं MSME इकाइयों को मुंबई एवं अहमदाबाद जैसे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय, लॉजिस्टिक लागत एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
कमेटी ने यह भी बताया कि ई-कॉमर्स एवं डिजिटल व्यापार के विस्तार के कारण सूरत देश का एक प्रमुख सप्लाई एवं डिस्पैच हब बन चुका है। प्रतिदिन लाखों पार्सल Amazon, Flipkart, Myntra एवं Meesho जैसे प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से देशभर में भेजे जाते हैं। साथ ही टेक्सटाइल, गारमेंट, डायमंड एवं औद्योगिक उत्पादों की भारी मात्रा सड़क, रेल एवं अन्य माध्यमों से देश-विदेश तक पहुंचाई जाती है।
कमेटी द्वारा सरकार से निम्न प्रमुख मांगें रखी गईं:
• सूरत को पूर्ण विकसित अंतरराष्ट्रीय यात्री एवं एयर कार्गो हब घोषित किया जाए।
• सूरत से दुबई, सिंगापुर, बैंकॉक, हांगकांग, दोहा, कोलंबो, लंदन सहित प्रमुख वैश्विक व्यापारिक शहरों के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू की जाएं।
• देश के प्रमुख औद्योगिक एवं व्यापारिक शहरों हेतु घरेलू उड़ानों का विस्तार किया जाए।
• MSME, छोटे व्यापारियों एवं मध्यमवर्गीय यात्रियों के लिए संतुलित एवं तर्कसंगत एयरफेयर नीति लागू की जाए।
• टेक्सटाइल, गारमेंट एवं डायमंड उद्योग हेतु समर्पित एयर कार्गो कॉरिडोर विकसित किया जाए।
• सूरत-हजीरा क्षेत्र को इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल एवं एक्सपोर्ट लॉजिस्टिक्स ज़ोन के रूप में विकसित किया जाए।
• कंटेनर उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं लॉजिस्टिक लागत कम करने हेतु विशेष नीति लागू की जाए।
• एयरलाइन कंपनियों को सूरत से दीर्घकालिक संचालन हेतु प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान किया जाए।
• सूरत टेक्सटाइल क्लस्टर को PM गति शक्ति एवं Dedicated Freight Corridor (DFC) नेटवर्क से अधिक प्रभावी रूप से जोड़ा जाए।
• FTA आधारित निर्यात वृद्धि हेतु “सूरत एक्सपोर्ट कनेक्टिविटी मिशन” प्रारंभ किया जाए।
इस अवसर पर CAIT टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री चम्पालाल बोथरा ने कहा कि सूरत में भारत का वास्तविक “ग्लोबल एक्सपोर्ट गेटवे” बनने की अपार क्षमता है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कमेटी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत सरकार सूरत की औद्योगिक शक्ति एवं राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उसके योगदान को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस