सहकारी आंदोलन को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस पहल, डीएम की अध्यक्षता में डीसीडीसी की बैठक सम्पन्न 

जिले में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी (DCDC) की बैठक हुई। बैठक में सहकारिता से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मत्स्य विभाग में 12 नई समितियों सहित कुल 51 समितियाँ गठित हुईं, दुग्ध विभाग में 2 नई समितियाँ बनीं और 3 का पुनर्गठन हुआ, जबकि नंद बाबा मिशन के तहत 10 नई समितियाँ गठित की गईं। जनपद में 9 नई बी-पैक्स समितियों को अनुमोदन मिला, जिन्हें शीघ्र क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए।

सहकारी आंदोलन को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस पहल, डीएम की अध्यक्षता में डीसीडीसी की बैठक सम्पन्न 

सुनील शर्मा

सहकारिता योजनाओं की समीक्षा में नई समितियों के गठन और गोदाम निर्माण को मिली मंजूरी

उरई । सहकारी आंदोलन को जमीनी स्तर पर सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गठित डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में सहकारिता से जुड़ी विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता द्वारा अवगत कराया गया कि विगत बैठक दिनांक 30 जून 2025 में लिए गए निर्णयों के क्रम में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। समीक्षा में बताया गया कि मत्स्य विभाग के अंतर्गत 12 नवीन समितियों के गठन के साथ अब कुल 51 समितियां गठित हो चुकी हैं, जिससे मछुआ समुदाय को संगठित कर स्वरोजगार एवं आयवर्धन के अवसर सृजित हुए हैं। इसी प्रकार दुग्ध विभाग में जिला योजना के अंतर्गत 02 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जबकि 03 समितियों का पुनर्गठन कर उन्हें पुनः सक्रिय बनाया गया है। नंद बाबा मिशन के अंतर्गत 10 नई सहकारी समितियों का गठन पूर्ण कर लिया गया है, जिससे दुग्ध उत्पादन एवं विपणन को नई गति मिली है। बैठक में यह भी बताया गया कि सहकारिता विभाग द्वारा जनपद में कुल 09 बी-पैक्स समितियों का गठन किया जा चुका है, जिनका डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी द्वारा अनुमोदन किया गया। 
जिलाधिकारी ने इन सभी बी-पैक्स समितियों को शीघ्र क्रियाशील किए जाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इसके अतिरिक्त जनपद की बी-पैक्स लिमिटेड कैलिया, बी-पैक्स लिमिटेड नदीगांव तथा क्रय-विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड उरई में उपलब्ध उस भूमि का भी अनुमोदन किया गया, जो समिति के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। इन स्थलों को सहकारिता विभाग की विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत 500 मीट्रिक टन अथवा उससे अधिक क्षमता के गोदामों के निर्माण हेतु चयनित किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि इन गोदामों के निर्माण से जनपद में दलहन एवं तिलहन फसलों की आच्छादित भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे किसानों को उपज सुरक्षित रखने, उचित मूल्य प्राप्त करने तथा विपणन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।