अपने ही गिरते हैं नशेमन पे बिजलियां अकोदिया क्षेत्र में खुलेआम कच्ची शराब का व्यापार जोरों पर

अकोदिया क्षेत्र में खुलेआम कच्ची शराब का व्यापार चरम पर है। नगर के कई मोहल्लों—जैसे रेलवे पटरी पार, सुंदरसी बस स्टैंड, जाटपुरा, संजय कॉलोनी, अकोदिया गांव, फूलने कोलिया और चपाड़िया—में कच्ची शराब खुलेआम बेची जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा

अपने ही गिरते हैं नशेमन पे बिजलियां अकोदिया क्षेत्र में खुलेआम कच्ची शराब का व्यापार जोरों पर

अजय राज केवट माही

प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस भोपाल मध्य प्रदेश 

अकोदिया में कच्ची शराब का कारोबार बेखौफ जारी, आबकारी विभाग की अनदेखी से बढ़ रहा नशे का जाल

अकोदिया,नगर में जोर सोर से बिक रही है कच्ची शराब कुछ मोहल्ले तो कच्ची शराब कहां मिलती है इस नाम से जाने जाते हैं जैसे रेलवे पटरी पार रेलवे फाटक के पास सुंदरसी बस स्टैंड चौराहा जाटपुरा संजय कॉलोनी अकोदिया गांव फूलने कोलिया चपाड़िया ऐसी बहुत सी जगह चिन्हित कर रखी है कच्ची शराब के लिए वहां जब पहुंचोगे जब आपको कच्ची शराब उपलब्ध हो जाएगी क्योंकि आबकारी विभाग इस मामले को नजरअंदाज करके चल रहे हैं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले पटरी पार कच्ची शराब बेचने वाले को आबकारी अधिकारी ने पुलिस की भाषा में समझाइए देकर छोड़ दिया लेकिन कच्ची शराब बेचने वाले के हौसले इतने बुलंद हैं कि उनको आबकारी विभाग का कोई डर नहीं कच्ची शराब पीने से कितने ही लोगों की रेलवे प्लेटफार्म पर मौत हो चुकी है क्योंकि सुनसान एरिया वही है जहां पर कच्ची शराब लेकर आदमी वही पीकर सो जाता है या फिर कुछ लोग कच्ची शराब पीकर मार्केट में धूम मचाते हैं मोबाइल चुराते हैं चोरियां करते हैं क्योंकि उनको तो रोज कच्ची शराब पीने के लिए पैसा चाहिए इसलिए चोरी भी करेंगे मोबाइल भी चुराएंगे लूट मार भी करेंगे जाट पुरा के मोहल्ले वालों ने बताया कि हमारे मोहल्ले में तो दूध की डेरी जिस हिसाब से चलती है उसे हिसाब से कच्ची शराब की डेरी चल रही है मोहल्ले वालों इतने परेशान है कि कच्ची शराब पीकर उसी मोहल्ले में लोग अपने नशे की धूम मचाते हैं कितनी ही बार तो वहां पर इस मामले को लेकर मारपीट भी हो गई लेकिन प्रशासन कच्ची शराब पर पाबंदी क्यों नहीं लग रहे हैं क्या आबकारी अधिकारी वहां भी अपना ध्यान आकर्षित करना चाहेंगे कुछ कच्ची शराब बेचने वाले किसी जनप्रतिनिधि आबकारी एवं पुलिस प्रशासन से अपने अच्छे संबंध को वाला देकर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं 

कच्ची शराब का नशा इतना चल रहा है कि लाइसेंस की शराब भी अपनी लिमिट के अंदर बिकना बंद हो गई है क्योंकि वहां पर ₹80 में क्वार्टर मिलता है एवं कच्ची शराब बेचने वाले के यहां ₹30 में ही नशा आ जाता है फिर ठेके पर ₹80 का क्वार्टर क्यों लेने जाएंगे जब हर गली मोहल्ले में ही₹30 में शराब मिल रही है तो अब देखते हैं आबकारी विभाग कच्ची शराब को लेकर अपनी नींद से जागेंगे या नहीं