विधानसभा में कांग्रेस विधायक का शीर्षासन: 15 FIR हटाने की मांग पर अनोखा विरोध, बोले– ‘मर जाऊंगा लेकिन डरूंगा नहीं’
विधानसभा के बजट सत्र का आज 10वां दिन है। विधानसभा परिसर में शिवपुरी जिले के कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने शीर्षासन किया। दरअसल, शिवरात्रि पर शिव बारात के दौरान हर्ष फायरिंग के मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर उन्होंने विरोध जताया।
भोपाल में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन कर अनोखा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की।
मध्यप्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Vidhan Sabha) में शुक्रवार को उस समय अनोखा दृश्य देखने को मिला जब कांग्रेस विधायक (Congress MLA) बाबू जंडेल (Babu Lal Jandel) ने सदन के भीतर ही शीर्षासन कर सरकार (MP Government) और प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध (Protest) दर्ज कराया. उनका कहना है कि सरकार उन्हें और उनके समर्थकों को फ़र्जी मामलों में फंसाने की कोशिश कर रही है.
एक महीने में 3 FIR, अब तक कुल 15 केस दर्ज” : जंडेल का आरोप
विधायक बाबू जंडेल ने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में पिछले एक महीने में उनके खिलाफ तीन नई FIR दर्ज की गई हैं, जबकि कुल मामलों की संख्या अब 15 तक पहुँच चुकी है. उनका कहना है कि वे हर बार किसानों और आम जनता के मुद्दे उठाते हैं, जिसके बाद उनके ऊपर झूठी FIR दर्ज कर दी जाती है. उन्होंने कहा कि राज्य में अपराधियों पर कार्रवाई नहीं हो रही, लेकिन चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर निरंतर प्रहार किया जा रहा है. जंडेल का आरोप है कि “बीजेपी नेता फायरिंग करते हैं, डांस करते हैं, लेकिन उन पर कोई FIR नहीं होती. मैं शिव बारात में पटाखा फोड़ता हूँ तो मेरे ऊपर केस दर्ज कर दिया जाता है.”
“मर जाऊँ लेकिन सरकार से नहीं डरूंगा” : जंडेल
उग्र तेवरों में जंडेल ने कहा कि यदि केस वापस नहीं लिए गए तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि “चाहे जेल जाना पड़े, गोली खाकर मर जाना पड़े, मैं सरकार से नहीं डरने वाला.” उन्होंने गांधीजी की प्रतिमा के समक्ष प्रणाम करते हुए कहा कि यदि गांधीजी आज जिंदा होते तो यह अन्याय देखकर क्या सोचते.
कांग्रेस का समर्थन: “सरकार विधायक‑विरोधी”
कांग्रेस विधायक महेश परमार ने बाबू जंडेल का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार चुने हुए जनप्रतिनिधियों को निशाने पर ले रही है. परमार ने कहा कि जब सभी रास्ते बंद हो गए, तभी जंडेल को यह तरीका अपनाना पड़ा.
खुशी में किया था हर्ष फायर
बाबू जंडेल ने कहा कि 15 फरवरी को हमारे क्षेत्र में यज्ञ का कार्यक्रम था. कार्यक्रम में ब्राह्मण और साधु-संत मौजूद थे. मैंने शिवजी का चौतरा बनाकर विधि-विधान से तीन दिन तक हवन कराया, भगवान की स्थापना कराई. इसके बाद शिव बारात का कार्यक्रम रखा गया. बारात में पालकियों और घोड़ों पर साधु-संत और ब्राह्मण सवार थे, पटाखे चल रहे थे. उन्होंने कहा कि मेरे पास एक चढ़ीमार का एक राउंड था, जो दावत का राउंड होता है. भगवान की खुशी में मैंने हर्ष फायर किया. मेरे पास कोई एके 47 नहीं थी. मैं कोई उग्रवादी नहीं हूं, बल्कि यज्ञ का यजमान था.
'मेरे खिलाफ अक्सर दर्ज होती है एफआईआर'
विधायक ने कहा कि इससे तीन महीने पहले दिसंबर में मैंने गायों के मुद्दे को लेकर आंदोलन किया था और कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया था, उस समय भी मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. विधायक बाबू जंडेल ने कहा कि मुझ पर अक्सर एफआईआर दर्ज की जाती हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने सात मामलों में मुझे बरी किया है. अगर सरकार यह केस वापस नहीं लेती है तो मैं गांधी आश्रम में भी आंदोलन करूंगा और सड़क पर उतरकर भी आंदोलन करूंगा
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस